'हम स्वास्थ्य विभाग से हैं...', जौनपुर में शुरू हुआ 'स्पेशल 26' वाला वसूली का खेल
शाहगंज कोतवाली क्षेत्र में कार सवार तीन लोग नगर के विभिन्न निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों पर पहुंचे. उन्होंने खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताया और जांच व कार्रवाई का डर दिखाया. आरोप है कि कार्रवाई से बचाने के नाम पर कई संचालकों से मोटी रकम वसूली गई. जब तक लोगों को पूरे खेल का एहसास हुआ, तब तक तीनों वहां से जा चुके थे. घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया.
साल 2013 में अक्षय कुमार व अनुपम खेर की आई फिल्म ‘स्पेशल 26’ में फर्जी अफसर बनकर की गई हाई-प्रोफाइल ठगी ने दर्शकों को चौंका दिया था. अब यूपी के जौनपुर के शाहगंज में सामने आई एक घटना ने उसी फिल्म की कहानी की याद दिला दी है. फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार पर्दे पर नहीं, बल्कि असल जिंदगी में स्वास्थ्य विभाग के नाम का इस्तेमाल कर अस्पताल संचालकों को निशाना बनाया गया है. आ
शाहगंज कोतवाली क्षेत्र में कार सवार तीन लोग नगर के विभिन्न निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोरों पर पहुंचे. उन्होंने खुद को स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बताया और जांच व कार्रवाई का डर दिखाया. आरोप है कि कार्रवाई से बचाने के नाम पर कई संचालकों से मोटी रकम वसूली गई. जब तक लोगों को पूरे खेल का एहसास हुआ, तब तक तीनों वहां से जा चुके थे. घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया.
शाहगंज के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. रफीक फारूकी ने बताया कि फर्जी अधिकारी बनकर वसूली किए जाने की शिकायत उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है. स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोई अधिकारी जांच के लिए नहीं गया था. वो लोग कौन हैं जिसका पता लगाया जा रहा है. प्रथम दृष्टया ये कोई जालसाज हैं, जो फर्जी अधिकारी बनकर धन उगाही कर रहे हैं और नगर के विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज जुटाकर संदिग्धों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है.
स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों और मेडिकल स्टोर संचालकों को सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा है कि किसी भी व्यक्ति की पहचान और विभागीय आदेश की पुष्टि किए बिना कोई भुगतान न करें. यदि कोई व्यक्ति स्वास्थ्य विभाग का अधिकारी बनकर धन की मांग करता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस या स्वास्थ्य विभाग को दें.
फिलहाल, फिल्म ‘स्पेशल 26’ की याद दिलाने वाले इस कथित फर्जीवाड़े ने निजी अस्पताल व मेडिकल स्टोर संचालकों की चिंता बढ़ा दी है. स्वास्थ्य विभाग सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान में जुटा है, जबकि पुलिस से भी कार्रवाई की उम्मीद है. अब देखना होगा कि अफसरों का रौब दिखाकर कथित तौर पर लाखों की उगाही करने वाले ये चेहरे कब तक कानून की गिरफ्त में आते हैं.