45 दिन बाद पकड़ी कातिल पत्नी, पति को मारकर बाथरूम में गाड़ा: भाई की 'जासूसी' औरबैंक स्टेटमेंट काम आई

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि सुरेंद्र नींद की गोलियां खाता था। रूबी ने 18 मई को उसे खीर में मिलाकर नींद की 16 से 20 गोलियां दी थीं।उसकी मौत होने पर वह उसे घसीटते हुए बाथरूम में ले गई। बाथरूम में इंडियन सीट लगी थी, जो फर्श से ऊंची थी। उसने करीब छह इंच फर्श को खोदकर कोने में ही शीट के पास शव को डाल दिया।

Jul 04, 2026 - 12:03
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 45 दिन बाद पकड़ी कातिल पत्नी, पति को मारकर बाथरूम में गाड़ा: भाई की 'जासूसी' औरबैंक स्टेटमेंट काम आई

अपने ही घर में पति की हत्या करने के बाद पत्नी ने शव छिपाने को गहरी साजिश रची थी। खीर में नींद की गोली देकर मारने के बाद शव को बाथरूम में गाढ़ दिया।बस्ती और स्वजन के सामने वह रोने का नाटक भी करती रही।मगर, मृत युवक के बड़े भाई को शक हो गया।

शुरूआती प्रयास के बाद सुराग न मिलने पर पुलिस तो शांत हो गई। ऐसे में युवक के बड़े भाई ने खुद ही साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए।मां की पेंशन के खाते का इस्टेटमेंट निकलवाया तो उनका शक और गहरा गया। इसके बाद हत्यारोपित सवालों में फंसती गई और शुक्रवार को उसने घटना स्वीकार कर ली।


पुलिस की पूछताछ में पता चला कि सुरेंद्र नींद की गोलियां खाता था। रूबी ने 18 मई को उसे खीर में मिलाकर नींद की 16 से 20 गोलियां दी थीं।उसकी मौत होने पर वह उसे घसीटते हुए बाथरूम में ले गई। बाथरूम में इंडियन सीट लगी थी, जो फर्श से ऊंची थी। उसने करीब छह इंच फर्श को खोदकर कोने में ही शीट के पास शव को डाल दिया।

बाद में मिट्टी और गिट्टी मंगवाई थीं। इससे शव को दफना दिया। इस पर प्लास्टर भी करा दिया। वह पति की हत्या के बाद जितने दिन घर में रही, जिस बाथरूम में शव दफनाया, उसी में नहाती भी थी।


पड़ोस के लोग जब भी पति के बारे में पूछते थे, परेशान होने का नाटक करती थी। पूछने पर रोने भी लगती थी।अनिल ने बताया कि उन्हें उस पर शक हो रहा था। इसलिए मां को 27 जून को अपने घर ले गए थे। वहां से वे 29 जून को मां को भरतपुर ले गए। वहां बैंक आफ बड़ौदा में उनका पेंशन खाता था। पेंशन खाते का स्टेटमेंट निकलवाकर देखा तो पता चला कि सुरेंद्र के लापता होने के बाद भी रूबी लगातार पेटीएम के माध्यम से मां के खाते से रुपये खर्च कर रही है।


शक होने पर रूबी से गुरुवार सुबह बात की थी। उनसे कहा था कि पेंशन तो आपने ले ली है। मुझे क्यों नहीं दी। रकम का क्या कर रही हो। यह बता दो। मगर वो चुप हो गई। अनिल ने कहा कि कोई बात हो तो बता दो। मैं तुम्हें बचा लूंगा। उसने कहा कि भाई के बारे में बता दो। रूबी ने फिर भी कछ नहीं बताया। मगर, उसे लग रहा था कि अब उसका बचना मुश्किल है।

इसलिए ही शुक्रवार सुबह छह बजे फोन करके जेठ को बुलाया। कहा कि पति घर पर हैं। आकर बात कर लो। जब अनिल पहुंचे तो उसने बताया कि बाथरूम में हैं। इस पर अनिल ने वहां जाकर देखा। मगर कोई नजर नहीं आया। इस पर रूबी ने कहा कि दो फीट नीचे हैं। इस पर ही उन्होंने पुलिस को जानकारी दी।


अनिल ने बताया कि रूबी ने उन्हें बताया था कि मां की पेंशन के 28 हजार रुपये आते हैं। इसमें से केवल दस हजार रुपये अनिल को देती थी। खुद 22 हजार रुपये रखती थी। बैंक स्टेटमेंट निकलने पर यह स्थिति भी स्पष्ट हो गई।शुक्रवार को मामला खुलने के बाद रूबी के दोनों फोन स्वजन ने ले लिए। एक फोटो चेेक किया तो पेटीएम अकाउंट में सात हजार रुपये निकले।


सुरेंद्र की रूबी से 16 साल पहले शादी हुई थी। उनकी बड़ी बेटी 13 वर्षीय प्राची और छोटी नौ वर्षीय सिद्धि है।पड़ोसियों ने बताया कि हत्या की जानकारी होने पर बेटियां भी घर आ गई थीं।बड़ी बेटी बोल रही थी कि मां ने पापा को नहीं मारा।उन्होंने आत्महत्या कर ली थी।अब उनके सिर से पिता का साया हट गया और मां भी जेल जाएगी। ऐसे में वे किसके सहारे रहेंगी। अभी दोनों ताऊ के घर में दादी के साथ ही रह रही हैं।

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Sharma Kumar Manish

Associate Desk Editor

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