धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा देंगे या नहीं? जानिए सरकार ने सोनम वांगचुक से क्या बात हुई
सोनम वांगचुक पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे, मगर अब उन्होंने बिना इस्तीफे के ही अनशन खत्म कर दिया. अब इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्होंने अनशन क्यों खत्म किया? क्या सरकार उनकी सभी मांगें मान गई? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान ने उनका भरोसा जीता? या फिर कोई और वजह थी? चलिए समझते हैं.
अ नशन पर बैठे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने गुरुवार रात अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह रात करीब 12.30 बजे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचे।
सीजेपी प्रोटेस्ट के बीच सोनम वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ दिया. सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 26 दिनों की भूख हड़ताल खत्म कर दी. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में सोनम वांगचुक ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में जूस पीकर अनशन तोड़ा.
सोनम वांगचुक पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे थे, मगर अब उन्होंने बिना इस्तीफे के ही अनशन खत्म कर दिया. अब इसके बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर उन्होंने अनशन क्यों खत्म किया? क्या सरकार उनकी सभी मांगें मान गई? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऐलान ने उनका भरोसा जीता? या फिर कोई और वजह थी? चलिए समझते हैं.
दरअसल, गुरुवार रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे. दोनों नेताओं ने सोनम वांगचुक से लंबी बातचीत की. इसके बाद सोनम वांगचुक अनशन खत्म करने के लिए तैयार हो गए.
सोनम वांगचुक ने 28 जून को भूख हड़ताल शुरू की थी. उनका कहना था कि नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होना चाहिए. साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए मजबूत कानून बनाया जाए. उनका आंदोलन धीरे-धीरे देशभर में चर्चा का विषय बन गया.
सीजेपी प्रोटेस्ट देशभर में फैल गया. आज कॉकरोच जनता पार्टी का देशव्यापी प्रदर्शन है. सोनम वांगचुक ने भले ही अनशन खत्म कर दिया, मगर सीजेपी वाले प्रदर्शनकारी अब भी धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हैं.
रकार ने यह भी दोहराया कि संसद में प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार पर चर्चा कराई जाएगी. साथ ही, हाल के नीट पेपर लीक मामलों से जुड़े आत्महत्या के पीड़ित छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक विचार किया जा रहा है.
सोनम वांगचुक ने क्या कहा
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर बताया कि केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख एपेक्स बॉडी के नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त किया. उन्होंने कहा कि लंबी और गंभीर बातचीत, सरकार की ओर से मिले आश्वासनों और देश में संभावित हिंसा की स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
प्रधानमंत्री मोदी ने भी दी प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने पर कहा कि वह डॉक्टरों की सलाह का पालन करें और जल्द पूरी तरह स्वस्थ हों. प्रधानमंत्री ने उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना भी की.
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