लाल किले से पीएम मोदी का संबोधन: 12 वर्षों में 25 करोड़ देशवासी गरीबी से बाहर निकले'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, आज लाल किले की प्राचीर से मैं देश में शक्ति की सप्तधारा का आह्वान करता हूं। जो पांच दशक में नहीं हुआ, वह 5-7 साल में करने के लिए नई ऊर्जा देंगे। इसमें युवाओं की शक्ति भी जोड़ी जाएगी। सप्तधारा की शक्ति है उत्पादन की शक्ति। हमें विनिर्माण को बढ़ाना होगा।
भारत अपनी स्वतंत्रता के 80 साल पूरे होने के अवसर पर जश्न मना रहा है। 1947 में मिली आजादी के बाद से हर साल देश का मुख्य समारोह लाल किले पर होता है। आज पीएम मोदी ने लाल किले पर ध्वजारोहण करने के बाद परेड की सलामी ली। प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से 13वीं बार देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को अपने संबोधन में कहा, एक समय था, जब मैं आत्मनिर्भरता की बात कर रहा था तो कुछ लोग एसी में बैठकर बात करने वाले लोग हमें बता रहे थे कि वैश्वीकरण का क्या होगा। जहां से वैश्वीकरण की आवाज आती थी, उसने बोलना ही बंद कर दिया।
लेकिन इस संकट के कालखंड में कुछ लोगों ने इन संसाधनों का हथियारीकरण करने का काम किया। संसाधनों का हथियारीकरण। पेट्रोल, डीजल, फर्टिलाइजर, दवाइयां, तकनीक की चीजें। अगर हम आत्मनिर्भर का मंत्र लेकर आगे नहीं चले होते तो ऐसी चुनौतियों का सामना कैसे करते। ऐसी चुनौतियां आगे बढ़ती जा रही हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, हमने सोचा भी नहीं था कि हमें कुछ समस्याओं को झेलना पड़ेगा। 12 साल में हमने कोरोना जैसी महामारी झेली, जिसने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया। कोरोना के बाद कहीं यूक्रेन तो कहीं पश्चिम एशिया, हर जगह तनाव का माहौल। कुछ लोगों को तो सिर्फ देश को भयभीत करने, डराने में मजा आता है।
कोरोना वैक्सीन नहीं मिलेगी, यह नहीं होगा, पेट्रोल पंप पर पेट्रोल नहीं मिलेगा, गैस नहीं मिलेगी, डीजल नहीं मिलेगा, फर्टिलाइजर नहीं मिलेगा। कुछ लोगों को देश को डराने में आनंद आ रहा था। लेकिन देश ने देख लिया कि हम नागरिक देवो भवः के मंत्र को लेते हुए, जिस तरह से योजनाओं को आगे बढ़ाया था, उनसे देश को कोई समस्या नहीं हुई। आज देश में पेट्रोल भी है, गैस भी है, डीजल भी है। हम अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हम 5 न्यूक्लियर रिएक्टर शुरू करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। देश को आज कच्चे तेल पर निर्भर रहना पड़ रहा है, यह हमारी गलत सोच के कारण है। हमने समुद्र तट का 99 फीसदी इलाका नो गो एरिया घोषित कर के रखा है। हमने ही समुद्र के अंदर जाकर एक्प्लोरेशन न करने का फैसला किया।
हमने उस 99 फीसदी इलाका जो नो गो हुआ करते थे। हमने उसे खुला कर दिया। अब हम समुद्र के अंदर एक्सप्लोरेशन करने का प्रयास किया है। उसी दिशा में हमने समुद्र मंथन की घोषणा की थी। हाल ही में हमने 85 हजार करोड़ रुपये आवंटित कर उस काम को आगे बढ़ाने का काम किया।
पीएम मोदी ने कहा, सुधारों को आगे बढ़ाना भी जरूरी है। यह हमारे लिए कन्विक्शन है। आने वाले दिनों में भी हम नेक्स्ट लेवल रिफॉर्म की तरफ बढ़ने वाले हैं। सभी को अपनी पारंपरिक व्यवस्था, सोच और लक्ष्यों में सुधार करना होगा। हमें अपने किसान, मजदूरों को नई दिशा में लेकर चलना होगा। विकसित भारत बनने के लिए हमें नई धारा चाहिए।
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