तैयार हो रहा रोडमैप: कानपुर-लखनऊ-अयोध्या समेत 5 शहरों को जोड़ेगा नमो भारत रैपिड रेल

पहले चरण में कानपुर के नयागंज से लखनऊ के अमौसी तक लगभग 67 किलोमीटर लंबे सेक्शन का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में कारिडोर को बाराबंकी होते हुए अयोध्या तक विस्तारित किया जाएगा। पूरे मार्ग पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिससे प्रमुख शहरों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों को भी तेज और आधुनिक रेल संपर्क मिलेगा।

Aug 04, 2026 - 11:58
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तैयार हो रहा रोडमैप: कानपुर-लखनऊ-अयोध्या समेत 5 शहरों को जोड़ेगा नमो भारत रैपिड रेल


प्रदेश में क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को नई गति देने की दिशा में एक और बड़ी पहल की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अब कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी और अयोध्या को हाईस्पीड नमो भारत (रैपिड रेल) कारिडोर से जोड़ने की योजना पर काम हो रहा है।

प्रस्तावित 187 किमी लंबे इस कारिडोर के शुरू होने के बाद कानपुर से अयोध्या का सफर महज 90 मिनट में पूरा होगा, जबकि कानपुर से लखनऊ की दूरी केवल 40 मिनट में तय होगी।

मंडलायुक्त के.विजयेन्द्र पांडियन ने बताया कि रैपिड रेल के लिए राइट्स संस्था के माध्यम से सर्वे का काम शुरू हो गया है, सर्वे और डीपीआर की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण को सौंपी गई है।

रैपिड रेल सेवा परियोजना पर करीब 32 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) और उत्तर प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से विकसित करेंगे। परियोजना को दो चरणों में लागू करने की योजना है।


पहले चरण में कानपुर के नयागंज से लखनऊ के अमौसी तक लगभग 67 किलोमीटर लंबे सेक्शन का निर्माण किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में कारिडोर को बाराबंकी होते हुए अयोध्या तक विस्तारित किया जाएगा। पूरे मार्ग पर कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिससे प्रमुख शहरों के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों को भी तेज और आधुनिक रेल संपर्क मिलेगा।


इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी लखनऊ होगा, जिसे पूरे नेटवर्क का रीजनल इंटरचेंज हब बनाया जाएगा। यहां से यात्रियों को अन्य रेल, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

इससे रोजाना कानपुर, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी और अयोध्या के बीच आने-जाने वाले हजारों यात्रियों का समय बचेगा और सड़क यातायात का दबाव भी कम होगा। वहीं, अयोध्या तक हाईस्पीड रेल पहुंचने से धार्मिक पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। राम मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कानपुर और लखनऊ से बेहद कम समय में अयोध्या पहुंचने की सुविधा मिलेगी।


रैपिड रेल सेवा से कानपुर, लखनऊ और अयोध्या को जोड़ने के लिए डीपीआर और सर्वे का कार्य शुरू हो गया है। इस कार्य की जिम्मेदारी राइट्स संस्था को सौंपी गई है, वहीं नोडल एजेंसी के रूप में लखनऊ विकास प्राधिकरण को नामित किया गया है। 


यदि प्रस्तावित समयसीमा के अनुसार कार्य आगे बढ़ता है तो आने वाले वर्षों में प्रदेश को दिल्ली-एनसीआर की तरह आधुनिक रीजनल रैपिड ट्रांजिट नेटवर्क की सुविधा मिल सकेगी। इससे न केवल लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि प्रदेश के औद्योगिक, व्यावसायिक और पर्यटन विकास को भी नई रफ्तार मिलेगी।

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Vidushi Mishra

Sub Desk Editor at NewsASR.Com

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