NEET Supreme Court: नीट यूजी JEE की तरह टू स्टेज होगा? सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
नीट यूजी एग्जाम IIT-JEE की तर्ज पर टू स्टेज होगा या नहीं? इसक फैसला जल्द होने वाला है। सुप्रीम कोर्ट में आज सरकार द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे पर सुनवाई होने वाली है। नीट पेपर लीक पर नकेल कसने के लिए बड़ा बदलाव होने की उम्मीद है।
दरअसल, 3 मई को आयोजित हुए नीट पेपर लीक के बाद, परीक्षा में सेंधमारी और देश का भरोसा वापस पाने के लिए केंद्र सरकार नेशनल मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम को लेकर कई ठोस कदम उठाने की तैयारी कर रही है। केंद्र सरकार, नीट यूजी को भी जेईई मेन-जेईई एडवांस्ड समेत बाकी बड़ी परीक्षाओं की तरह पेन-पेपर मोड के बजाय ऑनलाइन कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराने पर विचार कर रही है।
केंद्र सरकार ने हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी है कि नीट यूजी को इंजीनियरिंग में एडमिशन के लिए होने वाले जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) की तर्ज पर शिफ्ट करने को लेकर विचार किया जा रहा है।
एफिडेविट में कहा गया है कि स्टैकहोल्डर्स इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या NEET-UG को सिंगल स्टेज वाली परीक्षा के तौर पर जारी रखा जाए या JEE Main और JEE Advanced की तरह टू स्टेज वाला फॉर्मेट अपनाया जाए। इसके साथ ही, अधिकारी मौजूदा पेन-और-पेपर मोड से कंप्यूटर-आधारित टेस्टिंग (CBT) में बदलाव पर भी विचार कर रहे हैं।
हालांकि, केंद्र सरकार ने यह भी बताया है कि नीट यूजी पर अभी कोई आखिरी फैसला नहीं लिया गया है। एग्जाम सिस्टम में सुधार के सुझाव देने के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित 'हाई-पावर्ड टास्क फोर्स' की सिफारिशों पर विचार करने के बाद ही आगे के रोडमैप को फाइनल रूप किया जाएगा।
सरकार ने कहा कि यह पैनल टेक्नोलॉजी, स्पेस, इंटेलिजेंस, एकेडेमिया और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन के एक्सपर्ट्स को एक साथ लाता है ताकि प्रस्तावित बदलावों के हर पहलू का आकलन किया जा सके। किसी भी नए मॉडल को अपनाने से पहले, इसकी सिफारिशों में टेक्नोलॉजी, परीक्षा सुरक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर, एक्सेसिबिलिटी, समानता और एकेडमिक बातों को शामिल किया जाएगा।
जेईई का टू स्टेज फॉर्मेट भारत में इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम को दो फेज में आयोजित करने वाला सिस्टम है- स्टेज-1 जेईई मेन और स्टेज-2 जेईई एडवांस्ड। आइए जानते हैं यह कैसे काम करता है-
स्टेज-1 (स्क्रीनिंग टेस्ट):
यह मुख्य परीक्षा के रूप में एक पात्रता और स्क्रीनिंग टेस्ट है, जिसे JEE Main कहते हैं। यह सीबीटी फॉर्मेट में होता है। उम्मीदवारों को साल में दो बार परीक्षा में बैठने का मौका मिलता है ताकि स्टूडेंट्स दोनों में से बेस्ट स्कोर के आधार पर NITs, IIITs और बाकी सरकारी या प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन ले सकें। इसके अलावा स्टेज-2 में जाने का मौका मिलता है।
स्टेज 2 ( फाइनल एग्जाम):
स्टेज-1 यानी जेईई मेन में टॉप स्कोर करने वाले लगभग 2.5 लाख स्टूडेंट्स ही जेईई एडवांस्ड में बैठ सकते हैं। यह जेईई मेन के मुकाबले थोड़ा टफ होता है और कॉन्सेप्ट्स की समझ परखने वाला होता है। जेईई एडवांस्ड रिजल्ट के आधार पर देश के प्रतिष्ठित IITs में एडमिशन मिलता है।
सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में सौंपे गए हलफनामे में यह भी बताया गया है कि NTA की आठ प्रमुख परीक्षाओं में से सात पहले ही मल्टी-सेशन, मल्टी-डे शेड्यूल के साथ कंप्यूटर-बेस्ड टेस्टिंग में बदल चुकी हैं।
इनमें JEE Main, CUET-UG, CUET-PG, UGC-NET और CSIR-NET शामिल हैं। NEET-UG एकमात्र ऐसी प्रमुख NTA परीक्षा है जो अभी भी पेन-एंड-पेपर मोड में आयोजित की जाती है।
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