साथी की तलाश में फंसी महिला! मेट्रिमोनियल साइट पर हुई दोस्ती, UK में रहने का झांसा देकर ठगे 4 लाख

कुछ दिनों तक बातचीत के बाद बताया कि उसे बड़ा कांट्रैक्ट मिला है और खुशी में उसको गिफ्ट भेज रहा है। अगले दिन खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति का फोन आया। उसने पार्सल छुड़ाने के नाम पर पहले आठ हजार रुपये और बाद में कस्टम शुल्क, टैक्स व अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के नाम पर कई किश्तों में रकम जमा करा ली। इसके बाद मुंबई आने के लिए कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया। उसे फोन करके बताया तो उसने खुद ही मुंबई आने की बात कही और फिर वीडियो काल पर टिकट व वीजा दिखाया। मुंबई पहुंचकर बताया कि वह कस्टम अधिकारियों के चक्कर में फंस गया और रोते हुए मदद मांगी, जिसके झांसे में आकर उन्होंने जेवर गिरवी रख दिए और फिर भेजे गए स्नैकर से रुपये ट्रांसफर कर दिए।

साथी की तलाश में फंसी महिला! मेट्रिमोनियल साइट पर हुई दोस्ती, UK में रहने का झांसा देकर ठगे 4 लाख


 हमसफर की तलाश में मेट्रिमोनियल साइट पर रजिस्ट्रेशन करना बर्रा की एक महिला को भारी पड़ गया। विदेशी कारोबारी बन संपर्क करने वाले साइबर ठग ने पहले भरोसा जीता, फिर गिफ्ट पार्सल और कस्टम शुल्क का झांसा देकर करीब चार लाख रुपये ठग लिए। पीड़िता ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई है।

महिला ने बताया कि पहली शादी से उनका एक बच्चा है। पति से अनबन के बाद वह मायके में रह रही हैं। सहेलियों के कहने पर उन्होंने मेट्रिमोनियल साइट पर प्रोफाइल बनाई थी, जिसके कुछ ही देर बाद खुद को गुजरात का मूल निवासी और वर्तमान में यूके में रहने वाला कारोबारी बताने वाले आरव पाटिल नाम के युवक ने संपर्क किया।


उसने खुद के तलाकशुदा होने और उनके बच्चे को अपनाने की बात कहकर विश्वास जीता। कुछ दिनों तक बातचीत के बाद बताया कि उसे बड़ा कांट्रैक्ट मिला है और खुशी में उसको गिफ्ट भेज रहा है। अगले दिन खुद को मुंबई एयरपोर्ट का कर्मचारी बताने वाले व्यक्ति का फोन आया। उसने पार्सल छुड़ाने के नाम पर पहले आठ हजार रुपये और बाद में कस्टम शुल्क, टैक्स व अन्य औपचारिकताएं पूरी करने के नाम पर कई किश्तों में रकम जमा करा ली।


इसके बाद मुंबई आने के लिए कहा तो उन्होंने इंकार कर दिया। उसे फोन करके बताया तो उसने खुद ही मुंबई आने की बात कही और फिर वीडियो काल पर टिकट व वीजा दिखाया। मुंबई पहुंचकर बताया कि वह कस्टम अधिकारियों के चक्कर में फंस गया और रोते हुए मदद मांगी, जिसके झांसे में आकर उन्होंने जेवर गिरवी रख दिए और फिर भेजे गए स्नैकर से रुपये ट्रांसफर कर दिए।

इसके बाद भी उसकी मांग बढ़ती गई तो असमर्थता जताई। इस पर उनका मोबाइल नंबर ही ब्लाक कर दिया। इसके बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने बताया कि वह चार लाख रुपये अलग-अलग किश्तों में ट्रांसफर कर चुकी हैं। साइबर पुलिस मामले की जांच में जुटी है।