रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! वेटिंग टिकट होने पर भी मिल सकती है कन्फर्म सीट, ऐसे करें आवेदन

परेशानी को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे और IRCTC ने ऑप्शन स्कीम शुरू की है. इस योजना के तहत अगर आपकी बुक की गई ट्रेन में सीट मौजूद नहीं होती है, तो रेलवे आपको उसी रूट की किसी दूसरी ट्रेन में सीट देने की कोशिश करता है. 

रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी! वेटिंग टिकट होने पर भी मिल सकती है कन्फर्म सीट, ऐसे करें आवेदन


अगर आप अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं तो ऐसे में आपको वेटिंग टिकट कंफर्म होने की टेंशन जरूर रहती होगी. कई बार यात्रा की तारीख नजदीक आ जाती है, लेकिन टिकट कंफर्म नहीं हो पाता जिससे आपको कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. 


इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे और IRCTC ने ऑप्शन स्कीम शुरू की है. इस योजना के तहत अगर आपकी बुक की गई ट्रेन में सीट मौजूद नहीं होती है, तो रेलवे आपको उसी रूट की किसी दूसरी ट्रेन में सीट देने की कोशिश करता है. 

क्या है IRCTC ऑप्शन स्कीम?

IRCTC ऑप्शन स्कीम खासतौर पर वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों के लिए है. यानी अगर आपकी पहली ट्रेन में सीट कंफर्म नहीं होती है तो दूसरी ट्रेन में सीट खाली होने पर रेलवे आपकी बुकिंग को उसमें ट्रांसफर कर सकता है. 


हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आपको ट्रेन में सीट पक्की मिल ही जाएगी, यह वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को कंफर्म सीट पाने का एक मौका जरूर देती है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इसके लिए आपको कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना पड़ता है, बल्कि आपको सिर्फ अपने मूल टिकट का किराया देना होता है. 

IRCTC ऑप्शन स्कीम के लिए कैसे करें आवेदन?

सबसे पहले IRCTC वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर लॉगिन करें.
अपनी यात्रा की तारीख, स्टेशन और ट्रेन की क्लास चुनकर ट्रेन सर्च करें. 
यात्री की डिटेल भरकर टिकट बुक करें.
अगर टिकट वेटिंग में है, तो Vikalp Scheme का ऑप्शन चुनें.
ऑप्शन चुनने के बाद आपको उसी रूट की दूसरी ट्रेनों की लिस्ट दिखाई देगी. 
आप अपनी सुविधा के मुताबिक वैकल्पिक ट्रेन को चुन सकते हैं.
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क्या है ऑप्शन स्कीम के फायदे?

वेटिंग टिकट होने के बावजूद आपको एक ही रूट की कई ट्रेनों में सीट मिलने का मौका मिलता है, जिससे आपका सफर आसान हो सकता है. 
अगर रेलवे आपको दूसरी ट्रेन में सीट देता है, तो इसके लिए आपको कोई एक्स्ट्रा किराया नहीं देना पड़ता है.
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि आखरी समय में आपको दोबारा नई टिकट बुक करने या दूसरी ट्रेन खोजने की जरूरत नहीं पड़ती.
यह स्कीम आपको एक ही बार में कई ट्रेनों का विकल्प देती है. जिससे सीटों की उपलब्धता के आधार पर आपके कंफर्मेशन की उम्मीद कई गुना बढ़ जाती है.


ऑप्शन स्कीम के जरूरी नियम

यह सुविधा सिर्फ वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को मिलती है.
चार्ट बनने के बाद ही सीट ट्रांसफर की प्रोसेस पूरी होती है.
एक PNR में सभी यात्रियों को एक साथ दूसरी ट्रेन में सीट मिल सकती है या फिर किसी को भी नहीं मिलेगी. 
अगर आपको दूसरी ट्रेन में सीट मिल जाती है, तो आप पुरानी ट्रेन से यात्रा नहीं कर सकते हैं. 
वैकल्पिक ट्रेन में आपका नाम आने के बाद मूल ट्रेन की वेटिंग लिस्ट में आपका नाम नहीं दिखेगा.


इन बातों का रखें ध्यान

चार्ट बनने के बाद अपना PNR स्टेटस चेक करते रहें.
दूसरी ट्रेन में सीट मिलने के बाद उसी ट्रेन में सफर करना होगा.
टिकट कैंसिल करने पर रेलवे के नियमों के मुताबिक आपको चार्ज देना पड़ सकता है.
ऑप्शन चुनने का मतलब 100% कंफर्म टिकट की गारंटी नहीं है.