जानिए अमेरिका-ईरान के 14 सूत्रीय समझौते में क्या-क्या है? खोलना होगा होर्मुज स्ट्रेट, मिलेंगे 300 अरब डॉलर!

यह पहली बार है जब अमेरिका ने बताया है कि 14 पॉइंट वाले इस समझौते में आखिर क्या है। ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार (अमेरिकी समयानुसार) को इस दस्तावेज को पढ़कर सुनाया। इसमें होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने, ईरान पर लगी आर्थिक पाबंदियों में ढील देने और भविष्य की बातचीत के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की उम्मीदों के बारे में प्रावधान का जिक्र है। खास बात है कि MoU में होर्मुज को केवल 60 दिनों के लिए फ्री करने का जिक्र है, जो पांचवें पैराग्राफ में है।

Jun 18, 2026 - 09:36
0 19
जानिए अमेरिका-ईरान के 14 सूत्रीय समझौते में क्या-क्या है? खोलना होगा होर्मुज स्ट्रेट, मिलेंगे 300 अरब डॉलर!

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मध्य पूर्व में संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से ईरान के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए होने वाले अंतरिम समझौते का विवरण सामने आ गया है।

इस 14 सूत्रीय समझौते के तहत ईरान तत्काल होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कदम उठाएगा। इसके बदले उसे बेरोकटोक तेल बेचने की अनुमति मिलेगी।


वह परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय ने संकेत दिया कि समझौते पर दोनों देशों के राष्ट्रपति हस्ताक्षर कर सकते हैं। इस समझौते को संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन नाम दिया गया है।

यह पहली बार है जब अमेरिका ने बताया है कि 14 पॉइंट वाले इस समझौते में आखिर क्या है। ट्रंप प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार (अमेरिकी समयानुसार) को इस दस्तावेज को पढ़कर सुनाया। 

इसमें होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने, ईरान पर लगी आर्थिक पाबंदियों में ढील देने और भविष्य की बातचीत के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की उम्मीदों के बारे में प्रावधान का जिक्र है। खास बात है कि MoU में होर्मुज को केवल 60 दिनों के लिए फ्री करने का जिक्र है, जो पांचवें पैराग्राफ में है।

अमेरिका और ईरान के बीच सोमवार को इस समझौते पर सहमति बनी और ई-हस्ताक्षर किए गए। अमेरिकी अधिकारियों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर समझौता मसौदे के बारे में जानकारी दी है।

समझौते में कहा गया है कि युद्ध के बाद ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर मिलेंगे। अमेरिका, ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित अंतिम समझौता होने के बाद तेहरान पर लगाए गए सभी अमेरिकी और संयुक्त राष्ट्र प्रतिबंधों को समाप्त करने की दिशा में काम करेगा।

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू किया था। यह लड़ाई तेहरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए शुरू की गई थी और सात अप्रैल को युद्धविराम हुआ था।

अमेरिका की ओर से ईरान को तत्काल स्वतंत्र रूप से तेल बेचने की अनुमति देने और बाद में प्रतिबंधों को हटाने के प्रस्ताव को उन रियायतों से बड़ा माना जा रहा है, जो ईरान को 2015 के परमाणु समझौते के तहत दी गई थी।

ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में इस समझौते से अमेरिका को अलग कर लिया था और उसे सबसे खराब समझौता करार दिया था। यह माना जा रहा है कि इस नए समझौते की अमेरिका में कड़ी आलोचना हो सकती है और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए भी बड़ा झटका हो सकता है, जिन्होंने 28 फरवरी को ट्रंप के साथ मिलकर युद्ध शुरू किया था।

ये है समझौते की प्रमुख बातें -

'अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ स्टैंडिंग' नाम का यह दस्तावेज हालांकि कई सवालों के जवाब नहीं देता है और कई मुद्दों को अनसुलझा छोड़ देता है। आइए यहां इस समझौते के टेक्स्ट के बारे में जानकारी दी गई है।

1- इसके पहले पैराग्राफ में कहा गया है कि अमेरिका, ईरान और उनके सहयोगी लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई तुरंत और हमेशा के लिए खत्म करेंगे। वे यह भी तय करते हैं कि अब से वे एक-दूसरे के खिलाफ कोई युद्ध या सैन्य कार्रवाई शुरू नहीं करेंगे और न ही एक-दूसरे के खिलाफ बल प्रयोग करेंगे या बल प्रयोग की धमकी देंगे। लेबनान की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता का सम्मान किया जाएगा।


2- संयुक्त राज्य अमेरिका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने और एक-दूरे के आंतरिक मामलों में दखन न देने का संकल्प लेते हैं।

3- अमेरिका और ईरान अधिकतम 60 दिनों में बातचीत करके अंतिम समझौता करने का वादा करते हैं। आपसी सहमति से इस समय-सीमा को बढ़ाया जा सकता है।

4- इस MoU पर हस्ताक्षर होते ही अमेरिका, ईरान के खिलाफ अपनी नौसैनिक नाकेबंदी और किसी भी रुकावट या बाधा को हटाना शुरू कर देगा और 30 दिनों के भीतर नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह से खत्म कर देगा। इस दौरान जहाजों की आवाजाही ईरान द्वारा बहाल किए जा रहे युद्ध पूर्व ट्रैफिक के अनुपात में होगी। अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान के आस-पास से अपनी सेनाएं हटा लेगा।

5- ईरान अपनी पूरी कोशिश से कमर्शियल जहाजों के लिए फारस की खाड़ी से ओमान सागर और इसके विपरीत दिशा में सुरक्षित आवाजाही की व्यवस्था करेगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह व्यवस्था केवल 60 दिनों के लिए होगी। कमर्शियल जहाजों की आवाजाही तुरंत शुरू होगी और तकनीकी व सैन्य बाधाओं को हटाने और समुद्री माइंस की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ईरान 30 दिनों के भीतर यह व्यवस्था लागू कर देगा।

ईरान, ओमान के साथ बातचीत करके होर्मुज जलडमरूमध्य में भविष्य के प्रशासन और समुद्री सेवाओं को तय करेगा। इसमें फारस की खाड़ी से सटे अन्य देशों के साथ भी चर्चा की जाएगी और लागू अंतरराष्ट्रीय कानूनों और होर्मुज जलडमरूमध्य के तटीय देशों के संप्रभु अधिकारों का ध्यान रखा जाएगा।

6- अमेरिका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की एक पक्की और आपसी सहमति वाली योजना तैयार करने का वादा करता है। इसे लागू करने का तरीका अंतिम समझौते के हिस्से के तौर पर 60 दिनों के भीतर तय किया जाएगा।

7- अमेरिका फाइनल डील के तहत ईरान पर लगे सभी तरह के प्रतिबंध हटाएगा। इसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, IAEA के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्ताव और अमेरिका के सभी एकतरफा प्रतिबंध शामिल हैं।

8- ईरान ने वादा किया है कि वह परमाणु हथियार नहीं खरीदेगा और न ही बनाएगा। अमेरिका और ईरान जमा किए गए संवर्धित यूरेनियम के निपटारे के लिए ऐसे तरीके पर सहमत हुए हैं, जो आपसी सहमति से तय होगा। इसमें IAEA की देखरेख में साइट पर ही मैटीरियल को डाउन-ब्लेंड करने का तरीका अपनाया जाएगा।

9- फाइनल डील होने तक, अमेरिका और ईरान मौजूदा स्थिति बनाए रखने पर सहमत हुए हैं। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की मौजूदा स्थिति बनाए रखेगा और अमेरिका कोई नया प्रतिबंध नहीं लगाएगा और न ही क्षेत्र में अतिरिक्त सेना तैनात करेगा।

10- अमेरिका ने वादा किया है कि हस्ताक्षर होते ही और प्रतिबंध हटने तक, अमेरिकी वित्त विभाग ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम उत्पादों और बैकिंग लेन-देन आदि जैसी संबंधित सेवाओं के निर्यात के लिए छूट जारी करेगा।

11- अमेरिका, ईरान के फ्रीज किए फंड और संपत्ति को इस्तेमाल के लिए पूरी तरह उपलब्ध कराएगा। अमेरिका और ईरान बातचीत के दौरान इन फंड को जारी करने से जुड़ी प्रक्रियाओं पर आपसी सहमति बनाएंगे। इसे ईरान के सेंट्रल बैंक द्वारा तय किए गए किसी भी अंतिम लाभार्थी को भुगतान के लिए पूरी तरह से इस्तेमाल करने लायक बनाया जाएगा।

12- अमेरिका और ईरान इस बात पर सहमत हैं कि इस MoU के सफल कार्यान्यवन (Implementation) और अंतिम समझौते के भविष्य में पालन की निगरानी के लिए एक कार्यकारी तंत्र स्थापित किया जाएगा।

13- MoU पर हस्ताक्षर के बाद इसके पैराग्राफ 1, 4, 5 10 और 11 का लागू करने की शुरुआत और इन उपायों के लगातार कार्यान्वयन के अधीन, अमेरिका और ईरान अन्य पैराग्राफ पर अंतिम समझौते के संबंध में बातचीत शुरू करेंगे।

14- अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के एक बाध्यकारी प्रस्ताव से मंजूरी दी जाएगी।

What's Your Reaction?

Like Like 3
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Sharad Mishra

शरद मिश्र सर्व वर्ल्डवाइड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा कंपनी के स्वामीत्य न्यूज़ असर के प्रधान संपादक है उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि जन सरोकारिता पत्रकारिता की रही है अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े

Comments (0)

User