उप्र के संभल में अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन सख्त, बुलडोजर के बाद अब अवैध निर्माण पर लाखों का जुर्माना

प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में जुर्माने की राशि जमा नहीं की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ वसूली प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जिससे संपत्ति जब्ती या जेल तक की कार्रवाई हो सकती है. फिलहाल यह अभियान मुख्य रूप से सलेमपुर सलार (हाजीपुर) और राया बुजुर्ग गांवों में चलाया जा रहा है.

उप्र के संभल में अवैध अतिक्रमण पर प्रशासन सख्त, बुलडोजर के बाद अब अवैध निर्माण पर लाखों का जुर्माना

संभल जिले में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है. हाल ही में 17 मस्जिदों और अन्य संरचनाओं को गिराए जाने के बाद अब जिला प्रशासन ने सरकारी और तालाब की जमीन पर बने निर्माणों पर भारी आर्थिक दंड लगाना शुरू कर दिया है.


गुरुवार को असमोली क्षेत्र में हुई कार्रवाई के बाद तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने मस्जिद और मदरसा समेत छह संपत्तियों पर 75 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना लगाए जाने की घोषणा की. प्रशासन का कहना है कि यह जुर्माना वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण और उससे हुए पर्यावरणीय नुकसान को देखते हुए लगाया गया है.


संभल के जिलाधिकारी राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि बीते एक साल में दर्जनों तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है, जिन पर अवैध निर्माण कर लिए गए थे. इन तालाबों के पुनर्जीवित होने से इलाके के जलस्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।


प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि तय समय सीमा में जुर्माने की राशि जमा नहीं की गई तो संबंधित लोगों के खिलाफ वसूली प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा, जिससे संपत्ति जब्ती या जेल तक की कार्रवाई हो सकती है. फिलहाल यह अभियान मुख्य रूप से सलेमपुर सलार (हाजीपुर) और राया बुजुर्ग गांवों में चलाया जा रहा है.