Dharmendra Pradhan Resigns: '10 दिन से मन दुखी था', धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सोनम वांगचुक की सबसे बड़ी मांग थी. सीजेपी पिछले एक महीने से ज्यादा समय से दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन चला रही है. सीजेपी और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई थी. आज 2 बजे तीसरे दौर की बातचीत थी. मगर उससे पहले ही सीजेपी ने कह दिया था कि जब तक इस्तीफा नहीं होगा, तब तक बातचीत नहीं होगी.

Dharmendra Pradhan Resigns: '10 दिन से मन दुखी था', धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा


नीट पेपर लीक और सीजेपी प्रोटेस्ट के बीच केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की बात मान ली है. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. NEET पेपर लीक को लेकर देश भर में कई दिनों से प्रदर्शन चल रहा है. 


जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे सीजेपी प्रदर्शनकारी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे. आज सरकार और सीजेपी के बीच तीसरे राउंड की बातचीत थी. उससे पहले ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने आज यानी शनिवार को अपना इस्तीफा सौंप दिया. धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा है. पीएम मोदी ने भी उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया.

धर्मेंद्र प्रधान ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री मोदी को सौंप दिया है. धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि उन्होंने यह फैसला इसलिए लिया ताकि ‘राष्ट्र विरोधी ताकतें’ इस मुद्दे का फायदा उठाकर लोगों के बीच भ्रम न फैला सकें. उन्होंने अपने इस्तीफे पत्र में कहा है कि उनका मन काफी दुखी है.


धर्मेंद्र प्रधान ने खुद अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करके इस्तीफे की जानकारी दी है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, "

मेरे युवा साथियों, मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है। मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं। 

भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है। आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं।"


धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 

"किंतु 3 मई 2026 को हुई NEET-UG की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई। भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (Computer-based-test) मोड में करने का निर्णय लिया गया। 


इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए। इसके लिए whole of government approach के तहत काम किया गया। इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई।"


धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 
"पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। 

16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली। परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।"

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 

"मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूँ। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं। पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है। भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है। देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है।"

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, 

"जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है। 

मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा।"

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूंगा। आपका, धर्मेंद्र प्रधान"


धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और सोनम वांगचुक की सबसे बड़ी मांग थी. सीजेपी पिछले एक महीने से ज्यादा समय से दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा आंदोलन चला रही है. सीजेपी और केंद्र सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन पाई थी. आज 2 बजे तीसरे दौर की बातचीत थी. मगर उससे पहले ही सीजेपी ने कह दिया था कि जब तक इस्तीफा नहीं होगा, तब तक बातचीत नहीं होगी.