Iran-US War Restart : फिर बंद हो जाएगा होर्मुज! ईरान बोला 'MoU का दी एंड', ट्रंप ने किया नाकेबंदी का ऐलान

ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बिना एक पल गंवाए ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला शुरू कर दिया. अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने मिलकर ईरान के तटीय ठिकानों पर 80 से ज्यादा ठिकानों को बमबारी करके उड़ा दिया. ईरान के बंदर अब्बास, बुशहर, जहां ईरान का परमाणु पावर प्लांट है और केश्म आइलैंड जैसे इलाके लगातार हो रहे धमाकों से दहल उठे. अमेरिका ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, राडार साइट्स और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की 60 से ज्यादा लड़ाकू नावों को समंदर में ही दफन कर दिया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये हमला ईरान की उस ताकत को कुचलने के लिए था, जिसके दम पर वो अंतरराष्ट्रीय व्यापार को रोकने की गुस्ताखी कर रहा था.

Jul 08, 2026 - 20:57
0 27
Iran-US War Restart : फिर बंद हो जाएगा होर्मुज! ईरान बोला 'MoU का दी एंड', ट्रंप ने किया नाकेबंदी का ऐलान

ईरान और अमेरिका के बीच जंग री-स्टार्ट हो चुकी है. ट्रंप ने ईरान के साथ सीजफायर खत्म कर दिया है, जिसके बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आंखें लाल हो चुकी हैं और इजरायली सेना ने ईरान को नेस्तनाबूद करने के लिए अपने फाइटर जेट्स के इंजन स्टार्ट कर दिए हैं. 


ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं है और अब उसका लालच और बढ़ गया है. इस पूरी लड़ाई की सबसे बड़ी जड़ बना है दुनिया का सबसे सेंसिटिव समुद्री रास्ता- ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’, जहां ईरान एक खतरनाक नया खेल खेलने की जिद पर अड़ गया है.


दरअसल, ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ एक ऐसा समुद्री रास्ता है जहां से पूरी दुनिया का लगभग 20 से 30 फीसदी कच्चा तेल गुजरता है. मार्च और अप्रैल के महीने में जब अमेरिका और ईरान के बीच भयंकर गोलाबारी हो रही थी, तब ईरान ने इस रास्ते को बंद करने की धमकी दी थी. बाद में जून के महीने में दोनों देशों के बीच ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम’ साइन हुआ और कुछ शर्तों पर युद्धविराम हुआ था.

लेकिन ईरान अब इस रास्ते पर अपना पुराना हक नहीं, बल्कि एक ‘नया स्टेटस को’ (New Status Quo) यानी अपना नया कंट्रोल थोपना चाहता है. 


तेहरान का कहना है कि अब पुराना दौर भूल जाओ. ईरान ने ऐलान कर दिया कि अब जो भी कमर्शियल जहाज इस रास्ते से गुजरेंगे, उन्हें पहले ईरान की ‘परशियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ से भीख की तरह इजाजत मांगनी होगी, ईरान के तय किए रास्तों पर चलना होगा और तेहरान को भारी-भरकम टैक्स या फीस देनी होगी. 


ईरान इस अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ते को स्वेज नहर की तरह अपनी जागीर बनाना चाहता है, जिससे अमेरिका और इजरायल भड़क गए हैं.

ईरान ने सिर्फ नियम ही नहीं बदले, बल्कि उसने पिछले कुछ दिनों में होर्मुज के पास तीन बड़े तेल टैंकर जहाजों पर मिसाइलों और ड्रोनों से हमला भी कर दिया. बस फिर क्या था, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. ट्रंप ने तुर्की में चल रहे नाटो समिट के दौरान साफ कह दिया, ‘जहां तक मेरा सवाल है, यह समझौता अब पूरी तरह खत्म हो चुका है. इन लोगों से बात करना सिर्फ टाइम वेस्ट करना है. मुझे ये लोग बिल्कुल पसंद नहीं हैं’.

ट्रंप के इस बयान के तुरंत बाद अमेरिका ने ईरान पर लगे उन प्रतिबंधों की छूट को वापस ले लिया, जिसके तहत ईरान अपना तेल बेच पा रहा था. अमेरिका ने साफ कर दिया कि ईरान की बदतमीजी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

ट्रंप के आदेश के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बिना एक पल गंवाए ईरान के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला शुरू कर दिया. अमेरिकी वायुसेना और नौसेना ने मिलकर ईरान के तटीय ठिकानों पर 80 से ज्यादा ठिकानों को बमबारी करके उड़ा दिया. ईरान के बंदर अब्बास, बुशहर, जहां ईरान का परमाणु पावर प्लांट है और केश्म आइलैंड जैसे इलाके लगातार हो रहे धमाकों से दहल उठे.

अमेरिका ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, राडार साइट्स और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की 60 से ज्यादा लड़ाकू नावों को समंदर में ही दफन कर दिया. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये हमला ईरान की उस ताकत को कुचलने के लिए था, जिसके दम पर वो अंतरराष्ट्रीय व्यापार को रोकने की गुस्ताखी कर रहा था.

अमेरिकी बमबारी से तिलमिलाए ईरान ने भी तुरंत पलटवार किया. ईरान की IRGC ने आधी रात को बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी मिलिट्री बेस को निशाना बनाकर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और सुसाइड ड्रोन दाग दिए. बहरीन और कुवैत के आसमान में आधी रात को सायरन गूंजने लगे और उनके एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव हो गए. 


मेरिका के हवाई हमलों के बाद ईरान के भीतर मचे भयंकर हड़कंप के बीच देश के दक्षिणी हिस्से में स्थित रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मोजगान प्रांत के सभी हवाई अड्डों को ‘अगले आदेश तक’ पूरी तरह बंद कर दिया गया है. 

ईरानी समाचार एजेंसी ‘आईएलएनए’ (ILNA) ने होर्मोज़गान हवाई अड्डों के महानिदेशक काजेम तवासोली के हवाले से पुष्टि की है कि दक्षिणी क्षेत्र में युद्ध जैसे बने मौजूदा बदतर हालातों को देखते हुए सुरक्षा कारणों से सभी उड़ानें तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं. तवासोली ने साफ शब्दों में कहा है कि हालात सुधरने और हवाई अड्डे दोबारा चालू होने पर ही मुख्य मीडिया के जरिए जनता को कोई जानकारी दी जाएगी.


कुवैत की सेना ने दावा किया है कि उन्होंने ईरान की तरफ से आ रही एक दर्जन से ज्यादा मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया लेकिन इस जवाबी हमले ने साबित कर दिया है कि ईरान अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है और वो खाड़ी देशों को भी इस महायुद्ध में घसीटने से पीछे नहीं हटेगा.

ईरान की अर्थव्यवस्था और उसकी सैन्य ताकत को पूरी तरह घुटनों पर लाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि अमेरिका जल्द ही ईरान पर एक सख्त और मुकम्मल समुद्री नाकेबंदी लागू कर सकता है. पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने साफ किया कि ये विशेष नाकेबंदी केवल और केवल ईरान को रोकने के लिए होगी, जबकि दुनिया के बाकी देशों के लिए व्यापारिक रास्ते पूरी तरह खुले रहेंगे. ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि ईरान अब भी समंदर में बारूदी सुरंगें बिछाने की नापाक कोशिश कर सकता है.

इस पूरी जंग के बीच जो सबसे खतरनाक खिलाड़ी है, वो है इजरायल. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले दिन से ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह करने का मौका ढूंढ रहे थे. जैसे ही ट्रंप ने सीजफायर कैंसिल होने का ऐलान किया, इजरायली मीडिया ने एक बेहद चौंकाने वाली खबर लीक कर दी. इजरायली मीडिया के मुताबिक, नेतन्याहू ने अपनी वॉर कैबिनेट के साथ मिलकर ईरान पर एक ‘फाइनल और विनाशकारी अटैक’ का प्लान लीक कर दिया है.

What's Your Reaction?

Like Like 13
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0
Shivani_Mishra

Shivani Mishra Desk Editor in NewsAsr.com and having vast experience in field of Journalism

Comments (0)

User