अब कैफे और बार हुए पुराने? दोस्तों से मिलने के लिए युवाओं के नए ठिकाने बने 'वेलनेस क्लब'

युवा अब किसी कैफे या बार में मिलने के बजाय फिटनेस क्लब्स में मिलना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। युवाओं के आपस में जुड़ने के इस तरीके में ये बदलाव शहरों में ज्यादा देखने को मिल रहा है। अब युवाओं का रुझान वर्कआउट और फिटनेस की तरफ बढ़ रहा है। इसलिए ये दोस्तों से भी ऐसी ही जगहों पर मिलना पसंद कर रहे हैं।  

Aug 17, 2026 - 13:35
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अब कैफे और बार हुए पुराने? दोस्तों से मिलने के लिए युवाओं के नए ठिकाने बने 'वेलनेस क्लब'


एक समय था जब लोग अपने दोस्तों से मिलने के लिए कैफे या बार का रुख किया करते थे। कई बार दोस्तों की जमघट किसी के घर पर भी लगा करती थी, जहां लोग साथ मिलकर हंसी-मजाक करते, लेकिन अब मिलने-जुलने का तरीका बदल रहा है। 


युवा अब किसी कैफे या बार में मिलने के बजाय फिटनेस क्लब्स में मिलना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। युवाओं के आपस में जुड़ने के इस तरीके में ये बदलाव शहरों में ज्यादा देखने को मिल रहा है। अब युवाओं का रुझान वर्कआउट और फिटनेस की तरफ बढ़ रहा है। इसलिए ये दोस्तों से भी ऐसी ही जगहों पर मिलना पसंद कर रहे हैं।  


लंदन, टोक्यो और न्यूयॉर्क जैसे बड़े महानगरों में युवाओं की लाइफस्टाइल में एक बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां लोग कॉफी की टेबल पर या पब में मिला करते थे, वहीं अब उनकी मुलाकातें ग्रुप वर्कआउट, रनिंग क्लब और अलग-अलग फिटनेस सेशन में हो रही हैं।


आजकल युवा अपनी फिटनेस को लेकर काफी जागरूक हो गए हैं। छुट्टी वाले दिन ब्रीदवर्क सेशन में भाग लेना या पिलाटे स्टूडियो जाना एक नया ट्रेंड बन चुका है। इसलिए अपनी सेहत का ध्यान रखने के साथ-साथ वे अपनी सोशल लाइफ को भी इन्हीं एक्टिविटीज के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।


इसलिए किसी कैफे या बार में कोई महंगी ड्रिंक पीते हुए बात करने के बजाय वे किसी वेलनेस एक्टिविटी को साथ करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। खास बात ये है कि इन एक्टिविटीज में एक-दूसरे से बहुत ज्यादा बात किए बिना भी लोग एक-दूसरे के साथ काफी समय बिता लेते हैं।  


सोशल मीडिया और डिजिटल दुनिया ने जाने-अनजाने में हमें एक-दूसरे से काफी दूर कर दिया था। लोगों का आमने-सामने बैठकर मिलना-जुलना काफी कम हो गया था। ऐसे में फिटनेस स्टूडियो ने इस दूरी को पाटने का काम किया है। जब लोग हर हफ्ते एक तय समय पर किसी एक्सरसाइज क्लास या तेज ट्रेनिंग का हिस्सा बनते हैं, तो लगातार एक ही चेहरों से उनकी मुलाकात होती है। यही रोज की जान-पहचान धीरे-धीरे पक्की दोस्ती और मजबूत रिश्तों में बदल जाती है।

वेलनेस स्टूडियोज में युवा पिलाटे, योग, ब्रीदवर्क, मेडिटेशन, डांस, रनिंग और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जैसी एक्टिविटीज को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इन एक्टिविटीज में वे अपने दोस्तों को अपना पार्टनर बना रहे हैं और अपनी सेहत बनाने के साथ-साथ दोस्तों को भी समय दे रहे हैं।


इन जगहों को युवाओं के लिए और आकर्षक बनाने के लिए कई स्टूडियोज अब वर्कआउट के साथ-साथ और भी कई नई चीजें शामिल कर रहे हैं, ताकि लोगों को एक ही जगह पर कई अलग-अलग एक्सपीरिएंस मिल सकें। अब इन वेलनेस सेंटर्स में न्यूट्रिशन वर्कशॉप, स्किनकेयर, क्रिएटिव वर्कशॉप और बेहतरीन कॉफी जैसी कई सुविधाएं एक साथ मिल रही हैं। 


यह बदलाव अब देश के कई शहरों में देखने को मिल रहा है और युवा इसे काफी पसंद भी कर रहे हैं। बंगलुरु जैसे कई शहरों में कम्युनिटी स्पेस बनाए गए हैं, जहां एरियल योग, पिलाटे, ब्रीजवर्क और मेडिटेशन के साथ-साथ कई वर्कशॉप्स और कम्युनिटी टॉक्स का भी आयोजन होता है। 


अब पार्टी वेन्यू और शॉपिंग मॉल भी इस ट्रेंड को अपना रहे हैं। मुंबई के कई पार्टी हॉल और बड़े मॉल्स में अब वर्कआउट, पिलाटे और स्पिनिंग सेशंस आयोजित किए जा रहे हैं। 


'सोशल नेटवर्क' के लिए लाखों खर्च करने को तैयार युवा
आपको यह जानकर हैरानी होगी कि आजकल के युवा सिर्फ फिटनेस के लिए ही नहीं, बल्कि एक अच्छे 'सोशल सर्कल' से जुड़ने के लिए भी भारी रकम चुकाने से पीछे नहीं हट रहे हैं।

खर्च में भारी उछाल: 
पिछले एक साल के अंदर युवाओं द्वारा जिम और फिटनेस क्लास पर किए जाने वाले खर्च में 30% तक का इजाफा हुआ है।

प्रीमियम फीस: 
न्यूयॉर्क और लंदन जैसी जगहों पर कुछ प्रीमियम जिम की सालाना फीस 4.27 लाख रुपए तक पहुंच गई है।

अल्ट्रा-लग्जरी प्रोग्राम: 
कुछ खास और अल्ट्रा-लग्जरी फिटनेस प्रोग्राम्स के लिए तो लोग 16 लाख रुपए तक की मोटी रकम खर्च कर रहे हैं, ताकि वे एक एलीट कम्युनिटी और सोशल ग्रुप का हिस्सा बन सकें। लोग महंगी फीस के बावजूद सिर्फ एक क्लास के लिए भी ज्यादा पैसे देने को तैयार हैं।


फिटनेस के जरिए दोस्त बनाने का यह क्रेज कितना बड़ा है, इसका अंदाजा अंतरराष्ट्रीय फिटनेस इवेंट 'हे-रॉक्स' से लगाया जा सकता है। इस शानदार इवेंट में करीब 24 लाख लोगों ने भाग लिया। दौड़ने और कसरत करने के बहाने आयोजित होने वाले ऐसे इवेंट्स अब केवल सेहत बनाने का जरिया नहीं रहे, बल्कि ये नए दोस्त बनाने और अपनी कम्युनिटी को बड़ा करने का सबसे बेहतरीन मंच बन चुके हैं।

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Vidushi Mishra

Sub Desk Editor at NewsASR.Com

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