काशी में बनेगा शिवा थीम पार्क, स्थापित होगा दुनिया का सबसे ऊंचा 130 फीट का शिवलिंग, जानें पूरी डिटेल्स
भेलूपुर में जो जलकल परिसर है उसकी 20 एकड़ की भूमि पर एक भव्य अर्बन पार्क विकसित कराए जाने की नगर निगम की योजना है। जो 100 करोड़ से अधिक की लगता से बनकर तैयार होगा। जिसमें 130 फिट ऊंचा शिवलिंग भी स्थापित किए जाने का प्रस्ताव भी शामिल है। क्योंकि काशी महादेव की नगरी है। महादेव के लिए काशी नगर निगम की ओर से यह भव्य शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। ये काशी की शिव नगरी होने की आइडेंटिटी को और भी मजबूत करेगा।
वाराणसी नगर निगम जल्द ही काशी में नयी कार्ययोजनाएं शुरू करने जा रहा है। इसी क्रम में वाराणसी के कमच्छा स्थित ब्रिटिश काल में बने जलकल परिसर में काशीवासियों के लिए एक वर्ल्ड लेवल का पार्क बनाने जा रहा है। जिसका डीपीआर पास हो चुका है। इस पार्क की सबसे बड़ी खासियत इसके बीचों-बीच बनने वाला 130 फीट ऊंचा शिवलिंग है। जिसे लेकर नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी हैं और अब इसका एक थ्रीडी वीडियो भी सामने आया है।
जानकारों की मानें तो यह शिवलिंग विश्व का सबसे ऊंचा शिवलिंग होगा। इसके पहले दुनिया का सबसे बड़ा और ऊंचा अखंड (एक ही पत्थर से बना) शिवलिंग बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के कैथवलिया में विराट रामायण मंदिर में स्थापित है। इसकी ऊंचाई 33 फीट है। और वजन लगभग 210 मीट्रिक टन है।
भेलूपुर में जो जलकल परिसर है उसकी 20 एकड़ की भूमि पर एक भव्य अर्बन पार्क विकसित कराए जाने की नगर निगम की योजना है। जो 100 करोड़ से अधिक की लगता से बनकर तैयार होगा। जिसमें 130 फिट ऊंचा शिवलिंग भी स्थापित किए जाने का प्रस्ताव भी शामिल है। क्योंकि काशी महादेव की नगरी है। महादेव के लिए काशी नगर निगम की ओर से यह भव्य शिवलिंग स्थापित किया जाएगा। ये काशी की शिव नगरी होने की आइडेंटिटी को और भी मजबूत करेगा।
नगर आयुक्त ने बताया - इस पार्क में एक वर्ल्ड क्लास सिटी पार्क के अंदर जो सुविधाएं होनी चाहिये। वो सभी होंगी। पार्क में एक बहुत बड़ा सिंथेटिक पाथ वे होगा। बहुत बड़ा फ़ूड प्लाजा होगा। बच्चों के खेलने के लिए इक्यूपमेंट, बुजुर्गों के लिए लाइब्रेरी की व्यवस्था होगी। काशी के जितने भी महापुरुष रहे हैं। उन सभी जीवनी, भारत और काशी में योगदान के बारे में वाल म्यूरल के द्वारा दर्शाया जाएगा।
नगर आयुक्त ने बताया - इस पार्क में काशी का एक म्यूजियम भी बनवाया जाएगा। जिसमें काशी से जुड़ी महत्वपूर्ण चीजें संजोई जाएगी। जिसमें वाराणसी का संगीत घराने, बनारसी खानपान का इतिहास, गंगा, श्रीकाशी विश्वनाथ धाम, काल भैरव मंदिर, संकटमोचन आदि से जुड़ी हुई महत्वपूर्ण चीजें लोगों को देखने को मिलेगी।
नगर आयुक्त ने बताया - इस पार्क में हमारी शिवलिंग के अलावा सबसे बड़ी योजना तारा मंडल की है। ताकि काशीवासी यहां आएं तो कुछ घंटे अपने सभी टेंशन और परेशानियां भूलकर अपने परिवार के साथ यहां इंजॉय कर सकें ताकि भागदौड़ की इस दुनिया में उन्हें कुछ सुकून मिल सके। यह पार्क काशी के लोगों के लिए है और हम लोगों का लक्ष्य है कि काशी के नागरिकों को एक अच्छा सिटी पार्क मिल जाए। एक ऐसी सुविधा मिल जाए जिससे आने वाली पीढ़ी को वो काशी के बारे में बता सकें और काशीवासियों को एक पिकनिक स्पॉट मिल सके। इसके लिए इसका निर्माण किया जा रहा है।
वर्तमान में दुनिया के सबसे बड़े अखंड शिवलिंग का रिकॉर्ड बिहार के पूर्वी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में स्थापित शिवलिंग के नाम दर्ज है। एक ही पत्थर से निर्मित इस शिवलिंग की ऊंचाई लगभग 33 फीट तथा वजन करीब 210 मीट्रिक टन बताया जाता है। धार्मिक और स्थापत्य दृष्टि से इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रस्तावित पार्क वाराणसी के धार्मिक पर्यटन को नया आयाम देगा। काशी पहले से ही काशी विश्वनाथ धाम और गंगा घाटों के कारण विश्वभर में प्रसिद्ध है। ऐसे में विशाल शिवलिंग और आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह पार्क श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
हालांकि परियोजना की लागत, निर्माण स्थल और समयसीमा को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है, लेकिन 130 फीट ऊंचे शिवलिंग की परिकल्पना ने धार्मिक और पर्यटन जगत में उत्सुकता बढ़ा दी है।
परियोजना पूरी होने के बाद श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव के साथ आधुनिक पार्क की सुविधाओं का लाभ भी मिल सकेगा। माना जा रहा है कि यह पहल वाराणसी की वैश्विक पहचान को और मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।