7 सालों से नर्क जैसी जिंदगी! पत्नी की मार से चली गई आंखों की रोशनी, 8 दिन से कमरे में बंद पति

पड़ोसियों से घटना की जानकारी पर पुलिस भी आई थी, लेकिन अशोक कुमार में पत्नी का खौफ इतना है कि उन्होंने पत्नी के आने तक दरवाजा न खोलने की बात कही, इस पर पुलिस लौट गई. अशोक की गुहार है कि पत्नी के आते ही उसे बाहर निकाला जाए और कहीं सुरक्षित वृद्ध आश्रम में भेज दिया जाए. पीड़ित अशोक की उम्र 60 साल है. जानकारि के मुताबिक, 34 साल पहले अशोक कुमार की शादी हुई थी. अशोक के तीन बच्चे हैं. अशोक पहले प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते थे, मगर कुछ साल पहले उनके आंखों की रोशनी खराब हो गई और उन्होंने पढ़ाना बंद कर दिया.

7 सालों से नर्क जैसी जिंदगी! पत्नी की मार से चली गई आंखों की रोशनी, 8 दिन से कमरे में बंद पति


उत्तर प्रदेश के हाथरस से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां शहर के मोहल्ला बालापट्टी के एक पूर्व शिक्षक अशोक कुमार पिछले आठ दिनों से अपने घर के कमरे में बंद है. उनका आरोप है कि पत्नी उन्हें प्रताड़ित करती है. अक्सर कमरे में बंद करके चली जाती है और अगर घर रहती है तो मारपीट करती है.

उनका दावा है कि वे सात साल से प्रताड़ना झेल रहे हैं. पिटाई से ही उनकी आंखों की रोशनी चली गई है. पत्नी चार दिन का खाना बनाकर गई थी. अब भाइयों का परिवार उन्हें खिड़की से खाना दे रहा है. महिला के डर से न कोई दरवाजा खोल रहा है और न ही कोई पुलिस को सूचना दे रहा है.


पड़ोसियों से घटना की जानकारी पर पुलिस भी आई थी, लेकिन अशोक कुमार में पत्नी का खौफ इतना है कि उन्होंने पत्नी के आने तक दरवाजा न खोलने की बात कही, इस पर पुलिस लौट गई. अशोक की गुहार है कि पत्नी के आते ही उसे बाहर निकाला जाए और कहीं सुरक्षित वृद्ध आश्रम में भेज दिया जाए.


पीड़ित अशोक की उम्र 60 साल है. जानकारि के मुताबिक, 34 साल पहले अशोक कुमार की शादी हुई थी. अशोक के तीन बच्चे हैं. अशोक पहले प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाते थे, मगर कुछ साल पहले उनके आंखों की रोशनी खराब हो गई और उन्होंने पढ़ाना बंद कर दिया.


अशोक ने अपनी पत्नी पर कई गंभीर आरोप लगाए है. उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी बबली आए-दिन उन्हें कमरे में बंद कर देती है और कभी कभी तो खूब मारती है उन्होंने बताया कि इसी मारपीट की वजह सेउनकी आंखों की रोशनी चली गई. उनके साथ पत्नी इतनी मारपीट करती है कि जैसे वह बात नहीं सकते. अब पत्नी चार दिन का खाना बनाकर गई थी, जिसके बाद से उनके भाई-बहन खिड़की से उन्हें खाना पहुंचा रहे हैं.