Shri Ram Mandir Daan Chori: SIT जांच में बड़ा खुलासा! किसके पास थी दान और दर्शन व्यवस्था की कमान?
राम मंदिर में कथित दान चोरी के आरोपों की जांच के लिए गठित एसआईटी की जांच लगातार जारी है, जांच के दौरान एसआईटी ने मुंबई के कारोबारी से बातचीत की है. सूत्रों का दावा है कि कारोबारी ने चांदी का हार और चरण पादुका चढ़ाने के बावजूद रसीद न मिलने का आरोप लगाया है.
राम मंदिर की दान पेटी से कथित चोरी का मामला लगातार चर्चाओं में हैं. एसआईटी की टीम हर दिन 10 घंटे से भी ज्यादा जांच कर रही है. पांच दिनों से एसआईटी पूछताछ कर रही है. कल भी राम मंदिर परिसर में पूछताछ की गई.
इस दौरान कई अहम सुराग, जमीन के खरीद फरोख मामले पर भी दस्तावेज तलब किए गए. वहीं, बाबरी मस्जिद-राम जन्मभूमि विवाद के पूर्व वादी और अयोध्या के प्रमुख नागरिकों में शामिल इकबाल अंसारी ने एसआईटी जांच का स्वागत करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री पर भरोसा जताया है.
उन्होंने कहा कि "हमें मुख्यमंत्री पर विश्वास है और अयोध्यावासियों को भी विश्वास करना चाहिए. मुख्यमंत्री ने कहा है तो वे जरूर कार्रवाई करेंगे."
राम मंदिर में कथित दान चोरी के आरोपों की जांच के लिए गठित एसआईटी की जांच लगातार जारी है, जांच के दौरान एसआईटी ने मुंबई के कारोबारी से बातचीत की है. सूत्रों का दावा है कि कारोबारी ने चांदी का हार और चरण पादुका चढ़ाने के बावजूद रसीद न मिलने का आरोप लगाया है.
अब तक की पड़ताल में नृपेंद्र मिश्रा और चंपत राय को ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी रखने वाला प्रमुख जिम्मेदार माना गया है. वहीं राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव दर्शन व दान व्यवस्था, जबकि गोपाल राय और अनिल मिश्रा सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालते थे. SIT जिम्मेदारियों की पूरी श्रृंखला की जांच कर रही है.
सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर सामने आई है. बताया जा रहा है कि सीसीटीवी फुटेज की फोरेंसिक जांच होगी. सीसीटीवी से छेड़छाड़ के मिले हैं समिति को संकेत. पुराने रिकॉर्ड रिकवर करने का SIT कर रही है प्रयास. सीसीटीवी के एक्सपर्ट को राम जन्म भूमि परिसर में बुलाया गया है.
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दानराशि गबन प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अब अपनी पड़ताल का दायरा और व्यापक कर दिया है. दानराशि के कथित गबन की जांच के साथ-साथ टीम ने प्राण प्रतिष्ठा (22 जनवरी 2024) के बाद मंदिर में हुई नियुक्तियों, प्रशासनिक निर्णयों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा शुरू कर दी है.