एसपी ऑफिस के पीछे चल रही थी कट्टा फैक्ट्री, गानों की आवाज में बनते थे हथियार
पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि यहां अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा है. यह इलाका एसपी ऑफिस और कलेक्ट्रेट के बेहद करीब होने के कारण मामला और भी गंभीर हो गया है. सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की.
भिंड शहर में पुलिस अधीक्षक कार्यालय और कलेक्ट्रेट से कुछ ही दूरी पर अवैध हथियार निर्माण फैक्ट्री का खुलासा होने से हड़कंप मच गया है. देहात थाना क्षेत्र के दुर्गा नगर में संचालित इस फैक्ट्री में आरोपी पिता-पुत्र गानों की तेज आवाज में देशी कट्टे तैयार करवाते थे, ताकि मशीनों की आवाज बाहर न जा सके.
पुलिस ने छापेमारी कर 10 देशी कट्टे, जिंदा कारतूस और हथियार बनाने का भारी सामान बरामद किया है. इस कार्रवाई को अंतर्राज्यीय अवैध हथियार नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है. मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि कुछ अन्य फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है.
भिंड के दुर्गा नगर इलाके में पुलिस को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि यहां अवैध हथियारों का निर्माण किया जा रहा है. यह इलाका एसपी ऑफिस और कलेक्ट्रेट के बेहद करीब होने के कारण मामला और भी गंभीर हो गया है. सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की.
भिंड एसपी सूरज कुमार वर्मा ने कहा, "लगातार सूचना मिल रही थी कि शहर के अंदर अवैध हथियार बनाए जा रहे हैं. टीम बनाकर कार्रवाई की गई, जिसमें मौके से 10 देशी कट्टे और हथियार बनाने का सामान बरामद हुआ है. दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है. प्रारंभिक जांच में अंतर्राज्यीय नेटवर्क के संकेत मिले हैं, जिसे लेकर आगे जांच की जा रही है.'
जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद चालाकी से हथियार बनाने का काम करते थे. वे फैक्ट्री में तेज आवाज में गाने बजाते थे, ताकि ग्राइंडर, हथौड़े और मशीनों की आवाज आसपास के लोगों तक न पहुंचे. इस तरीके से उन्होंने लंबे समय तक अपने गैरकानूनी कारोबार को जारी रखा.
नगर पुलिस अधीक्षक निरंजन राजपूत के मार्गदर्शन में गठित टीम ने मकान पर दबिश दी. कार्रवाई के दौरान मौके से 6 तैयार और 4 अधबने 315 बोर के देशी कट्टे, 2 जिंदा कारतूस (315 बोर) और 3 कारतूस (12 बोर) बरामद किए गए. इसके अलावा भट्टी, ग्राइंडर मशीन, पाइप, स्प्रिंग, रेतनी और हथौड़े जैसे उपकरण भी बड़ी मात्रा में जब्त किए गए.
पुलिस ने मौके से फैक्ट्री संचालक राजू उर्फ राजकुमार राजावत और उसके पुत्र दीपू राजावत को गिरफ्तार कर लिया. हालांकि हथियार बनाने वाले दो कारीगर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है. पूछताछ में खुलासा हुआ कि कारीगर उत्तर प्रदेश से बुलाए जाते थे.
आरोपियों ने बताया कि तैयार कट्टों को 15 से 20 हजार रुपये में बेचा जाता था. पुलिस को शक है कि यह गिरोह मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश के कई जिलों में हथियार सप्लाई कर रहा था. गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क के और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार पिता-पुत्र पहले से कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं. इन पर अवैध हथियार निर्माण, तस्करी, हत्या के प्रयास, डकैती की योजना और गैंगस्टर एक्ट के तहत केस दर्ज हैं. इसके बावजूद वे शहर के बीचों-बीच अपना नेटवर्क चला रहे थे.
इस पूरी कार्रवाई में देहात थाना प्रभारी शिवप्रताप राजावत, बरोही थाना प्रभारी अतुल भदौरिया, नयागांव थाना प्रभारी वैभव तोमर और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही. पुलिस ने तकनीकी और मुखबिर दोनों इनपुट के आधार पर यह ऑपरेशन सफलतापूर्वक अंजाम दिया.
पुलिस अब फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है. माना जा रहा है कि इस कार्रवाई से भिंड सहित आसपास के जिलों में अवैध हथियारों की सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा.