शादी से पहले युवक-युवती की 'मेडिकल कुंडली' बनवा रहे ‘साइकिल वाले डाॅक्टर’, करते हैं देशभर में यात्रा

डा. अनिल नौसरान ने बताया कि उम्र के साथ होने वाली समस्याओं के वे भी शिकार हो गए थे। वर्ष 2017 में उन्हें पत्नी ने साइकिल दिलाई लेकिन कुछ दूर साइकिल चलाने में ही घुटनों में दर्द हो जाता था। इसी बीच उनके विभाग में एक 21 साल की गर्भवती विवाहिता गर्भावस्था में होने वाली खून की नियमित जांच कराने आई थी। जांच में वह एचआइवी एडस से संक्रमित मिली। उसे देखकर वह सन्न रह गए। उनकी खुद की बेटी उस समय 21 वर्ष की थी।

Jul 01, 2026 - 20:54
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शादी से पहले युवक-युवती की 'मेडिकल कुंडली' बनवा रहे ‘साइकिल वाले डाॅक्टर’, करते हैं देशभर में यात्रा

शादी से पहले युवक-युवती की 'मेडिकल कुंडली' बनवा रहे ‘साइकिल वाले डाॅक्टर’, करते हैं देशभर में यात्रा


एक जुलाई को देश में डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। यह विशेष दिन देश के महान चिकित्सक, शिक्षाविद और स्वतंत्रता सेनानी डॉ. बिधान चंद्र रॉय के सम्मान और स्मृति में मनाया जाता है। डॉक्टर लोगों की जान बचाते हैं, इस कारण उन्हें 'धरती के भगवान' भी कहा जाता है। 

इसी कड़ी में मेडिकल कालेज के पैथोलाजी विभाग के 57 वर्षीय प्रोफेसर डा. अनिल नौसरान का नाम भी आता है। वह आठ साल से अपने अलग ही तरीके से समाज को गंभीर बीमारियों से बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

डा. नौसरान साइकिल चलाकर जहां दिल की बीमारियों और नसों की ब्लाकेज की समस्या के समाधान का रास्ता दिखा रहे हैं, वहीं साइकिल से ही देश के तमाम शहरों में पहुंचकर शादी से पहले लड़का लड़की की मेडिकल कुंडली बनवाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।


डा. नौसरान का कहना है कि शादी से पहले स्वास्थ्य जांच कराकर युगल को असाध्य रोगों के शिकार होने से बचाया जा सकता है। इस रास्ते पर चलकर तलाक के मामलों को भी काफी किया जा सकता है। डा. नौसरान कश्मीर से कन्याकुमारी तक की यात्रा के साथ देश के सभी प्रमुख शहरों तक साइकिल चलाकर पहुंच चुके हैं। आठ साल में वे इतनी साइकिल चला चुके हैं कि लोगों ने उनका नाम ही ‘साइकिल वाले डाक्टर’ रख दिया है।

डा. अनिल नौसरान ने बताया कि उम्र के साथ होने वाली समस्याओं के वे भी शिकार हो गए थे। वर्ष 2017 में उन्हें पत्नी ने साइकिल दिलाई लेकिन कुछ दूर साइकिल चलाने में ही घुटनों में दर्द हो जाता था। इसी बीच उनके विभाग में एक 21 साल की गर्भवती विवाहिता गर्भावस्था में होने वाली खून की नियमित जांच कराने आई थी। जांच में वह एचआइवी एडस से संक्रमित मिली। उसे देखकर वह सन्न रह गए। उनकी खुद की बेटी उस समय 21 वर्ष की थी।

तभी समाज को इसके प्रति जागरूक करने का बीड़ा उठा लिया। सबसे पहले स्लोगन तैयार किया शादी से पहले मेडिकल कुंडली बनाएं, लड़के-लड़की के ब्लड टेस्ट कराएं, असाध्य रोगों से मुक्ति पाएं और उसके प्रचार के लिए साइकिल उठा ली।

बढ़ती उम्र की डिप्रेशन, हाईपरटेंशन, नींद न आना न अन्य जिन समस्याओं से मैं खुद परेशान थे, उनसे भी लोगों को बचाने की ठानी। डा. नौसरान ने बताया कि वे जहां भी जाते हैं लोगों को साइकिल चलाने के लाभ बताते हैं।

डा. नौसरान ने बताया कि वे 22 जनवरी 2029 को 60 वर्ष की उम्र पूरी करके वरिष्ठ नागरिक हो जाएंगे। इसके बाद वे तवांग अरूणाचल प्रदेश से द्वारिका तक का 3300 किमी का सफर तथा मुंबई से गोवा, कन्याकुमारी, रामेश्वरम, चेन्नई होते हुए कलकत्ता तक की 4400 किमी की यात्रा करने का संकल्प ले चुके हैं।

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Sharad Mishra

शरद मिश्र सर्व वर्ल्डवाइड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा कंपनी के स्वामीत्य न्यूज़ असर के प्रधान संपादक है उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि जन सरोकारिता पत्रकारिता की रही है अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े

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