NEET UG के सबसे उम्रदराज अभ्यर्थी; 71 वर्षीय अशोक बहार पहुंचे हाईकोर्ट, वरिष्ठ नागरिकों के लिए मांगा 1% आरक्षण

याचिका में कहा गया है कि जब NEET UG में आयु सीमा निर्धारित नहीं है, तब वरिष्ठ नागरिकों को भी मेडिकल शिक्षा में अवसर देने के लिए विशेष प्रावधानों पर विचार किया जाना चाहिए. अशोक बहार ने सुप्रीम कोर्ट के उन दिशा-निर्देशों का भी हवाला दिया है, जिनके तहत NEET UG परीक्षा में अधिकतम आयु सीमा लागू नहीं है.

Jul 16, 2026 - 09:46
0 18
NEET UG के सबसे उम्रदराज अभ्यर्थी; 71 वर्षीय अशोक बहार पहुंचे हाईकोर्ट, वरिष्ठ नागरिकों के लिए मांगा 1% आरक्षण


71 वर्ष की उम्र में डॉक्टर बनने का सपना लेकर NEET UG परीक्षा देने वाले लखनऊ के अशोक बहार एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वजह उनकी परीक्षा नहीं, बल्कि इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में दाखिल की गई याचिका है. 


अशोक बहार ने मेडिकल शिक्षा में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 प्रतिशत आरक्षण की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है. याचिका में उन्होंने NEET UG में अधिकतम आयु सीमा नहीं होने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया है. उनकी यह पहल मेडिकल शिक्षा में उम्र, अवसर और वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी जैसे मुद्दों पर नई बहस छेड़ रही है.


NEET UG के उम्रदराज अभ्यर्थी अशोक बहार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में रिट याचिका दाखिल कर मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में वरिष्ठ नागरिकों के लिए 1 प्रतिशत आरक्षण की मांग की है. 


याचिका में कहा गया है कि जब NEET UG में आयु सीमा निर्धारित नहीं है, तब वरिष्ठ नागरिकों को भी मेडिकल शिक्षा में अवसर देने के लिए विशेष प्रावधानों पर विचार किया जाना चाहिए. अशोक बहार ने सुप्रीम कोर्ट के उन दिशा-निर्देशों का भी हवाला दिया है, जिनके तहत NEET UG परीक्षा में अधिकतम आयु सीमा लागू नहीं है.

अशोक बहार का कहना है कि डॉक्टर बनने का सपना केवल उनका नहीं, बल्कि उनकी मां सावित्री बहार की भी इच्छा थी. उन्होंने बताया कि उनके पिता डॉ. राम लाल बहार लखनऊ के प्रतिष्ठित चिकित्सक थे. परिवार चाहता था कि वह भी चिकित्सा क्षेत्र में जाएं, लेकिन छात्र जीवन में कई प्रयासों के बावजूद मेडिकल कॉलेज में प्रवेश नहीं मिल सका. अब उम्र के इस पड़ाव पर भी उन्होंने अपने सपने को छोड़ने के बजाय फिर से उसे पूरा करने का संकल्प लिया है.

पत्नी से मिली नई प्रेरणा
अशोक बहार बताते हैं कि उन्हें मेडिकल प्रवेश परीक्षा दोबारा देने की प्रेरणा उनकी पत्नी मंजू बहार से मिली. मंजू बहार स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनेकोलॉजिस्ट) हैं और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) में चीफ कंसल्टेंट के पद पर सेवाएं दे चुकी हैं. उनके अनुसार वर्षों तक पत्नी के साथ रहते हुए उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र को करीब से समझा और फिर डॉक्टर बनने की इच्छा दोबारा मजबूत हुई

What's Your Reaction?

Like Like 8
Dislike Dislike 0
Love Love 1
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Shivani_Mishra

Shivani Mishra Desk Editor in NewsAsr.com and having vast experience in field of Journalism

Comments (0)

User