यूपी विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व ARTO के घर 13 किलो सोना और नोटों के बंडल देख उड़े होश!

आगरा के पूर्व असिस्टेंट क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के ठिकाने पर हुई इस छापेमारी में न सिर्फ नोटों की गड्डियां बरामद हुई हैं, बल्कि भारी मात्रा में सोने के बिस्कुट, ईंटें और कीमती जेवरात भी मिले हैं. यूपी चुनाव से ठीक पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के इस कड़े एक्शन को लेकर अब चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या यूपी में दागियों और बेहिसाब संपत्ति बनाने वालों के खिलाफ एक बड़ा ‘क्लीन-अप’ अभियान शुरू हो चुका है?

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व ARTO के घर 13 किलो सोना और नोटों के बंडल देख उड़े होश!


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की सियासी हलचल के बीच, सूबे के प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में एक बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया है. यूपी विजिलेंस ने राजधानी लखनऊ के आलीशान अलीगंज इलाके में एक रिटायर्ड सरकारी अफसर के घर पर धावा बोलकर बेहिसाब दौलत का ऐसा ‘कुबेर खजाना’ बरामद किया है, जिसकी कल्पना शायद खुद विभाग ने भी नहीं की थी. 


आगरा के पूर्व असिस्टेंट क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी (ARTO) ललित कुमार के ठिकाने पर हुई इस छापेमारी में न सिर्फ नोटों की गड्डियां बरामद हुई हैं, बल्कि भारी मात्रा में सोने के बिस्कुट, ईंटें और कीमती जेवरात भी मिले हैं. यूपी चुनाव से ठीक पहले भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार के इस कड़े एक्शन को लेकर अब चर्चाएं तेज हो गई हैं कि क्या यूपी में दागियों और बेहिसाब संपत्ति बनाने वालों के खिलाफ एक बड़ा ‘क्लीन-अप’ अभियान शुरू हो चुका है?

विजिलेंस की टीम ने कोर्ट से बकायदा सर्च वारंट लेने के बाद पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के अलीगंज स्थित आवास सी-143, चंद्रलोक कॉलोनी पर दो दिनों 7 और 8 जुलाई तक मैराथन तलाशी अभियान चलाया. 


जांच के दौरान घर के अलग-अलग कोनों और गुप्त ठिकानों में छिपाकर रखे गए नोटों के बंडल और सोने-चांदी की सिल्लियां बरामद होने लगीं. मौके पर बुलाकर जब इस पूरी बरामदगी की नाप-तौल की गई, तो आंकड़े देखकर अधिकारियों की आंखें फटी की फटी रह गईं.


एआरटीओ के पास से 1.62 करोड़ रुपये नगद, जो पैकेट और बंडलों में छिपाकर रखे गए थे. करीब 13 किलोग्राम सोना, जो बिस्कुट, बार और भारी आभूषणों के रूप में था. इसकी बाजार कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी गई है. चांदी की लगभग 9 किलोग्राम चांदी के बिस्कुट और जेवरात बरामद हुए हैं.


नगद और सोने के अलावा विजिलेंस की टीम को पूर्व अधिकारी के घर से कई ऐसे गुप्त दस्तावेज मिले हैं, जो उनकी अकूत चल और अचल संपत्ति की गवाही दे रहे हैं. शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी ललित कुमार ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के कई प्रमुख शहरों में करोड़ों का निवेश कर रखा है. 

विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, इन दस्तावेजों में कुल 15 से अधिक कीमती संपत्तियों का खुलासा हुआ है, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 35 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है. लखनऊ के पॉश इलाके अलीगंज में दो बड़े रिहायशी मकान, इस्माइलगंज, वृंदावन योजना और भरावं कला में आवासीय प्लॉट. बाराबंकी और रायबरेली में कई बीघा खेती की जमीन. नोएडा, लखनऊ और दिल्ली-एनसीआर के हाई-टेक प्रोजेक्ट्स में फ्लैट्स की बुकिंग के कागजात मिले हैं.

इस बड़ी कार्रवाई के बाद उत्तर प्रदेश के सियासी और प्रशासनिक हलकों में यह सवाल तैरने लगा है कि क्या 2027 के महामुकाबले से पहले योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आर-पार की जंग छेड़ दी है? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव के ठीक पहले ऐसे बड़े अफसरों पर शिकंजा कसना सरकार के ‘जीरो टॉलरेंस’ वाले नैरेटिव को और मजबूत करता है.

आपको बता दें कि आरोपी पूर्व एआरटीओ मूल रूप से रायबरेली के रहने वाले हैं. उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की गोपनीय जांच चल रही थी, जिसके बाद कानपुर रेंज के एंटी-करप्शन पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था. विजिलेंस का कहना है कि यह जांच अभी खत्म नहीं हुई है. 


पूर्व अफसर के बैंक खातों, लॉकरों और बेनामी संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. आने वाले दिनों में कुछ और बड़े रसूखदारों और उनके मददगारों पर भी गाज गिर सकती है, जिससे साफ है कि यूपी चुनाव से पहले एक्शन का यह ट्रेलर आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है.