सुहागरात के लिए सजी थी ट्रेन के AC कोच की केबिन, मचा बवाल, TC हुआ सस्पेंड

कोच में डेकोरेटर का प्रवेश अनधिकृत था और इसे एक गंभीर चूक माना जा रहा है। संबंधित कर्मचारी (टिकट चेकर) को सस्पेंड कर दिया गया है और विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी। मामला छह जुलाई 2026 का है, ट्रेन संख्या 11002 नंदीग्राम एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक कपल ने अपने सफर को खास बनाने के लिए ऑनलाइन एक निजी डेकोरेटर को काम पर रखा था और इस डेकोरेटर ने ट्रेन के भीतर जाकर उनके पूरे केबिन को सुहागरात के कमरे की तरह सजाया था। 

सुहागरात के लिए सजी थी ट्रेन के AC कोच की केबिन, मचा बवाल, TC हुआ सस्पेंड

एक ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच के एक केबिन को सुहागरात के कमरे की तरह सजाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद अब रेलवे प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए संबंधित टिकट चेकर को सस्पेंड कर दिया है। 


रेल मंत्रालय ने जारी बयान में कहा है, 6/7/26 को ट्रेन नंबर 11002 नंदीग्राम एक्सप्रेस में यात्रा कर रहे एक जोड़े ने अपने फर्स्ट AC कूपे को सजाने के लिए ऑनलाइन एक डेकोरेटर को निजी तौर पर हायर किया था। 


कोच में डेकोरेटर का प्रवेश अनधिकृत था और इसे एक गंभीर चूक माना जा रहा है। संबंधित कर्मचारी (टिकट चेकर) को सस्पेंड कर दिया गया है और विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।


मामला छह जुलाई 2026 का है, ट्रेन संख्या 11002 नंदीग्राम एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक कपल ने अपने सफर को खास बनाने के लिए ऑनलाइन एक निजी डेकोरेटर को काम पर रखा था और इस डेकोरेटर ने ट्रेन के भीतर जाकर उनके पूरे केबिन को सुहागरात के कमरे की तरह सजाया था। 


इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग तरह तरह के कमेंट्स करते रहे। इस वीडियो के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया और सख्त कदम उठाया गया।


रेलवे ने इस पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है और इस मामले को सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर चूक माना है। रेलवे प्रशासन ने कहा कि इस लापरवाही के आरोप में संबंधित स्टाफ को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की विस्तृत विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं।


सूत्रों के मुताबिक, रेलवे ने पहले कहा था कि यात्रियों को अपने केबिन को सजाने पर कोई आपत्ति नहीं है। अगर कोई यात्री पूरी केबिन बुक करता है और उसे खुद सजाता है, तो रेलवे का इससे कोई लेना-देना नहीं होता। ये पूरी तरह से यात्रियों का अपना हक है कि वो किस तरह से सफर करना चाहते हैं और ये किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं माना जाता है।