Fifa World Cup 2026:फीफा ले सकता है एक्शन! जीत का जश्न पड़ेगा भारी! अर्जेंटीना ने दिखाया विवादित बैनर
अर्जेंटीना इन द्वीपों को माल्विनास नाम से पुकारता है और उन पर अपना दावा करता है, जबकि ब्रिटेन इन आईलैंड्स पर प्रशासनिक नियंत्रण बनाए हुए है। राजनीतिक बैनर दिखाने के लिए फीफा अर्जेंटीना की टीम पर एक्शन ले सकता है। स्टेडियम आचार संहिता के तहत वर्ल्ड कप के दौरान स्टेडियमों के अंदर ऐसे बैनर, झंडे, कपड़े या दूसरी चीजें दिखाने पर रोक है जो राजनीतिक, आपत्तिजनक और भेदभावपूर्ण हों।
फीफा विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को 2-1 से हराया और फाइनल में जगह बना ली। अटलांटा में खेले गए इस मुकाबले में मौजूदा विश्व चैंपियन टीम ने अंतिम क्षणों में दो गोल दागकर मैच अपने नाम कर लिया। खिताबी मुकाबले में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा।
वहीं इंग्लैंड की टीम तीसरे स्थान के मुकाबले के लिए फ्रांस का सामना करेगी। इस बीच जीत के बाद अर्जेंटीना के जश्न को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है।
मैच खत्म होने के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों जश्न के दौरान एक बैनर लिए दिखे। इसपर स्पेनिश भाषा में 'Las Malvinas son Argentinas' लिखा हुआ था। इसका मतलब होता है- माल्विनास (फॉकलैंड द्वीप) अर्जेंटीना का है।
अर्जेंटीना और ब्रिटेन के बीच फॉकलैंड आईलैंड्स के लिए लंबे समय से विवाद चल रहा है। फॉकलैंड आईलैंड्स दक्षिण-पश्चिम अटलांटिक महासागर में स्थित ब्रिटिश ओवरसीज टेरिटरी है। यह अर्जेंटीना के पूर्वी तट से करीब 500 किमी की दूरी पर है।
अर्जेंटीना इन द्वीपों को माल्विनास नाम से पुकारता है और उन पर अपना दावा करता है, जबकि ब्रिटेन इन आईलैंड्स पर प्रशासनिक नियंत्रण बनाए हुए है।
फॉकलैंड आईलैंड्स को लेकर अमेरिका और ब्रिटेन के बीच अप्रैल से जून 1982 तक युद्ध भी हुआ था। करीब 74 दिनों तक चले संघर्ष में 655 अर्जेंटीनी तो 255 ब्रिटिश सैनिकों ने अपनी जान गंवाई थी। द्वीपों के 3 नागरिकों की भी मृत्यु हुई थी। युद्ध के अंत में ब्रिटेन ने आईलैंड्स पर अपना कंट्रोल बरकरार रखा, लेकिन विवाद आज भी जारी है।
राजनीतिक बैनर दिखाने के लिए फीफा अर्जेंटीना की टीम पर एक्शन ले सकता है। स्टेडियम आचार संहिता के तहत वर्ल्ड कप के दौरान स्टेडियमों के अंदर ऐसे बैनर, झंडे, कपड़े या दूसरी चीजें दिखाने पर रोक है जो राजनीतिक, आपत्तिजनक और भेदभावपूर्ण हों।
रॉयटर्स के अनुसार फीफा ने अभी तक इस बात पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है कि वह इस घटना की जांच करेगा या अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार करेगा। 2014 में एक फ्रेंडली मैच के बाद अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने यही बैनर दिखाया था। तब फीफा की तरफ से 20 हजार पाउंड का जुर्माना लगाया गया था।