लखनऊ, इटावा, दिल्ली को कनेक्ट करने वाला कानपुर का जाजमऊ गंगा पुल 4 महीने के लिए होगा बंद, वाहनों का बदलेगा रास्ता
जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को भी इसकी जानकारी दे दी गई है. ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार कर लिया गया है और जल्द ही पुल बंद करने की तारीख घोषित की जाएगी. उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल से पुल के निचले हिस्से की मरम्मत का काम लगातार चल रहा है. अब ऊपरी हिस्से का काम किया जाएगा. इसके लिए पुल पर सामान्य यातायात रोकना जरूरी है, ताकि काम सुरक्षित और तेजी से पूरा किया जा सके.
कानपुर और उन्नाव-लखनऊ के बीच रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों के लिए बड़ी खबर है. शहर का 46 साल पुराना और सबसे व्यस्त जाजमऊ गंगा पुल अब कुछ समय के लिए बंद होने जा रहा है.
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) पुल के सुदृढ़ीकरण के लिए इसे करीब चार महीने तक बंद करने की तैयारी में है. इस दौरान रोजाना 50 से 60 हजार वाहन दूसरे रास्तों से गुजरेंगे. ऐसे में ट्रैफिक का दबाव बढ़ना तय है और लोगों को लंबा रास्ता तय करने के साथ जाम जैसी परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है.
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार जाजमऊ गंगा पुल कई जगह से क्षतिग्रस्त हो चुका है. पुल की बेयरिंग भी कमजोर हो गई हैं, इसलिए इसकी मरम्मत अब टालना संभव नहीं है. एनएचएआई निदेशक पंकज यादव ने बताया कि पुल को बंद करने की सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं.
जिला प्रशासन और ट्रैफिक पुलिस को भी इसकी जानकारी दे दी गई है. ट्रैफिक डायवर्जन प्लान तैयार कर लिया गया है और जल्द ही पुल बंद करने की तारीख घोषित की जाएगी. उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल से पुल के निचले हिस्से की मरम्मत का काम लगातार चल रहा है. अब ऊपरी हिस्से का काम किया जाएगा. इसके लिए पुल पर सामान्य यातायात रोकना जरूरी है, ताकि काम सुरक्षित और तेजी से पूरा किया जा सके.
पुल बंद होने के बाद अलग-अलग दिशाओं से आने वाले वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते तय किए गए हैं. इटावा और एनएच-19 की ओर से चकेरी आने वाले वाहन बक्सर मोड़ होते हुए उन्नाव जाएंगे और वहां से रायबरेली के रास्ते आगे बढ़ सकेंगे.
फतेहपुर और बांदा की ओर से आने वाले वाहन एनएच-35 के जरिए रायबरेली पहुंचेंगे और वहां से उन्नाव होते हुए लखनऊ जाएंगे. कन्नौज की ओर से आने वाले वाहनों के लिए भी कई विकल्प रखे गए हैं.वाहन बिल्हौर होकर एसएच-40 से बांगरमऊ पहुंचकर लखनऊ जा सकेंगे. एसएच-38 के जरिए चकलबंशी होकर भी लखनऊ पहुंचने का रास्ता रहेगा. इसके अलावा चौबेपुर से सीतापुर-कानपुर मार्ग और अरौल कट से आगरा एक्सप्रेसवे के जरिए भी लखनऊ पहुंचा जा सकेगा.
अधिकारियों का कहना है कि पुल बंद रहने के दौरान शुरुआती दिनों में ट्रैफिक व्यवस्था संभालना बड़ी चुनौती होगी. ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन को डायवर्जन वाले रास्तों पर अतिरिक्त व्यवस्था करनी होगी ताकि लोगों को कम से कम परेशानी हो.
जाजमऊ गंगा पुल कानपुर, उन्नाव, लखनऊ के साथ इटावा, दिल्ली और बुंदेलखंड की ओर जाने वाले वाहनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्गों में से एक है. ऐसे में इसके बंद होने का असर पूरे क्षेत्र के यातायात पर पड़ेगा. हालांकि अधिकारियों का कहना है कि पुल को लंबे समय तक सुरक्षित बनाए रखने के लिए यह काम बेहद जरूरी है. एक नजर में पुल की लंबाई 700 मीटर है जिसकेसुदृढ़ीकरण पर खर्च 5.60 करोड़ रुपये आएगा.