नेपाल में भारी बारिश, रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया, मृतकों की तादाद 600 ज्यादा, 2000 से ज्यादा लोग लापता

अचानक आई बाढ़ के बाद स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए शनिवार को 11 सदस्यों वाली एक भारतीय टीम नेपाल पहुंची। भारतीय दूतावास के सूत्रों के अनुसार, नेपाल सरकार के अनुरोध पर यह टीम भेजी गई है, जिसमें मेडिकल स्टाफ और टनल रेस्क्यू के विशेषज्ञ शामिल हैं। इस टीम को हिमालयी देश में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों में भेजा जा रहा है, जहां बड़े पैमाने पर बचाव और राहत कार्य चल रहे हैं।

Aug 29, 2026 - 10:59
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नेपाल में भारी बारिश, रेस्क्यू ऑपरेशन रोका गया, मृतकों की तादाद 600 ज्यादा, 2000 से ज्यादा लोग लापता


नेपाल में फ्लैश फ्लड से मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 600 के करीब पहुंच गया है। इस विनाशकारी सैलाब के बाद से करीब दो हजार लोग ऐसे हैं जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। लापता लोगों में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक भी हैं। भारत के करीब 320 नागरिक अभी लापता हैं। उनसे संपर्क करने की कोशिश की जा रही है। 


लापता भारतीयों में से कई कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए तीर्थयात्री बताए जा रहे हैं। वहीं इस बीच नेपाल में एक नया खतरा पैदा हो गया है। चीन और नेपाल बॉर्डर पर  तिब्बत के दोभाल इलाके में बनी आर्टिफिशियल झील से लगातार पानी ओवरफ्लो होने की खबर है। वहीं सेना और नेपाल पुलिस का रेक्स्यू ऑपरेशन जारी है। सेना ने रसुवा जिले में अपर त्रिशूली-1 हाइड्रोप्रोजेक्ट की सुरंग में फंसे लोगों का रेस्क्यू किया है।


चीन-नेपाल सीमा के पास तिब्बत के दोभाल इलाके में बनी आर्टिफिशियल झील से लगातार पानी ओवरफ्लो होने की खबर है। इसके चलते भोटे कोशी नदी का जलस्तर बढ़ गया है और नदी किनारे व निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को घर खाली कर सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए हैं। 


त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे 63 कर्मचारियों समेत अब तक 84 लोगों को सुरक्षित बचाया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित इलाकों से तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्रियों को भी सुरक्षित भारत पहुंचाया गया है। वहीं चीन की सीमा की ओर फंसे करीब 400 भारतीय नागरिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं।


बता दे कि स भीषण संकट के बीच उम्मीद की किरण जगाते हुए भारतीय वायुसेना ने बड़े पैमाने पर मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियान शुरू किया है। वायुसेना का एक C-130J विमान प्रभावित परिवारों के लिए दवाएं और भोजन जैसी 10 टन आवश्यक जीवन रक्षक राहत सामग्री लेकर नेपाल पहुंच चुका है।


भारतीय वायुसेना ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है, जिसके तहत C-17 ग्लोबमास्टर और अतिरिक्त C-130 विमानों के जरिए और अधिक भारी राहत सामग्री भेजने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा।


अचानक आई बाढ़ के बाद स्थानीय अधिकारियों की मदद के लिए शनिवार को 11 सदस्यों वाली एक भारतीय टीम नेपाल पहुंची। भारतीय दूतावास के सूत्रों के अनुसार, नेपाल सरकार के अनुरोध पर यह टीम भेजी गई है, जिसमें मेडिकल स्टाफ और टनल रेस्क्यू के विशेषज्ञ शामिल हैं। इस टीम को हिमालयी देश में अचानक आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों में भेजा जा रहा है, जहां बड़े पैमाने पर बचाव और राहत कार्य चल रहे हैं।


अंग्रेजी अखबार 'द गार्डियन' के मुताबिक, तिब्बत से आने वाली इन्फॉर्मेशन पर चीन के कड़े कंट्रोल की वजह से नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के चीनी हिस्से में बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा अंदाज़ा लगाना मुश्किल हो रहा है। जबकि नेपाल में मरने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है, चीन ने बहुत कम मौतों की रिपोर्ट दी है। द गार्डियन की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग ने अधिकारियों को बचाव के काम तेज़ करने और लापता लोगों की तलाश करने का निर्देश दिया है, जबकि प्रीमियर ली कियांग को प्रभावित इलाके में भेजा गया है।


नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने कहा है कि नेपाल द्वारा विदेशी सहयोग अस्वीकार किए जाने का प्रचार भ्रामक है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में यह बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि बचाव और राहत के लिए आवश्यक सहयोग एवं सामग्री के संबंध में भारत, चीन तथा अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ समन्वय किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि खोज एवं बचाव कार्यों में 15,431 सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। अब तक 4,451 लोगों का बचाव किया गया है। बचाव कार्य के साथ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री भी पहुंचाई जा रही है। 

शुक्रवार को नेपाल ने कहा कि वह अपने सुरक्षा बलों की ज़्यादा से ज्यादा तैनाती को प्राथमिकता देना चाहता है, क्योंकि वे स्थानीय पर्यावरण और ऊबड़-खाबड़ इलाकों से अच्छी तरह वाकिफ हैं।

हालांकि, विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने कहा कि सरकार मुश्किल मामलों में अंतरराष्ट्रीय मदद लेने के लिए तैयार है, जहां बहुत जटिल भौतिक संरचनाओं के लिए विशेष तकनीकी कौशल की जरूरत होती है।

नेपाल ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में परिवहन सेवाएं फिर से शुरू करने के लिए 42 बेली ब्रिज बनाने में मदद के लिए भारत और चीन से अनुरोध किया था। ये पोर्टेबल पुल बिना भारी मशीनरी या विशेष औजारों के तेज़ी से जोड़े जा सकने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

नेपाल में बाढ़ का असर
भोटे कोशी-त्रिशूली आपदा के बाद शुक्रवार शाम तक नेपाल और तिब्बत में कम से कम 626 लोगों की मौत हो चुकी है और 2,482 लोग लापता हैं।

स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है क्योंकि नेपाल पुलिस के रिकॉर्ड के अनुसार लापता लोगों की सूची इससे कहीं अधिक है। सुरंगों में तलाशी अभियान जारी है, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में लोग फंसे हुए हैं या उनसे संपर्क पूरी तरह से कटा हुआ है।

84 सुरक्षित बचाए गए, 21 पहुंचे दिल्ली
राहत की खबर देते हुए विदेश मंत्रालय ने बताया कि नेपाल में कम से कम 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। इनमें त्रिशूली-1 के 63 कर्मचारी और तमिलनाडु के 21 तीर्थयात्री शामिल हैं।

21 लोगों का यह समूह शुक्रवार को दिल्ली पहुंच गया। जायसवाल ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाके से कल काठमांडू पहुंचे 21 भारतीय नागरिक आज दिल्ली आ गए हैं।

इसके अतिरिक्त, विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि शुक्रवार को 149 भारतीय तिब्बत से नेपाल सीमा में प्रवेश कर गए हैं और करीब 400 अन्य भारतीय चीन की सीमा की तरफ सुरक्षित हैं।

320 भारतीय नागरिकों की तलाश जारी
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि शुक्रवार को नेपाल में 320 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जबकि पहले यह संख्या 290 थी। इसके अलावा, अन्य देशों की नागरिकता रखने वाले लगभग 100 भारतीय मूल के लोगों से भी संपर्क नहीं हो सका है।

जायसवाल ने इसे तेजी से बदलती स्थिति बताया। शुक्रवार शाम तक भारत ने किसी भी भारतीय की मौत की पुष्टि नहीं की थी और विदेश मंत्रालय नेपाल के अधिकारियों से स्थिति स्पष्ट करने के प्रयास में लगा हुआ है।

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Sharad Mishra

शरद मिश्र सर्व वर्ल्डवाइड मीडिया प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर तथा कंपनी के स्वामीत्य न्यूज़ असर के प्रधान संपादक है उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि जन सरोकारिता पत्रकारिता की रही है अधिक जानकारी के लिए सोशल मीडिया के माध्यम से जुड़े

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