यूपी विधानसभा का मॉनसून सत्र 3 अगस्त से, बीजेपी और सपा के बीच हंगामे के आसार, उठेंगे ये मुद्दे

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अगला सत्र बुलाने का फैसला संविधान और उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली और कामकाज के नियमों के अनुरूप है, जिनके अनुसार विधानसभा के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए.  खन्ना ने बताया कि तीन अगस्त से शुरू होने वाले सत्र में अनुपूरक बजट, अध्यादेशों की जगह लेने वाले विधेयक पेश किये जायेंगे और अन्य विधायी कामकाज निपटाए जाएंगे.

Jul 21, 2026 - 16:12
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यूपी विधानसभा का मॉनसून सत्र 3 अगस्त से, बीजेपी और सपा के बीच हंगामे के आसार, उठेंगे ये मुद्दे


उत्तर प्रदेश विधानमंडल यानी विधानसभा और विधान परिषद् का मॉनसून सत्र 3 अगस्त से शुरू होगा. प्रस्तावित सत्र के काफी हंगामेदार होने के आसार हैं. विधानमंडल के सत्र की तारीखों की मंजूरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली कैबिनेट बैठक में मिली.


इस सत्र में एक ओर जहां भारतीय जनता पार्टी यह बताएगी कि उसने बीते 10 साल में कितने काम किए तो वहीं समाजवादी पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के विधायक राम मंदिर चढ़ावा चोरी, छात्रों के आंदोलन का मुद्दा उठा सकते हैं. 


विधानमंडल के सत्र में रामपुर स्थित जौहर यूनविर्सिटी का मामला भी सपा पुरजोर तरीके से उठाएगी.  यह सत्र ऐसे समय में हो रहा है जब यूपी में एसआईआर संपन्न हो चुका है और विपक्ष ने इस संदर्भ में गंभीर आरोप भी लगाए हैं. ऐसे में एसआईआर का मुद्दा भी सदन की कार्यवाही में उठ सकता है. 


विधानमंडल के सत्र के दौरान ही श्रावण मास भी होगा. इस दौरान पश्चिमी यूपी समेत पूरे राज्य में कांवड़ यात्रा को लेकर सरकार की प्रस्तावित गाइडलाइन्स पर भी विवाद होने के आसार हैं. संभावना है कि विपक्ष इसे भी मुद्दा बनाए. 


साथ ही साथ हाल के दिनों में बदले मौसम के बाद किसानों और फसलों को हुए नुकसान और उसके मुआवजे का मुद्दा भी विपक्ष उठा सकता है.

वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले यह आखिरी मॉनसून सत्र होगा ऐसे में अनुपूरक बजट भी पेश होने की संभावना है. 

बता दें विधानसभा का पिछला एक दिवसीय विशेष महिला सत्र 30 अप्रैल को बुलाया गया था और उसी दिन दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई थी, जबकि औपचारिक रूप से सात मई को सत्रावसान किया गया था. 


संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि अगला सत्र बुलाने का फैसला संविधान और उत्तर प्रदेश विधानसभा की कार्यप्रणाली और कामकाज के नियमों के अनुरूप है, जिनके अनुसार विधानसभा के दो सत्रों के बीच छह महीने से ज्यादा का अंतर नहीं होना चाहिए.  खन्ना ने बताया कि तीन अगस्त से शुरू होने वाले सत्र में अनुपूरक बजट, अध्यादेशों की जगह लेने वाले विधेयक पेश किये जायेंगे और अन्य विधायी कामकाज निपटाए जाएंगे.

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Shivani_Mishra

Shivani Mishra Desk Editor in NewsAsr.com and having vast experience in field of Journalism

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