राम मंदिर ट्रस्ट से बाहर होंगे चंपत राय और अनिल मिश्रा, नहीं होगी CEO की नियुक्ति, SIT की बात नहीं मानी
अयोध्या में होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से पहले बड़ी खबर सामने आई है. सूत्रों के अनुसार आज सिर्फ चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा. इसके साथ ही ट्रस्ट पूरी घटना पर खेद प्रकट कर सकता है, आज किसी नए सदस्य का ऐलान नहीं होगा. ट्रस्ट में नए सदस्यों के ऐलान के लिए अगले महीने विशेष बैठक बुलाई जाएगी.
राम मंदिर दान चोरी विवाद के बीच आज शाम को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक होने वाली है. इस बैठक में कई अहम फैसले लिए जाने वाले हैं. हालांकि इस बैठक से पहले सूत्रों से पता चला है कि इस्तीफा दे चुके चंपत राय और अनिल मिश्रा को ट्रस्ट से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा. इसके अलावा जांच में जुटी एसआईटी ने जो सीईओ की नियुक्ति की सिफारिश की थी, उसे भी ट्रस्ट ने मानने से इंकार कर दिया है. यानी कि राम मंदिर ट्रस्ट में सीईओ की नियुक्ति नहीं होगी.
राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती हो सकते हैं. चंपत राय की जगह स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती ले सकते हैं. विश्व हिंदू परिषद समेत अयोध्या के तमाम संत महात्मा स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती को ही चंपत राय की जगह ट्रस्ट के नए महासचिव के तौर पर देखना चाहते हैं. सूत्रों के मुताबिक ट्रस्ट के ज्यादातर सदस्यों में इसे लेकर आम सहमति भी बन चुकी है, हालांकि स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती इसके लिए कतई तैयार नहीं हैं वह साफ तौर पर मना कर रहे हैं.
अयोध्या में होने वाली राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से पहले बड़ी खबर सामने आई है. सूत्रों के अनुसार आज सिर्फ चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा. इसके साथ ही ट्रस्ट पूरी घटना पर खेद प्रकट कर सकता है, आज किसी नए सदस्य का ऐलान नहीं होगा. ट्रस्ट में नए सदस्यों के ऐलान के लिए अगले महीने विशेष बैठक बुलाई जाएगी.
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक से पहले बड़ी खबर सामने आई है. चंपत राय के समर्थन में नृत्य गोपाल दास को पत्र दिया गया है. वहीं ट्रस्ट की बैठक में आम सहमति से फैसले लेने की तैयारी है, क्योंकि वोटिंग की नौबत से ट्रस्ट बचना चाहता है.
राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य महंत दिनेंद्र दास ऑनलाइन मोड में वर्चुअल तरीके से आज होने वाली बैठक में जुड़ेंगे. महंत दिनेंद्र दास पिछले तीन दिनों से जयपुर में हैं, जयपुर में अपने बीमार गुरु का हाल जानने के लिए आए हुए हैं. हालांकि उन्होंने अपना मोबाइल फोन बंद कर रखा है, उनके निजी सहयोगी प्रवीण त्रिपाठी का कहना है कि वह जयपुर से ही लैपटॉप के जरिए बैठक में जुड़ेंगे. महंत दिनेंद्र दास का अभी एक-दो दिन और जयपुर में ही रुकने का कार्यक्रम है.