अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: पीएम मोदी बोले- 'लोगों को जोड़ता है, ये योग की ताकत', लेह से बंगाल तक योगमय हुआ देश

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का 12वां संस्करण भारत और दुनिया भर में 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम के तहत मनाया जा रहा है. अकेले कोलकाता में ही एक साथ होने वाले योग सत्रों में लगभग 10 लाख लोग शामिल हुए. ‘रेड रोड' पर राष्ट्रीय समारोह में लगभग 35,000 लोगों के शामिल हुए. 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस: पीएम मोदी बोले- 'लोगों को जोड़ता है, ये योग की ताकत', लेह से बंगाल तक योगमय हुआ देश

आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है, दुनियाभर में लगभग 2,500 जगहों पर 210 से ज्‍यादा भारतीय मिशन आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन किया गया. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के मशहूर 'रेड रोड' से मुख्य कार्यक्रम का नेतृत्व किया. 


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर कोलकाता में PM मोदी ने कहा, 'आज का दिन ऐतिहासिक है, पूरा देश योग दिवस मना रहा है. योग ने पूरे विश्‍व को एक साथ जोड़ा है. हिमालय से लेकर हिंद महासागर तक योग की ऊर्जा देखने को मिल रही है.' 


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का 12वां संस्करण भारत और दुनिया भर में 'स्वस्थ आयु के लिए योग' थीम के तहत मनाया जा रहा है. अकेले कोलकाता में ही एक साथ होने वाले योग सत्रों में लगभग 10 लाख लोग शामिल हुए. ‘रेड रोड' पर राष्ट्रीय समारोह में लगभग 35,000 लोगों के शामिल हुए. 


साल 2015 में जब संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने 21 जून को 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' के तौर पर मनाने के भारत के प्रस्ताव को अपनाया, तब से प्रधानमंत्री ने नयी दिल्ली, चंडीगढ़, लखनऊ, मैसूरु, न्यूयॉर्क, श्रीनगर और विशाखापत्तनम समेत कई जगहों पर इन आयोजनों की अगुवाई की है. 


संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में किसी भी दिवस के प्रस्ताव को मिला यह अब तक का सबसे बड़ा समर्थन था. बिना किसी वोटिंग के इसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया. पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून 2015 को मनाया गया. देश में मुख्य आयोजन दिल्ली के राजपथ पर हुआ, जहां लगभग 36 हजार लोगों ने एक साथ योग किया. इसमें 84 देशों के प्रतिनिधि शामिल थे. इस आयोजन ने दो गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए थे.


21 जून को चुनने के पीछे गहरी खगोलीय और सांस्कृतिक वजहें हैं. 21 जून सबसे लंबा दिन होता है. इस दिन सूर्य की ऊर्जा पृथ्वी पर सबसे लंबे समय तक रहती हैं. योग भी मनुष्य को दीर्घायु, तेज और सकारात्मक ऊर्जा देता है.


प्रकृति और योग के संतुलन से इस दिन को चुना गया.इस दिन के बाद सूर्य उत्तरायण से दक्षिणायन होता है. सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियों और साधना की शुरुआत के लिए सबसे उत्तम होता है. इसी अवधि में आदिगुरु शिव ने सप्तर्षियों को योग का पहला उपदेश दिया था.

योग दिवस पर पूरी दुनिया में एकरूपता बनाए रखने के लिए भारत के आयुष मंत्रालय ने कॉमन योग प्रोटोकॉल तैयार किया है. यह 45 मिनट का एक सुव्यवस्थित क्रम है, जिसे कोई भी आम इंसान आसानी से कर सकता है. इसमें प्रार्थना, हल्के व्यायाम (चालन क्रियाएं), योगासन (जैसे ताड़ासन, वज्रासन, भुजंगासन), प्राणायाम (जैसे अनुलोम-विलोम, भ्रामरी) और अंत में ध्यान व संकल्प शामिल होते हैं.