श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ऑडिट में खुले ये राज; गहने गला दिए, अनुकल्प हो सकता है चढ़ावा चोरी का मास्टर माइंड

लाखों-करोड़ों रुपये के कीमती गहने श्रद्धालुओं ने दान दिए हैं। कई दान देने वालों ने सवाल भी उठाए हैं। ऑडिट में भी इसका जिक्र नहीं है। एसआईटी इस पहलू को बहुत ही गंभीरता से जांच रही है। इसका पूरा काम चंपत राय के कहने पर टिन्नू देखता था। सूत्र बताते हैं कि गहनों को गलाया भी जाता था। अंदेशा है कि इसी के बाद कहीं न कहीं गलाए गए गहनों को इधर से उधर किया जाता था। एसआईटी को कुछ सुबूत व गवाह तो मिले हैं, लेकिन देखना यह होगा कि इसको वह साबित कैसे करेगी। अगर यह सही है तो इसमें भी चंपत राय की जिम्मेदारी तय होगी।

Jul 05, 2026 - 09:16
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श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी: ऑडिट में खुले ये राज; गहने गला दिए, अनुकल्प हो सकता है चढ़ावा चोरी का मास्टर माइंड

श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) को वित्तीय अनियमितताओं के साथ दान में मिले गहनों में भी गंभीर गड़बड़ियों के संकेत मिले हैं। जांच में आशंका जताई जा रही है कि श्रद्धालुओं द्वारा दान किए गए गहनों को गलाकर उनका मूल स्वरूप बदला गया और बाद में उनमें हेरफेर की गई। हालांकि इसकी अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

एसआईटी दो दिवसीय दूसरे चरण की जांच पूरी कर शुक्रवार रात लखनऊ लौट गई। टीम ट्रस्ट के गठन से अब तक के करीब पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों, लेनदेन और ऑडिट दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान ट्रस्ट के सभी प्रमुख वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में लिए गए हैं। शुरुआती जांच में ऑडिट और वित्तीय लेनदेन में कई खामियां सामने आई हैं। अधिकारियों के अनुसार, दान की राशि में कथित हेरफेर गिनती के दौरान ही किए जाने की आशंका है, जिससे वास्तविक दान राशि और संभावित गबन का सटीक आकलन करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।


लाखों-करोड़ों रुपये के कीमती गहने श्रद्धालुओं ने दान दिए हैं। कई दान देने वालों ने सवाल भी उठाए हैं। ऑडिट में भी इसका जिक्र नहीं है। एसआईटी इस पहलू को बहुत ही गंभीरता से जांच रही है। इसका पूरा काम चंपत राय के कहने पर टिन्नू देखता था। सूत्र बताते हैं कि गहनों को गलाया भी जाता था। अंदेशा है कि इसी के बाद कहीं न कहीं गलाए गए गहनों को इधर से उधर किया जाता था। एसआईटी को कुछ सुबूत व गवाह तो मिले हैं, लेकिन देखना यह होगा कि इसको वह साबित कैसे करेगी। अगर यह सही है तो इसमें भी चंपत राय की जिम्मेदारी तय होगी।


सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी ने ट्रस्ट से जुड़े तीनों सीए से भी पूछताछ की है। उन्होंने किस तरह से ऑडिट किया है, वह पूरी प्रक्रिया समझी है। सभी दस्तावेज भी लिए हैं। एसआईटी के कई ऐसे सवाल थे, जिनके जवाब सीए नहीं दे सके। एसआईटी दोबारा इन सभी से पूछताछ कर सकती है। एसआईटी ने चार से पांच और लोगों को नोटिस देकर पूछताछ के लिए बुलाया है, जो अनिल मिश्रा व चंपत राय के करीबी हैं।


बता दे कि राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब अनुकल्प मिश्रा की आर्थिक गतिविधियों पर केंद्रित हो गई है। सूत्रों के मुताबिक जांच में अब तक मिले तथ्यों के आधार पर अनुकल्प को चढ़ावा चोरी मामले का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। उसकी संपत्तियों, खर्च और लेनदेन की जांच तेज की गई है।


सूत्रों के अनुसार मूलरूप से इनायतनगर क्षेत्र निवासी अनुकल्प मिश्रा वर्ष 2021-22 से मंदिर व्यवस्था से जुड़ा था। बीच में कुछ समय तक उसने काम छोड़ा और करीब दो वर्ष पहले फिर से जुड़ गया। जांच में उसके पास दो कार होने की जानकारी मिली है, जिनमें एक नई कार पिछले वर्ष खरीदी गई थी। इसमें गत वर्ष खरीदी गई कार की फोटो उसने सोशल मीडिया पर भी साझा किया था।

वहीं, अनुकल्प के घर आयोजित कथा में महिलाओं को वितरित करने के लिए खरीदी गई साड़ी भी जांच में शामिल है। सूत्रों के अनुसार अनुकल्प ने इसे कुमारगंज के एक व्यापारी से खरीदी थीं। इस संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है कि खरीद का भुगतान किस स्रोत से किया गया।

एसआईटी ने जब से तफ्तीश करनी शुरू की है, तब से मंदिर से जुड़ी खरीदी गई जमीनों को लेकर कई मामले सामने आए हैं, जिनमें आरोप है कि जमीन की खरीद में कई तरह की गड़बड़ियां की गई हैं। एसआईटी ने कई लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। दस्तावेज भी कब्जे में लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक, जमीन की खरीद-फरोख्त की जड़ें बहुत गहरी हैं। इसलिए एसआईटी इसकी विस्तृत जांच न करके मिले सुबूतों को शासन को सौंपेगी। बाकी ऑडिट संबंधी जांच की रिपोर्ट तैयार करेगी।

पुलिस आठ आरोपियों को जेल भेजने के बाद की विवेचना में कड़ियां जोड़ने में जुटी है। आरोपियों के संपर्क में रहने वाले आठ लोगों को चिह्नित किया है। इसमें कुछ बैंक कर्मी व गणनाकर्मी भी हैं। इन सभी का कनेक्शन आरोपियों से मिला है। अंदेशा है कि ये भी चोरी के खेल में शामिल थे। सुबूत जुटाने के बाद पुलिस इनको आरोपी बनाकर गिरफ्तार करेगी। वहीं, जेल में बंद कई और आरोपियों को भी रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर सकती है।

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Sharad Mishra

शरद मिश्र सर्व वर्ल्डवाइड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा कंपनी के स्वामीत्य न्यूज़ असर के प्रधान संपादक है उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि जन सरोकारिता पत्रकारिता की रही है अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े

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