'मेरा किडनैप हो गया, बचाओ', बच्चे की चीख से मची अफरातफरी; पुलिस जांच में निकली अलग कहानी
गोरखपुर में बच्चे की 'बचाओ... बचाओ... किडनैपर...' की चीख सुनकर मंगलवार की रात राहगीरों ने पुलिस को एक बच्चे के अपहरण की सूचना दे दी। सूचना मिलते ही शाहपुर और चिलुआताल पुलिस सक्रिय हो गई। कई टीमें मौके पर पहुंचीं, कैमरों के फुटेज खंगाले गए और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू हुई। घंटों की पड़ताल के बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने पुलिस के साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया।
गोरखपुर में बच्चे की 'बचाओ... बचाओ... किडनैपर...' की चीख सुनकर मंगलवार की रात राहगीरों ने पुलिस को एक बच्चे के अपहरण की सूचना दे दी। सूचना मिलते ही शाहपुर और चिलुआताल पुलिस सक्रिय हो गई। कई टीमें मौके पर पहुंचीं, कैमरों के फुटेज खंगाले गए और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू हुई। घंटों की पड़ताल के बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने पुलिस के साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया।
पुलिस के अनुसार, बच्चा पिछले कुछ दिनों से अपनी नानी के घर रह रहा था। मंगलवार रात 10 बजे मामा के साथ बाइक से मां उसे वापस घर ले जा रही थीं। रास्ते में बच्चे ने 'बचाओ... किडनैपर... मेरा किडनैप हो गया, मुझे बचाओ' चिल्लाना शुरू कर दिया। राहगीरों ने इसे अपहरण समझकर तत्काल पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई और संबंधित लोगों का पता लगाया गया।
गोरखपुर में बच्चे की 'बचाओ... बचाओ... किडनैपर...' की चीख सुनकर मंगलवार की रात राहगीरों ने पुलिस को एक बच्चे के अपहरण की सूचना दे दी। सूचना मिलते ही शाहपुर और चिलुआताल पुलिस सक्रिय हो गई। कई टीमें मौके पर पहुंचीं, कैमरों के फुटेज खंगाले गए और आसपास के लोगों से पूछताछ शुरू हुई। घंटों की पड़ताल के बाद जो सच्चाई सामने आई, उसने पुलिस के साथ स्थानीय लोगों को भी हैरान कर दिया।
पुलिस के अनुसार, बच्चा पिछले कुछ दिनों से अपनी नानी के घर रह रहा था। मंगलवार रात 10 बजे मामा के साथ बाइक से मां उसे वापस घर ले जा रही थीं। रास्ते में बच्चे ने 'बचाओ... किडनैपर... मेरा किडनैप हो गया, मुझे बचाओ' चिल्लाना शुरू कर दिया। राहगीरों ने इसे अपहरण समझकर तत्काल पुलिस को सूचना दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई और संबंधित लोगों का पता लगाया गया।
पूछताछ में पता चला कि बच्चा अपने माता-पिता के साथ नहीं जाना चाहता था। उसका मन पढ़ाई में नहीं लगता था और वह नानी के घर ही रहना चाहता था। इसी वजह से उसने शोर मचाया, ताकि लोग इकट्ठा हो जाएं और उसे वापस नानी के घर छोड़ दिया जाए। पुलिस ने बच्चे, उसकी मां और मामा से अलग-अलग पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई। जांच में किसी तरह के अपहरण या आपराधिक घटना की पुष्टि नहीं हुई।
बच्चे के 'बचाओ' और 'किडनैपर' चिल्लाने की सूचना पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। सीसीटीवी कैमरा फुटेज, स्थानीय लोगों से पूछताछ के बाद एक घंटे के भीतर ही टीम घर पहुंच गई। बच्चे के साथ ही उसकी मां और मामा से अलग-अलग बात की गई जिसमें स्पष्ट हुआ कि यह अपहरण का मामला नहीं था। पढ़ाई से बचने और नानी के घर रहने के लिए बच्चे ने शोर मचाया था। रात करीब 3 बजे तक पूछताछ चली। इसके बाद घरवालों ने बच्चे को फिर से मामा के घर पहुंचा दिया।
चिलुआताल थाना प्रभारी ने बताया, बच्चे के अपहरण की सूचना मिली थी। सीसीटीवी कैमरे की मदद से घर तक पहुंचे तो मामला कुछ और ही निकला। बच्चा मामा के घर रहना चाहता है। लेकिन परिजन उसे घर ले जा रहे थे इसलिए वह चिल्लाने लगा।