सामने आई मुख्य वजह;आग लगने के बाद भाग क्यों नहीं सके बच्चे?सीएम योगी आदित्यनाथ सख्त,अब तक 4 गिरफ्तार
अलीगंज के पुरनिया स्थित बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप की दुकान है। पहली मंजिल पर पेट शॉप मालिक का वेयरहाउस है। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और गेमिंग जोन के साथ 12वीं तक के विद्यार्थियों की कोचिंग चलती थी। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में अचानक आग लग गई। चंद मिनटों में आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। बिल्डिंग में मौजूद कई लोग विकराल हुई आग के बीच घिर गए। दूसरी व तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र भीतर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू के दौरान 15 शव बाहर निकाले गए।
राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित एक बिल्डिंग में आग लगने से कोचिंग पढ़ने व एनीमेशन कोर्स करने वाले 15 छात्रों की जलकर मौत हो गई। कई छात्र गंभीर रूप से झुलस गए। जान बचाने के लिए बिल्डिंग से कूदे नौ छात्र गंभीर रूप से घायल हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ का दौरा छोड़कर वापस आए और घटनास्थल का मुआयना किया। रक्षामंत्री एवं राजधानी के सांसद राजनाथ सिंह भी लखनऊ के लिए रवाना हो गए हैं। शॉर्ट सर्किट और एसी का कंप्रेसर फटने के कारण आग लगने की आशंका जताई जा रही है।
अलीगंज के पुरनिया स्थित बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर पेट शॉप की दुकान है। पहली मंजिल पर पेट शॉप मालिक का वेयरहाउस है। दूसरी मंजिल पर थ्री-डी एनीमेशन ट्रेनिंग सेंटर और गेमिंग जोन के साथ 12वीं तक के विद्यार्थियों की कोचिंग चलती थी। पुलिस के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे वेयरहाउस में अचानक आग लग गई।
चंद मिनटों में आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई। बिल्डिंग में मौजूद कई लोग विकराल हुई आग के बीच घिर गए। दूसरी व तीसरी मंजिल पर मौजूद छात्र भीतर ही फंस गए। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम के साथ एसडीआरएफ ने बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। करीब दो घंटे चले रेस्क्यू के दौरान 15 शव बाहर निकाले गए।
वहीं कई झुलसे छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें से कई की हालत गंभीर है। हादसे के वक्त मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री सभा छोड़ तुरंत वापस आए। उनके निर्देश पर प्रमुख सचिव गृह संजय प्रसाद, डीजीपी राजीव कृष्ण, डीजी फायर सुजीत पांडेय, पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर समेत तमाम अधिकारी मौके पर पहुंचे। देर शाम तक राहत-बचाव कार्य जारी था।
बिल्डिंग में संचालित एनिमेशन सेंटर पूरी तरह से ऑटोमेटिक था। सेंटर का गेट भी बॉयोमीट्रिक व्यवस्था से खुलता था। आग लगते ही गेट लॉक हो गया। भीतर मौजूद लोगों ने काफी प्रयास किया, लेकिन गेट नहीं खुला।
गेट इतना भारी था कि उसको भीतर से तोड़ा भी नहीं जा सका। इसके कारण सेंटर के कर्मचारी और वहां ट्रेनिंग ले रहे लोग फंस गए। काफी प्रयास के बाद भी वे लोग बाहर नहीं निकल सके और उनकी मौत हो गई।
अग्निकांड का कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। शुरू में जब आग लगी तो कुछ युवक युवतियों ने हिम्मत दिखाते हुए बिल्डिंग का शीशा तोड़ दिया। इसके बाद बिजली के तार के सहारे तीसरे तल से नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। कुछ युवक युवती तार पकड़कर उतरते समय नीचे गिर गए।
यही नहीं आग का विकराल रूप देखकर कुछ युवकों ने नीचे छलांग लगा दी। हादसे में जान गंवाने वाले मूलरूप से सीतापुर निवासी आदित्य श्रीवास्तव सेंटर में थ्री डी एनिमेशन का कोर्स कर रहे थे। वह राम राम बैंक चौराहे के पास किराए के मकान में रहते थे। परिवार में पिता आलोक और मां कल्पना हैं।
बेटे की मौत की खबर पाकर परिजन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। परिजनों ने बताया कि बेटे ने बताया था कि सेंटर में हाई लेवल के उपकरण लगे हैं। बिना बॉयोमीट्रिक के कोई भी भीतर नहीं जा सकता है। आग लगने के दौरान बिल्डिंग की बिजली चली गई थी। इससे सारा सिस्टम ठप हो गया और भीतर मौजूद लोग बाहर नहीं निकल सके।
आग में फंसे लोग मदद की गुहार लगाते रहे। तेज लपटों के बीच चीत्कार ऐसी कि बाहर खड़े लोग भी चीख उठे। आग के बीच मदद की गुहार लगाने वाले बच्चों की आवाज थोड़ी देर बाद शांत हो गई। इससे पहले कि राहत और बचाव कार्य पहुंच पाता 15 लोगों की जान चली गई। चिकित्सकों का कहना है कि प्रथमदृष्टया सभी की मौत दम घुटने से होना प्रतीत हो रहा है।
धुएं के कारण दम घुटने से लोगों की सांसें थम गईं। इसके बाद आग से लोगों के शव झुलस गए। आग पर काबू पाने के बाद दमकल और एसडीआरएफ के जवानों ने एक-एक कर शवों को बाहर निकाला।
कुछ शव बुरी तरह जल गए थे, जिन्हें बोरे में भरकर एंबुलेंस से पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया। देर रात तक टॉर्च की रोशनी में मलबे के बीच शवों की तलाश होती रही। सुरक्षा के लिहाज से बड़ी संख्या में पुलिस बल को घटना स्थल पर तैनात किया गया है।
बिल्डिंग में आग की खबर पाकर सैकड़ों की संख्या में वहां लोग जमा हो गए। पुलिस ने लोगों को किनारे हटाकर बचाव कार्य शुरू किया। हालांकि इतनी भयावह घटना की जानकारी मिलने के बाद भी भवन स्वामी वीरेंद्र वहां नहीं पहुंचे। घटना स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी आ गई थीं, जिनकी आंखों में आंसू थे। महिला पुलिसकर्मियों ने किसी तरह महिलाओं को वहां से हटाया।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अग्निकांड की जांच के लिए दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इसमें अपर मुख्य सचिव (पर्यटन और संस्कृति) अमृत अभिजात और एडीजी (लखनऊ) प्रवीण कुमार शामिल है। SIT को सात दिन में रिपोर्ट देनी।
मुख्यमंत्री के निर्देश पर चार अफसरों जानकीपुरम के एक्सईएन कलेक्शन गौरव कुमार, एफएसएसओ इंदिरानगर कमलेन्द्र कुमार सिंह, एई अनिल कुमार और प्रमोद पांडे को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड किया गया है।
सीपी अमरेंद्र कुमार सेंगर ने बताया कि इस मामले में चार नामजद व अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। नामजद आरोपितों अलीगंज स्थित सेक्टर-डी निवासी रामकृष्ण उपाध्याय, मदेयगंज नियर बड़ा दुगों मंदिर, सीतापुर रोड निवासी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, ठाकुरगंज निवासी तूशॉक कृष्णा जायसवाल और सुरेश कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
सीएम ने जान गंवाने वाले युवाओ के घरवालों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की घोषणा की। पीएम नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुःख जताते हुए मृतकों के परिवारजनों के लिए 2-2 लाख और घायलों के लिए 50-50 हजार रुपये आर्थिक मदद का ऐलान किया है।
सोमवार को अग्निकांड की सूचना मिलते ही सीएम अलीगढ़ का अपना दौरा बीच में रद्द कर राजधानी लौट आए। वह सीधे घटनास्थल पर पहुंचे। शासन व प्रशासन के अधिकारियों से हादसे की पूरी जानकारी ली। इसके बाद केजीएमयू गए और यहां भतीं घायलों से मिले।
उन्होंने कहा कि हम किसी की जिंदगी तो नहीं लौटा सकते, लेकिन विश्वास दिलाते है कि दोषी किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जाएंगे। सीएम ने मंगलवार को हाथरस व आगरा का प्रस्तावित अपना कार्यक्रम भी रद्द कर दिया है। बीजेपी ने भी मंगलवार को होने वाले अपने कार्यक्रम रद कर दिए हैं।
घटनास्थल पर सीएम के साथ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल व विधायक नीरज बबेरा मौजूद रहे। हादसे के बाद एलडीए ने देर रात ही आनन-फानन में बिल्डिंग को अवैध बताते हुए ध्वस्त करने का नोटिस चस्पा कर दिया। 15 दिन बाद बुलडोजर चल सकता है।