US Iran War : सीजफायर खत्म... ईरान पर नए हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान

डोनाल्ड ट्रंप इस समय तुर्की की राजधानी अंकारा में हैं जहां वह नाटो शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं. यहां जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो गया है, तो उन्होंने कहा, "मेरे हिसाब से तो यह खत्म हो गया है." 

US Iran War : सीजफायर खत्म... ईरान पर नए हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा ऐलान


रान पर अमेरिका के हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार, 8 जुलाई को एक बड़ा बयान दे दिया. उन्होंने अब साफ-साफ कहा है कि ईरान के साथ युद्धविराम (सीजफायर) खत्म हो गया है. उन्होंने तेहरान में बैठी इस्लामिक सरकार को बीमार सोच वाली बताया. 


डोनाल्ड ट्रंप ने यह बात तब कही है जब अमेरिकी सेना ने होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर हमले से नाराज होकर ईरान पर हमले किए हैं. वहीं ईरान ने भी कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सेना के ठिकानों को निशाना बनाया है.

डोनाल्ड ट्रंप इस समय तुर्की की राजधानी अंकारा में हैं जहां वह नाटो शिखर सम्मेलन में शिरकत कर रहे हैं. यहां जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या ईरान के साथ युद्धविराम अब खत्म हो गया है, तो उन्होंने कहा, "मेरे हिसाब से तो यह खत्म हो गया है." 

उन्होंने कहा कि ईरान के साथ बातचीत (नेगोशिएशन) करना बस समय की बर्बादी है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के प्रतिनिधि ईरान के साथ बातचीत जारी रख सकते हैं, लेकिन उन्हें शक है कि इसका कोई फायदा होगा भी या नहीं. उन्होंने कहा, "वे बातचीत कर सकते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि वे अपना समय बर्बाद कर रहे हैं."

ट्रंप ने कहा, "वे घटिया और बीमार सोच वाले लोग हैं, उन्हें बीमार सोच वाले लोग ही चलाते हैं, और वे बेरहम और हिंसक हैं. और अगर उनके पास परमाणु हथियार होता, तो वे उसका इस्तेमाल जरूर करते."


दोनों देशों में गोलीबारी उस समय हुई है, जब ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार का कार्यक्रम चल रहा है. अभी उनका शव इराक पहुंचा हुआ है. युद्ध शुरू होने के पहले ही दिन, 28 फरवरी को अमेरिकी हमले में उनकी मौत हो गई थी. यह अंतिम संस्कार गुरुवार को खत्म होना था और उम्मीद थी कि इस दौरान तनाव थोड़ा कम रहेगा. लेकिन अमेरिका ने हमला करके स्थिति तनावपूर्ण कर दी है.

खामेनेई के दफ्न होने के बाद दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते के लिए बातचीत शुरू होनी थी. इसमें सबसे मुश्किल मुद्दों पर चर्चा होनी थी, जैसे होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोलना और ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम को पीछे करना. लेकिन नए हमलों के बाद अब इस बातचीत पर सवाल खड़े हो गए हैं. 


हालांकि, दोनों देशों ने तुरंत यह नहीं कहा कि वे बातचीत छोड़ रहे हैं. ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कालीबाफ ने एक्स पर लिखा, "धमकाने और जबरदस्ती करने का दौर खत्म हो चुका है. इससे कुछ हासिल नहीं होगा. हम झुकने वाले नहीं हैं."