'सरोगेट' के खेल में फंसे शाहरूख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ; इलायची के नाम पर पान मसाला? 

शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने 'विमल इलायची' नाम के एक चबाने वाली इलायची ब्रांड का विज्ञापन किया है. ये विज्ञापन टीवी, सोशल मीडिया और दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर चल रहा है. महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की टीम को लगा कि ये विज्ञापन सीधे तौर पर पान मसाला के ब्रांड का प्रचार कर रहा है.

Aug 17, 2026 - 20:22
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'सरोगेट' के खेल में फंसे शाहरूख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ; इलायची के नाम पर पान मसाला? 

टीवी पर एक मशहूर विज्ञापन चलता है. तीन बड़े बॉलीवुड सितारे शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ एक चबाने वाली इलायची के ब्रांड का प्रमोशन कर रहे हैं. विज्ञापन में इलायची दिख रही है, ब्रांड का नाम 'विमल इलायची' है, लेकिन सवाल ये है कि क्या ये सच में सिर्फ इलायची है या फिर ये पान मसाला के विज्ञापन का सरोगेट रूप है. महाराष्ट्र FDA ने इसी शक के आधार पर 14 अगस्त 2026 को तीनों सितारों को शो-कॉज नोटिस   जारी कर दिया गया. सवाल है कि आखिर ये मामला क्या है, इलायची के विज्ञापन से ये सितारे कैसे फंसे और उन्हें क्या सजा हो सकती है...


शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ ने 'विमल इलायची' नाम के एक चबाने वाली इलायची ब्रांड का विज्ञापन किया है. ये विज्ञापन टीवी, सोशल मीडिया और दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर चल रहा है. महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की टीम को लगा कि ये विज्ञापन सीधे तौर पर पान मसाला के ब्रांड का प्रचार कर रहा है.

FDA का कहना है कि विज्ञापन का प्रेजेंटेशन, डायलॉग, प्रोडक्ट का नाम और उसकी मार्केट एसोसिएशन 'विमल पान मसाला' से जुड़ाव पैदा करते हैं. यानी, 'इलायची' के नाम पर असल में पान मसाला का सरोगेट विज्ञापन   किया जा रहा है.

महाराष्ट्र सरकार ने 13 जुलाई 2026 को एक आदेश जारी किया था, जिसमें राज्य में तम्बाकू या निकोटिन युक्त पान मसाला के उत्पादन, भंडारण, परिवहन, वितरण और बिक्री पर एक साल की रोक लगा दी गई थी. ऐसे में अगर 'विमल इलायची' का विज्ञापन असल में 'विमल पान मसाला' का प्रचार है, तो यह सीधे तौर पर सरकारी आदेश का उल्लंघन है.


महाराष्ट्र FDA ने 14 अगस्त 2026 को तीनों अभिनेताओं को शो-कॉज नोटिस जारी किया.

शाहरुख खान को मुंबई के बांद्रा स्थित उनके घर 'मन्नत' पर नोटिस भेजा गया.

अजय देवगन को जुहू स्थित उनके आवास पर नोटिस भेजा गया.

टाइगर श्रॉफ को उनकी प्रोडक्शन कंपनी 'टाइगर श्रॉफ प्रोडक्शंस LLP' के जरिए नोटिस दिया गया.


नोटिस में तीनों से 15 दिन के भीतर लिखित जवाब देने को कहा गया है. साथ ही, सोशल मीडिया और दूसरे प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद प्रमोशनल कंटेंट को हटाने का भी निर्देश दिया गया है. FDA ने नोटिस में तीनों अभिनेताओं को 'Actor/Brand Endorser' के तौर पर संबोधित किया है. पूछा गया है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए.


FDA ने नोटिस में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 की धारा 24 का हवाला दिया है. ये धारा भ्रामक खाद्य विज्ञापनों से संबंधित है. इसी कानून की धारा 53 के तहत, भ्रामक खाद्य विज्ञापन प्रकाशित करने पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है. साथ ही, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (एडवर्टाइजिंग एंड क्लेम्स) रेगुलेशन 2018 का भी उल्लेख किया गया है.


इसके अलावा, सिगरेट्स एंड अदर्स टोबैको प्रोडक्ट्स एक्ट (COTPA) 2003, के तहत भी तम्बाकू उत्पादों के अप्रत्यक्ष प्रचार पर रोक है. 2018 में इसी विमल इलायची ब्रांड को डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) ने नोटिस जारी किया था, हालांकि ये मामला दिल्ली हाई कोर्ट में चला गया और जनवरी 2024 में कोर्ट ने DGHS की अपील को खारिज कर दिया था. इस बार FDA ने सीधे अभिनेताओं को नोटिस भेजा है.


ये पहली बार नहीं है जब 'विमल इलायची' के विज्ञापन ने विवाद खड़ा किया है. 2022 में अक्षय कुमार ने भी इसी ब्रांड का विज्ञापन किया था, जिसमें वे शाहरुख खान और अजय देवगन के साथ नजर आए थे. जब उन्हें भारी आलोचना का सामना करना पड़ा, तो अक्षय कुमार ने सोशल मीडिया पर माफी मांगी थी. हालांकि अक्षय कुमार ने उस वक्त पीछे हटने का ऐलान कर दिया था, लेकिन 2026 में शाहरुख, अजय और टाइगर पर FDA की कार्रवाई   से ये मामला फिर से चर्चा में आ गया है.


शाहरुख ने एक पुराने इंटरव्यू में कहा था, 'अगर स्मोकिंग बुरी है, तो सिगरेट का उत्पादन बंद करो. अगर आपको लगता है कि सॉफ्ट ड्रिंक्स बुरी हैं, तो उन्हें बनाने मत दो. मेरा तर्क ये है कि आप उन्हें इसलिए नहीं रोक रहे क्योंकि वे राजस्व लाते हैं. आप कुछ उत्पादों को इसलिए नहीं रोक रहे क्योंकि वे सरकार के लिए राजस्व स्रोत हैं. तो फिर मेरी कमाई मत रोको. मैं एक अभिनेता हूं, मुझे काम करना है और उससे कमाना है. अगर आपको लगता है कि कुछ गलत है, तो उसे रोको. उसे बनाना बंद करो.'


ये नोटिस महाराष्ट्र FDA के व्यापक अभियान का हिस्सा है. FDA ने गुटका और तम्बाकू/निकोटिन युक्त पान मसाला के खिलाफ चेकिंग तेज कर दी है. 25 मई से 31 जुलाई 2026 के बीच FDA ने:

658 प्रतिष्ठानों पर छापे मारे

15.11 करोड़ रुपए के प्रतिबंधित उत्पाद जब्त किए

519 FIR दर्ज कीं

701 गिरफ्तारियां कीं

78 वाहन जब्त किए, जिनमें 6.6 करोड़ रुपए के प्रतिबंधित सामान थे


FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने जून 2026 में अधिकारियों को निर्देश दिया था कि वे प्रतिबंधित तम्बाकू उत्पादों के संगठित नेटवर्क के खिलाफ महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट (MCOCA) लागू करें.

अभी तक कोई सजा नहीं हुई है. सिर्फ नोटिस भेजा गया है., लेकिन अगर FDA को जवाब संतोषजनक नहीं लगा, तो:

जुर्माना: 

FSSA 2006 की धारा 53 के तहत भ्रामक खाद्य विज्ञापन के लिए 10 लाख रुपए तक का जुर्माना लग सकता है.

सोशल मीडिया कंटेंट हटाना: 


FDA ने पहले ही 15 दिन के भीतर सभी प्रमोशनल कंटेंट हटाने का निर्देश दिया है. अगर ऐसा नहीं किया गया, तो और कार्रवाई हो सकती है.

आगे की कानूनी कार्रवाई: 


अगर FDA ये मानता है कि विज्ञापन सरोगेट एडवरटाइजिंग है, तो ये COTPA 2003 का भी उल्लंघन हो सकता है. 

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Sharad Mishra

शरद मिश्र सर्व वर्ल्डवाइड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा कंपनी के स्वामीत्य न्यूज़ असर के प्रधान संपादक है उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि जन सरोकारिता पत्रकारिता की रही है अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े

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