लखनऊ डबल मर्डर और सुसाइड, खुले नए राज: बहन के बेडरूम में मानस ने लगवाया था कैमरा, CCTV में कैद हुई हत्या

पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मानस और दिव्या के रिश्ते लंबे समय से ठीक नहीं थे. दोनों करीब एक साल से अलग रह रहे थे और तलाक की प्रक्रिया भी चल रही थी. पुलिस को घर से कुछ ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं, जिनसे तलाक की कानूनी प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी मिलती है.

Aug 21, 2026 - 10:03
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लखनऊ डबल मर्डर और सुसाइड, खुले नए राज: बहन के बेडरूम में मानस ने लगवाया था कैमरा, CCTV में कैद हुई हत्या


मानस ने बहन की सुरक्षा के लिए बेडरूम में सीसीटीवी कैमरा लगा रखा था। पुलिस ने डीवीआर को कब्जे में ले लिया है। पूरी घटना कैमरे में कैद है। ममेरे भाई अंशु मिश्र के मुताबिक व्हाट्सएप स्टेटस देखने के बाद उन्हें घटना की जानकारी हुई। मानस पिछले तीन माह से ऑडिट के सिलसिले में बाहर थे। दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्र यूट्यूबर हैं। 


उन्होंने बताया कि बहन दिव्या पति की हरकतों की वजह से अलग रह रही थी। नवंबर 2025 के बाद दिव्या मानस के घर नहीं गई थीं। दिव्या सुबह नौ बजे दफ्तर पहुंचीं और फिर कुछ चेक कलेक्ट करने के लिए अपने सहयोगी के साथ बाहर चली गई।


इस बीच मानस दो रिवॉल्वर के साथ ऑटो से रेकी करने लगा। जब दिव्या बैंक पहुंची तो गेट पर मानस ने पहले असलहे से गोली चलाई। आरोप है कि मानस ने असलहे की बट से चेहरे व सिर पर कई वार किए। इसके बाद आरोपी ने फिर दूसरा असलहा निकालकर गोली मार दी।


प्रज्ञा ने पोस्ट कर लिखा कि दिव्या मेरी बहन तुम अब नहीं हो ये यकीन कर पाना बहुत मुश्किल है। तुम मम्मी का बेटा थीं.. मम्मी का बार-बार फोन आ रहा है। मेरी हिम्मत नहीं है कि मैं उनको कह सकूं की तुम अब नहीं रहीं।


दिव्या, काश कि तुम इतनी सीधी नहीं होतीं। काश की हम आज पूर्णागिरि घूमने चले गए होते। दिव्या के पिता सतीश चंद्र मिश्र म्यूजिक टीचर हैं। दिव्या ही परिवार का खर्च चलाती थीं। दिव्या की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मचा है।


बता दे कि दिव्या की बहन प्रज्ञा मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया कि उनकी बहन अपने पति और ननद की वजह से अलग रह रही थीं. उन्होंने लिखा, 'मेरी बहन दिव्या मिश्रा लखनऊ के गोमतीनगर आईसीआईसीआई बैंक में डिप्टी मैनेजर के पद पर थी.


वो पति की साइको हरकतों और उसकी बहन के पागलपन की बिमारी की वजह से अलग रह रही थी. रोज की तरह वो सुबह 9 बजे दफ्तर पहुंची थी. दफ्तर पहुंचने के बाद उसने अपना कामकाज निपटाया. उसके बाद वो किसी से कुछ चेक कलेक्ट करने के लिए अपने कलीग के साथ बाहर चली गई. इस दरमियान उसका साइको पति दो रिवॉल्वर के साथ ऑटो से रेकी करने लगा.'


प्रज्ञा ने आगे लिखा, 'दिव्या जब बैंक वापस पहुंची तो बैंक के गेट पर उसके पति ने पहले पहली रिवॉल्वर से गोली चलाई. फिर रिवॉल्वर की बट से चेहरे सिर पर कई वार किए. पास के सब लोग जान बचाकर भाग गए. फिर दूसरी रिवॉल्वर निकाली, उससे फायर किया. माथे पर उसके बहुत बड़े-बड़े होल हैं.


दिव्या मेरी बहन तुम अब नहीं हो, ये यकीन कर पाना बहुत मुश्किल है. तुम मम्मी का बेटा थीं. मम्मी का बार बार फोन आ रहा है. मेरी हिम्मत नहीं है की की मैं उनको कह सकूं कि तुम अब नहीं रही. दिव्या काश के तुम इतनी सीधी नहीं होती. काश के हम आज पूर्णागिरि घूमने चले गए होते.'


हालांकि, पुलिस की ओर से अभी इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है. पुलिस घटनास्थल से मिले सबूतों और दोनों परिवारों के बयानों के आधार पर मामले की जांच कर रही है.

मानस के मकान में ओम फास्ट फूड सेंटर एंड ईटिंग प्वाइंट नाम से रेस्टोरेंट चलाने वाले लवकुश ने बताया कि पत्नी की हत्या करने के बाद जब मानस घर पहुंचा तो वह काफी परेशान लग रहा था। उसके माथे पर पसीना था। 

लवकुश कुछ बोलते, उससे पहले मानस ने उनका हालचाल पूछा। लवकुश ने सब ठीक होने की बात कही। इसके बाद लवकुश ने मानस से पूछा, “क्या भैया, सब ठीक है? आप परेशान लग रहे हैं।” इस पर मानस ने जवाब दिया, “कुछ नहीं, ऑफिस की टेंशन है।” इतना कहकर वह अंदर चला गया और दरवाजा बंद कर लिया।


लवकुश ने बताया कि उनके एक साथी शरद ने सबसे पहले मानस के मोबाइल फोन पर लगा स्टेटस देखा और उन्हें फोन किया। शरद की बात सुनते ही लवकुश ने मानस के घर का दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस बीच मानस के मामा का बेटा भी स्टेटस देखकर मौके पर पहुंच गया। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। लवकुश ने बताया कि वह छत पर पहुंचे तो वहां भी दरवाजा बंद था। इसके बाद लोगों की मदद से घर का दरवाजा तोड़ा गया। अंदर कमरे में मानस और तुलिका मृत पड़े थे। तुलिका के माथे पर गोली लगी थी, जबकि मानस की बाईं कनपटी पर गोली का निशान था।

इस मामले में आरोपी मानस के WhatsApp स्टेटस को भी जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है. पुलिस के मुताबिक, पत्नी की हत्या के बाद और खुदकुशी से पहले मानस ने वॉट्सऐप पर एक स्टेटस लगाया था. इसमें उसने पत्नी पर उसे धोखा देने का आरोप लगाया था. पुलिस के अनुसार, स्टेटस में मानस ने यह भी लिखा था कि वह खुद को और अपनी बहन को मारने वाला है. उसने अपने स्टेटस में लिखा, 'आज मैंने अपनी पत्नी की हत्या कर दी है, क्योंकि वो मुझसे धोखा कर रही थी. अब मुझे खुद को और अपनी अपनी बहन को भी मारना होगा.'


पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि मानस और दिव्या के रिश्ते लंबे समय से ठीक नहीं थे. दोनों करीब एक साल से अलग रह रहे थे और तलाक की प्रक्रिया भी चल रही थी. पुलिस को घर से कुछ ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं, जिनसे तलाक की कानूनी प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी मिलती है. दिव्या के परिवार की ओर से भी दावा किया गया है कि दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था और कोरोना महामारी के बाद से वे अलग रह रहे थे. परिवार ने मानस की मानसिक स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए हैं.


बताया जा रहा है कि मानस के माता-पिता की मौत हो चुकी थी और वो अपनी बहन के साथ रहते थे. पहले पत्नी भी साथ रहती थीं, लेकिन पिछले लगभग एक साल से दोनों अलग रहते थे. दोनों के बीच तलाक की प्रक्रिया भी चल रही थी. बताया जा रहा है कि मानस की बहन मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं थी, इसीलिए शायद मानस को ये लगा होगा कि उनके बाद बहन की देखभाल कौन करेगा. यही वजह रही हो कि मानस ने इतना बड़ा कदम उठाया. पत्नी को मारने के बाद बहन की हत्या की और फिर खुद को भी गोली मार दी.

लखनऊ पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा के मुताबिक, शुरुआती जांच में पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है. पुलिस ने घटनास्थलों से तीन पिस्तौल बरामद की हैं. फॉरेंसिक टीम ने भी मौके से सबूत जुटाए हैं. पुलिस अब मानस के वॉट्सऐप स्टेटस, तलाक से जुड़े दस्तावेज, परिवार के बयानों और घटनास्थल से मिले सबूतों को जोड़कर पूरी कहानी समझने की कोशिश कर रही है. मृतका की बहन प्रज्ञा के सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावों की भी जांच की जा रही है.


पत्नी और बहन की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को गोली मारकर जान देने वाले मानस के घर से पुलिस को एक तमंचा और दो पिस्टल मिली हैं। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि मानस के पास ये तीनों असलहे कहां से आए। एडीसीपी पूर्वी ने बताया कि मानस के पास शस्त्र लाइसेंस नहीं था। यह तय है कि या तो उसने तीनों असलहे खरीदे थे या किसी जानने वाले से लिए थे। एडीसीपी के मुताबिक, इस पूरी घटना के संबंध में अभी कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। आवश्यकता पड़ने पर आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर विवेचना की जाएगी कि मानस के पास असलहे कहां से और कब आए।

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Mishra Shivani

Shivani Mishra Chief Desk Editor in NewsAsr.com and having vast experience in field of Journalism

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