भारत-नेपाल सीमा पर चालकों और एजेंट की हड़ताल,फंसे 200 से ज्यादा ट्रक; आयात-निर्यात पूरी तरह ठप

पार्किंग पास जारी होने में देरी से डबल पार्किंग की समस्या बढ़ गई है। इससे फल, सब्जी और अन्य जल्दी खराब होने वाले सामान समय पर नेपाल नहीं पहुंच पा रहे हैं। निर्यातकों का कहना है कि इससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उधर प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी। 

Jun 02, 2026 - 10:52
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भारत-नेपाल सीमा पर चालकों और एजेंट की हड़ताल,फंसे 200 से ज्यादा ट्रक; आयात-निर्यात पूरी तरह ठप


 भारत-नेपाल सीमा पर स्थित एकीकृत चेक पोस्ट (आईसीपी) पर अव्यवस्थाओं के विरोध में सोमवार को कस्टम हाउस एजेंटों, क्लीयरिंग एजेंटों और ट्रक चालकों ने कार्य बहिष्कार कर बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी। इससे सीमा पार आयात-निर्यात पूरी तरह ठप हो गया और आईसीपी परिसर में 200 से अधिक ट्रक फंस गए। 


प्रदर्शनकारियों ने लैंड पोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एलपीएआई) प्रबंधन पर मनमानी, अभद्र व्यवहार और बुनियादी सुविधाएं न देने का आरोप लगाया। सीमा शुल्क आयुक्त को भेजे ज्ञापन में कहा गया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद पार्किंग पास जारी करने में देरी, गेट पास की जटिल प्रक्रिया और कर्मचारियों की कार्यशैली से ट्रांसपोर्टरों व निर्यातकों को रोजाना भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। 


क्लीयरिंग एजेंटों का कहना है कि पहले व्यवस्थाएं सुचारु थीं, लेकिन नई प्रबंधन व्यवस्था के बाद समस्याएं लगातार बढ़ी हैं। उनका आरोप है कि करोड़ों रुपये की लागत से बने आईसीपी का संचालन मनमाने तरीके से किया जा रहा है, जिससे भारत-नेपाल व्यापार प्रभावित हो रहा है। 


व्यापारी विजय जायसवाल ने बताया कि नेपाल जाने वाले पेट्रोलियम टैंकरों की निकासी में पहले दो घंटे लगते थे, लेकिन अब आठ घंटे से अधिक समय लग रहा है। भीषण गर्मी में डीजल, पेट्रोल और गैस से भरे दर्जनों टैंकर खड़े रहने से हादसे का खतरा बढ़ गया है, लेकिन प्रबंधन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। 


ट्रक चालक मोहम्मद हफीज, राजेश कुमार और हनीफ ने बताया कि आईसीपी परिसर में न तो समुचित कैंटीन की व्यवस्था है और न ही शुद्ध पेयजल व शौचालय की सुविधा। यदि कोई चालक खाना बनाता है तो उस पर एक हजार रुपये जुर्माना लगाया जाता है। ऐसे में चालक अमानवीय परिस्थितियों में काम करने को मजबूर हैं।


प्रदर्शनकारियों ने बिना शिपिंग बिल वाहनों के प्रवेश की अनुमति, गेट पास में संशोधन की सरल व्यवस्था, ड्राइवरों के लिए बैठने और भोजन-पानी की सुविधा, आयात कार्गो को आईजीएम नंबर के बिना प्रवेश की अनुमति तथा कर्मचारियों के शालीन व्यवहार की गारंटी की मांग उठाई। इसके अलावा एक कर्मचारी को हटाने की भी मांग की गई।


पार्किंग पास जारी होने में देरी से डबल पार्किंग की समस्या बढ़ गई है। इससे फल, सब्जी और अन्य जल्दी खराब होने वाले सामान समय पर नेपाल नहीं पहुंच पा रहे हैं। निर्यातकों का कहना है कि इससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उधर प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, हड़ताल जारी रहेगी। 

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Vidushi Mishra

Sub Desk Editor at NewsASR.Com

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