'राम-राम चिल्लाते हैं और मछली भोज की दावत उड़ाते हैं', कांग्रेस पर बरसे CM योगी

सीएम योगी ने कहा कि ये राम-राम चिल्लाते हैं, बेशर्मी की भी सीमा होती है. किसने कहा था हनुमानगढ़ी जाने के लिए और मछली खानी थी तो अयोध्या के बाहर जाकर खा लेते. ये है कांग्रेस का दोहरा आचरण, गिरगिट भी शर्मा जाता होगा इन्हें देख कर कि मनुष्य के रूप में ये कौन सी प्रजाति आ गई है. 

Aug 25, 2026 - 09:59
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'राम-राम चिल्लाते हैं और मछली भोज की दावत उड़ाते हैं', कांग्रेस पर बरसे CM योगी

रायबरेली में आयोजित 'भाव समर्पण समारोह' में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय के कार्यक्रम में मछली भोज वाले विवाद पर बयान दिया है. सीएम योगी ने कांग्रेस के अध्यक्ष अयोध्या में हनुमान गढ़ी के दर्शन करने जाते है और फिर मछली भोज की दावत उड़ाते हैं, ये राम राम चिल्लाते है बेशर्मी की भी सीमा होती है.

सीएम योगी ने कहा कि ये राम-राम चिल्लाते हैं, बेशर्मी की भी सीमा होती है. किसने कहा था हनुमानगढ़ी जाने के लिए और मछली खानी थी तो अयोध्या के बाहर जाकर खा लेते. ये है कांग्रेस का दोहरा आचरण, गिरगिट भी शर्मा जाता होगा इन्हें देख कर कि मनुष्य के रूप में ये कौन सी प्रजाति आ गई है. 

वहां वो राम राम चिल्ला रहे है, बजरंग बली के मंदिर में दंडवत होने का ढोंग कर रहे हैं और बाहर जाकर मछली की दावत उड़ा रहे हैं.


सीएम योगी ने कहा कि इनका पुराना इतिहास है इस प्रकार का. प्रदेश अध्यक्ष कांग्रेस के भाई की हत्या की थी एक माफिया ने और यह व्यक्ति उस माफिया के खिलाफ बयान देने के लिए नहीं गया बल्कि उसके सामने उसके घुटने टेक करके नतमस्तक हो गया. 


बहनों और भाइयों आज उत्तर प्रदेश का कोई नौजवान हो, कोई बहन हो, कोई व्यापारी हो, कोई अन्नदाता किसान हो या कोई नागरिक हो, आज उसके सामने पहचान का संकट नहीं है. आपने देखा होगा आज से 10 साल पहले आप कहीं जाते थे, लोग शक की निगाहों से आपको देखते थे. किसने पहचान का संकट खड़ा किया था? बेईमानी करते थे सपा, बसपा और कांग्रेस के लोग.

सीएम योगी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इनको बुरा लगता है कि अयोध्या में महर्षि वाल्मीकि के नाम पर एयरपोर्ट का नामकरण क्यों हो गया? इनको बुरा लगता है कि अयोध्या में निषाद राज के नाम पर यात्री विश्रामालय क्यों बन गए? 

इन्हें बुरा लगता है कि शबरी माता के नाम पर भोजनालय क्यों बन गए? भाई तुम में क्षमता नहीं थी, तुम नहीं बना पाए. तुम क्षमता विहीन थे, अकर्मण्य थे, भ्रष्ट थे, नहीं कर पाए. हम में क्षमता थी, हमने अपनी विरासत को सम्मान दिया, हमने अगर प्रभु राम को सम्मान दिया है, उनका भव्य मंदिर बनाने में योगदान दिया है.

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Mishra Shivani

Shivani Mishra Chief Desk Editor in NewsAsr.com and having vast experience in field of Journalism

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