यहां EV खरीदने वालों के मजे ही मजे! आधी कीमत पर खरीद सकते हैं बाइक और ऑटो
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लाइसेंस प्राप्त बाइक टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए ऐसी योजना तैयार की जाए, जिसके तहत उन्हें इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल सके. सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने से चालकों का फ्यूल खर्च काफी कम होगा. पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच ईवी चलाना सस्ता पड़ता है, जिससे उनकी रोजाना की कमाई में भी बढ़ोतरी हो सकती है.
देशभर में इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार नई योजनाएं लागू कर रही हैं. इसी कड़ी में गोवा सरकार ने भी बड़ा कदम उठाने की तैयारी की है.
दरअसल, राज्य सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने पर 50 फीसदी सब्सिडी देने की तैयारी कर रही है. इसके साथ ही राज्य में 70 नए चार्जिंग स्टेशन भी लगाए जाएंगे ताकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए इस्तेमाल आसान किया जा सके.
आपके लिए यहां यह चीज जानना जरूरी है कि गोवा का हर नागरिक आधी कीमत पर इलेक्ट्रिक गाड़ी नहीं खरीद सकेगा बल्कि सरकार की यह 50 फीसदी बंपर सब्सिडी पर्सनल यूज के लिए गाड़ी खरीदने वालों के लिए नहीं है. इसका फोकस पूरी तरह से कमर्शियल ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर है.
मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की अध्यक्षता में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि लाइसेंस प्राप्त बाइक टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों के लिए ऐसी योजना तैयार की जाए, जिसके तहत उन्हें इलेक्ट्रिक गाड़ी खरीदने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल सके.
सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने से चालकों का फ्यूल खर्च काफी कम होगा. पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच ईवी चलाना सस्ता पड़ता है, जिससे उनकी रोजाना की कमाई में भी बढ़ोतरी हो सकती है.
इलेक्ट्रिक व्हीकल के यूज को आसान बनाने के लिए गोवा सरकार केवल सब्सिडी ही नहीं देगी, बल्कि पूरे राज्य में 70 नए ईवी चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित करेगी. ये चार्जिंग स्टेशन केंद्र सरकार की PM E-Drive Scheme के तहत लगाए जाएंगे. इससे ईवी चालकों को चार्जिंग की सुविधा आसानी से मिलेगी और लंबी दूरी की यात्रा करना भी पहले से ज्यादा सुविधाजनक हो जाएगा.
सरकार ऐसी नई नीति तैयार कर रही है जिसके तहत डीजल जनरेटर की जगह बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS), सोलर पावर और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.इसके अलावा राज्य परिवहन निगम (KTC) की लगभग 10 साल पुरानी डीजल बसों को भी CNG इंजन में बदलने की योजना है.
इससे बसों से होने वाला प्रदूषण कम होगा और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी ईको-फ्रेंडली होगा. इस योजना के लागू होने से बाइक टैक्सी और ऑटो चालकों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ राज्य में इलेक्ट्रिक गाड़ियों का उपयोग भी तेजी से बढ़ सकता है.