Petrol-Diesel Price: आशंका है - पेट्रोल-डीजल 2.5 रुपए और होगा महंगा! रिपोर्ट जारी, चार बार में 7.5 बढ़ चुके हैं दाम
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है. भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी से भारत की अर्थव्यवस्था पर महंगाई का नया दबाव बन सकता है. आने वाले महीनों में ट्रांसपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग की बढ़ी हुई लागत का असर सीधे यूजर्स कीमतों पर दिख सकता है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारत में तेल कंपनियां पेट्रोल डीजल की कीमत में 2.5 रुपए तक का इजाफा कर सकती हैं। अभी देश में 15 मई से अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब ₹7.5 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हो चुकी है।
रेटिंग एजेंसी क्रिसिल ने मंगलवार (2 जून) को अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि, अगर ग्लोबल मार्केट में क्रूड ऑयल की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं, तो तेल कंपनियां अपना घाटा कम करने के लिए आने वाले दिनों में कुल बढ़ोतरी को ₹10 प्रति लीटर तक ले जा सकती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, फ्यूल की कीमतों में ₹7.5 प्रति लीटर की यह बढ़ोतरी सीधे तौर पर खुदरा महंगाई में करीब 36 बेसिस पॉइंट्स (0.36%) जोड़ सकती है। वहीं, अगर यह बढ़ोतरी ₹10 प्रति लीटर तक पहुंचती है, तो महंगाई पर इसका असर बढ़कर लगभग 48 बेसिस पॉइंट्स (0.48%) हो जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आने वाले महीनों में खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा के कंज्यूमर गुड्स पर दिखाई देगा।
मालभाड़ा बढ़ने से बिगड़ेगा रसोई का बजट
भारत में माल ढुलाई का करीब 71% हिस्सा सड़क परिवहन के जरिए होता है और ट्रांसपोर्टर्स के कुल ऑपरेटिंग खर्च में ईंधन (डीजल) की हिस्सेदारी लगभग 42% होती है। रिटेल फ्यूल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ेगी जो पूरी सप्लाई चेन को प्रभावित करेगी। क्रिसिल के मुताबिक, परिवहन पर निर्भर रहने वाली खाद्य श्रेणियां सबसे ज्यादा प्रभावित होंगी।