श्री राम मंदिर चंदा चोरी: चंपत राय की नाकामी पर मुहर, भर्ती प्रक्रिया-नियमों में दी थी ढील; आज सौंपी जा सकती है SIT रिपोर्ट

एसआईटी को विस्तृत जांच के लिए 15 जुलाई का समय दिया गया था, जिसकी मियाद अब पूरी हो गई है। एसआईटी की रिपोर्ट लगभग तैयार है। कभी भी रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा सकती है। प्रारंभिक रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशों में एफआईआर एवं सीईओ की नियुक्ति शामिल थी, जिस पर कार्रवाई जारी है।

Jul 15, 2026 - 10:17
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श्री राम मंदिर चंदा चोरी: चंपत राय की नाकामी पर मुहर, भर्ती प्रक्रिया-नियमों में दी थी ढील; आज सौंपी जा सकती है SIT रिपोर्ट

मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी की विस्तृत जांच रिपोर्ट में ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की लापरवाही व निगरानी में नाकामी की पुष्टि हुई है। हालांकि एसआईटी ने स्पष्ट रूप से उनके नाम का जिक्र किए बिना उनकी तरफ इशारा किया है। 

आपराधिक साजिश में उनकी भूमिका का स्पष्ट जिक्र नहीं है। एसआईटी ने चढ़ावा चोरी के पीछे भर्ती प्रक्रिया और एसओपी के नियमों को बदलकर उन्हें शिथिल करना बड़ी वजह माना है। इसमें अनिल मिश्रा को सबसे अधिक जिम्मेदार ठहराया गया है। 

एसआईटी को विस्तृत जांच के लिए 15 जुलाई का समय दिया गया था, जिसकी मियाद अब पूरी हो गई है। एसआईटी की रिपोर्ट लगभग तैयार है। कभी भी रिपोर्ट सरकार को सौंपी जा सकती है। प्रारंभिक रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशों में एफआईआर एवं सीईओ की नियुक्ति शामिल थी, जिस पर कार्रवाई जारी है। 


सूत्रों के मुताबिक विस्तृत जांच में चंपत राय को पूरी तरह क्लीन चिट नहीं दी गई है। उन्हें लापरवाही का दोषी बनाया गया है क्योंकि मंदिर प्रबंधन का पूरा काम वही देख रहे थे। आपराधिक साजिश को लेकर विशेष टिप्पणी नहीं की है। इसकी वजह यह है कि पुलिस की विवेचना जारी है। 


सूत्रों ने बताया कि दो पहलुओं को एसआईटी ने सबसे अहम माना। इसमें पहला बिंदु भर्ती प्रक्रिया रही, क्योंकि जो गणनाकर्मी जेल गए, वे आउटसोर्स किए गए हाउसकीपिंग वाले थे। उनसे गिनती करवाई जा रही थी। सभी ट्रस्ट के पदाधिकारियों की सिफारिश पर भर्ती हुए थे। एसआईटी ने नियमों को ताक पर रखकर की गई भर्ती को चोरी की बड़ी वजह माना है। एसआईटी ने माना कि एसओपी के नियमों में बदलाव कर उन्हें कमजोर करने से चोरी करने की गुंजाइश बनी।

सूत्रों के मुताबिक, विस्तृत जांच में टिन्नू यादव की भूमिका और स्पष्ट हुई। वह भले ही ट्रस्ट व प्रबंधन की लिखापढ़ी में हिस्सा नहीं था, पर हकीकत में वह चंपत के साथ बराबरी से काम देख रहा था। 


चंपत का जिक्र किए बगैर एसआईटी ने रिपोर्ट में बताया, टिन्नू के पास प्रबंधन की हर संवेदनशील जानकारी रहती थी। उसमें दखल रहता था। हर जगह टिन्नू की पहुंच थी।  उसके पास हुंडियों की चाबी रहती थी, जिसके लिए चंपत राय को परोक्ष जिम्मेदार माना गया है।

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Shivani_Mishra

Shivani Mishra Desk Editor in NewsAsr.com and having vast experience in field of Journalism

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