PM मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच परमाणु ऊर्जा में सहयोग का ऐतिहासिक अवसर

पीएम मोदी ने कहा, ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम भंडार और विशेषज्ञता भारत की परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं के पूरक हैं। उन्होंने भारत के बंदरगाहों, हवाई अड्डों, सड़कों, रेलवे और शहरी अवसंरचना क्षेत्रों में दीर्घकालिक ऑस्ट्रेलियाई निवेश को आमंत्रित करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया की प्रौद्योगिकी, पूंजी और संसाधन भारत के विकास पथ को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

Jul 09, 2026 - 09:47
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PM मोदी ने कहा- भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच परमाणु ऊर्जा में सहयोग का ऐतिहासिक अवसर


पीएम मोदी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं, जहां उन्होंने इंडिया-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि आज दुनिया अस्थिरता, सप्लाई चेन बाधा और ऊर्जा संकट से जूझ रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया के प्राकृतिक और विश्वसनीय पार्टनर हैं। 


ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को संबोधित किया। इसमें पीएम बोले कि आज यहां भारत और ऑस्ट्रेलिया की व्यापारिक शक्ति और व्यापारिक महत्वाकांक्षा के दर्शन एक साथ हो रहे हैं। 

आप सबकी उपस्थिति हमारे साझा विश्वास और साझा आकांक्षाओं का प्रतीक है। आज दुनिया अनिश्चितता, आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट और ऊर्जा संकट के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में भारत और ऑस्ट्रेलिया का प्राकृतिक और भरोसेमंद साझेदार के रूप में आगे बढ़ना स्वाभाविक भी है और आवश्यक भी है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, बीते वर्षों में हमने दोनों देशों की क्षमताओं के साथ भविष्य की साझेदारी का एक मजबूत ढांचा तैयार किया है। साल 2022 में रिकॉर्ड समय में किए गए ईसीटीए समझौते से हमारी आर्थिक साझेदारी और सशक्त हुई है। इस समझौते के लागू होने के बाद भारत से ऑस्ट्रेलिया को होने वाला निर्यात दोगुना हुआ है। इसके साथ ही दोनों देशों के व्यवसायों को नए बाजार पहुंच का लाभ मिला है।

इंडिया-ऑस्ट्रेलिया सीईओ फोरम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने साल 2030 तक 500 गीगावाट अक्षय ऊर्जा और 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य रखा है। 

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों की साझेदारी सिर्फ कुछ शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। हमारे राज्यों छोटे-बड़े शहरों और विश्वविद्यालयों आदि सभी को इस विकास गाथा में हिस्सेदार बनना होगा। 

प्रधानमंत्री ने कहा, ऑस्ट्रेलिया आज 4 खरब डॉलर के पेंशन फंड मैनेज करता है। भारत में पेंशन को पवित्रता के साथ देखा जाता है और यह करोड़ों लोगों के विश्वास को दिखाता है। ऑस्ट्रेलिया के ये पेंशन फंड भारत की विकास गाथा से लाभान्वित हो सकते हैं।


पीएम मोदी ने कहा, ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम भंडार और विशेषज्ञता भारत की परमाणु ऊर्जा महत्वाकांक्षाओं के पूरक हैं। उन्होंने भारत के बंदरगाहों, हवाई अड्डों, सड़कों, रेलवे और शहरी अवसंरचना क्षेत्रों में दीर्घकालिक ऑस्ट्रेलियाई निवेश को आमंत्रित करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलिया की प्रौद्योगिकी, पूंजी और संसाधन भारत के विकास पथ को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


प्रधानमंत्री ने कहा, लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंद प्रशांत महासागर में रणनीति के लिए दोनों देशों का साझा विजन है। हम अपनी व्यापारिक साझेदारी को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। इसमें आप लोगों (सीईओ) की भूमिका अहम है और मुझे विश्वास है कि ये बैठक नए विचारों, नई साझेदारी को जन्म देगी। 

कुछ समय पहले भारत ने SHANTI Act से न्यूक्लियर सेक्टर को प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिया है। हमने 2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य रखा है। ऑस्ट्रेलिया के विशाल यूरेनियम रिजर्व भारत की न्यूक्लियर यात्रा से सीधे रूप से जुड़ते हैं। हमारे लिए इस क्षेत्र में सहयोग बढाने के लिए ऐतिहासिक अवसर हैं।

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Sharad Mishra

शरद मिश्र सर्व वर्ल्डवाइड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा कंपनी के स्वामीत्य न्यूज़ असर के प्रधान संपादक है उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि जन सरोकारिता पत्रकारिता की रही है अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े

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