झुग्गी में रहने वाली 30 साल की युवती ने कर डाला 357 करोड़ का टैक्स फ्रॉड

जांचकर्ताओं ने बताया कि उसने पिछले तीन सालों में इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80GGC का सिस्टमैटिक तरीके से गलत इस्तेमाल किया, जो लोगों को पॉलिटिकल पार्टियों को दिए गए डोनेशन पर टैक्स कटौती का दावा करने की इजाजत देती है। आरोपी नैन्सी अग्रवाल ने बड़े रिफंड पाने के लिए अपने क्लाइंट्स की तरफ से गैर-मान्यता प्राप्त पॉलिटिकल पार्टियों को भारी डोनेशन देने का फर्जीवाड़ा किया।

Jul 18, 2026 - 10:01
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झुग्गी में रहने वाली 30 साल की युवती ने कर डाला 357 करोड़ का टैक्स फ्रॉड


आयकर विभाग ने देशभर में फैले टैक्स रिफंड फ्रॉड के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। मेरठ की एक झुग्गी से काम करने वाली 30 साल की महिला पर टैक्स रिफंड फ्रॉड के बड़े रैकेट चलाने का आरोप है। आरोप है कि मेरठ की नैन्सी अग्रवाल ने 357 करोड़ का टैक्स फ्रॉड किया और देश भर के 3 हजार से ज़्यादा क्लाइंट्स के लिए 65.5 करोड़ का फर्जी टैक्स रिफंड हासिल किया।


आरोपी ने 225 स्क्वायर फीट के घर से काम करते हुए इस पूरे फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। उसके परिवार में माता-पिता और छोटा भाई है। सिस्टम की कमियों का फायदा उठाने के लिए उसने पिछले तीन साल से एक छोटी फर्म में अकाउंटेंट के तौर पर अपने अनुभव का इस्तेमाल किया।


जांचकर्ताओं ने बताया कि उसने पिछले तीन सालों में इनकम टैक्स एक्ट की धारा 80GGC का सिस्टमैटिक तरीके से गलत इस्तेमाल किया, जो लोगों को पॉलिटिकल पार्टियों को दिए गए डोनेशन पर टैक्स कटौती का दावा करने की इजाजत देती है। आरोपी नैन्सी अग्रवाल ने बड़े रिफंड पाने के लिए अपने क्लाइंट्स की तरफ से गैर-मान्यता प्राप्त पॉलिटिकल पार्टियों को भारी डोनेशन देने का फर्जीवाड़ा किया।


इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहे इनकम टैक्स ऑफिसर माखन मीना ने कहा कि आरोपी ने रेफरल डिस्काउंट के जरिए देश भर में क्लाइंट नेटवर्क बनाया और लोगों को गलत कटौती का दावा करने के लिए लुभाया। अपने काम को बढ़ाने के लिए, आरोपी ने क्लाइंट्स को प्रमोशनल डिस्काउंट का ऑफर दिया, अगर वे ऐसे नए कस्टमर लाते जो गलत आईटीआर फाइल करने को तैयार हों।


मंगलवार को मेरठ इनकम टैक्स इन्वेस्टिगेशन यूनिट की तरफ से की गई कई ठिकानों के छापेमारी के बाद करोड़ों के रैकेट का खुलासा हुआ। अधिकारियों ने आरोपी से जुड़ी चार जगहों पर छापेमारी की और उसके दो बैंक लॉकर भी खोले। तलाशी के दौरान 5 लाख नकद और 4 करोड़ की फिक्स्ड डिपॉजिट का पता चला। हाथ से लिखे लेजर, कंप्यूटर और लैपटॉप समेत कई दस्तावेजी और डिजिटल सबूत भी बरामद किए गए, जिनमें उसके क्लाइंट नेटवर्क की जानकारी थी।

आयकर विभाग ने अब आरोपी पर मुकदमा चलाने और फर्जी दावों की रकम वसूलने के लिए फायदा उठाने वाले टैक्सपेयर्स को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, क्लाइंट्स अधिकतर सैलरी पाने वाले लोग हैं, जो या तो जानबूझकर या अनजाने में फर्जी छूट के जरिए ज्यादा रिफंड दिलाने के अग्रवाल के वादों से लुभाए गए थे।

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Shivani_Mishra

Shivani Mishra Desk Editor in NewsAsr.com and having vast experience in field of Journalism

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