प्रयागराज से सोनभद्र तक 330 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी, योगी कैबिनेट ने लिए 16 बड़े फैसले

योगी कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रयागराज से सोनभद्र तक 330 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी हरी झंडी दे दी। यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा। विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे 117 किलोमीटर लंबा होगा। इसके निर्माण को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है।

प्रयागराज से सोनभद्र तक 330 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी, योगी कैबिनेट ने लिए 16 बड़े फैसले


आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक हुई। सीएम योगी के आवास पर हुई इस कैबिनेट मीटिंग में 16 प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। इस बैठक में बड़े फैसले नए एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर लिए गए। कैबिनेट के कई विभागों के प्रस्तावों को स्वीकृति दे दी है।


योगी कैबिनेट ने एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रयागराज से सोनभद्र तक 330 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे को मंजूरी दे दी। मंत्रिमंडल ने विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी हरी झंडी दे दी। यह एक्सप्रेसवे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा। विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे 117 किलोमीटर लंबा होगा। इसके निर्माण को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है।


योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के प्रस्ताव पर भी मुहर लगा दी है। कैबिनेट ने ईपीसी मोड में एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के निर्माण के लिए विकासकर्ता चयन का प्रस्ताव पास कर दिया।


उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल ने इसके अलावा महिला कल्याण, गृह, उच्च शिक्षा सहित कई विभागों के प्रस्तावों को मंजूरी दे दी है। राज्य कर, परिवहन, स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन और सहकारिता विभाग के प्रस्ताव भी कैबिनेट ने स्वीकृत कर दिए हैं।


कैबिनेट बैठक के बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी कि, 'लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं कैबिनेट के मंत्री गण के साथ कैबिनेट बैठक में सम्मिलित होकर जनसरोकार से सम्बंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा की। बैठक में उत्तर प्रदेश के समग्र विकास, जनकल्याण और सुशासन को नई मजबूती प्रदान करने वाले अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।'


यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र 3 अगस्त को शुरू होगा और 6 अगस्त तक चलेगा। कैबिनेट ने फैसला लिया है कि मानसून सत्र में राज्य सरकार अपने विधायी कार्य निपटाएगी। बताया जाता है कि मानसून सत्र में विपक्ष राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी कर रहा है। यानी यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र संसद की तरह हंगामेदार रहने के आसार हैं।