वाहन में करवाया मॉडिफिकेशन? जरूर कर लें ये काम, वरना नहीं मिलेगा Insurance Claim!
कार में मॉडिफिकेशन करवाने के बाद कंपनी को बताना बेहद जरूरी होता है, वरना आपका इंशयोरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. इसी कड़ी में आज हम आपको इससे जुड़ी जरूरी बाते बताने जा रहे हैं. इसकी जानकारी नेशनल क्राइम इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो ने अपने आधिकारिक X हैंडल से दी है.
गाड़ी में मॉडिफिकेशन करवाना आजकल कार लवर्स के बीच एक ट्रेंड बन चुका है. अपनी गाड़ी को दूसरों से अलग दिखाने के लिए लोग एलॉय व्हील्स, हैवी साउंड सिस्टम से लेकर इंजन तक में बड़े चेंज करवा लेते हैं. लेकिन क्या आप जानते बैं, शौक-शौक में करवाया गया मॉडिफिकेशन आपकी जेब पर भारी भी पड़ सकता है.
दरअसल, कार में मॉडिफिकेशन करवाने के बाद कंपनी को बताना बेहद जरूरी होता है, वरना आपका इंशयोरेंस क्लेम रिजेक्ट हो सकता है. इसी कड़ी में आज हम आपको इससे जुड़ी जरूरी बाते बताने जा रहे हैं. इसकी जानकारी नेशनल क्राइम इन्वेस्टीगेशन ब्यूरो ने अपने आधिकारिक X हैंडल से दी है.
NCIB की आधिकारिक X पोस्ट के मुताबिक गाड़ी में बदलाव कराने के बाद, कंपनी को बताना बेहद जरूरी होता है. इंश्योरेंस कानून के तहत गाड़ी में कोई भी बड़ा बदलाव यानी मॉडिफिकेशन करने पर कंपनी को सुचित करना और 'Endorsement' लेना काफी ज्यादा जरूरी होता है.
अगर कोई गाड़ी में मॉडिफिकेशन करवाता है और 'Endorsement' नहीं लेता है तो, तो ये पॉलिसी शर्तों का उल्लंघन माना जाता है. साथ ही ऐसे में इंश्योरेंस क्लेम रिजेक्ट भी हो सकता है. इसके चलते गाड़ी मॉडिफाई करवाएं तो इंश्योरेंस कंपनी को लिखित में जरूर बताएं.