'सॉरी मम्मी...उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका', BHU के जूनियर रेजिडेंट ने दी जान! लगाई एनेस्थीसिया की दवा 

नोट में मृतक ने लिखा कि वह यह कदम अपनी इच्छा से उठा रहा है और इसके लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार न ठहराया जाए। उसने विशेष रूप से एक युवती का उल्लेख करते हुए लिखा कि वह बहुत अच्छी लड़की है, उससे बेहद प्यार करती थी और उसके लिए काफी कुछ किया है। इसलिए उसे किसी भी तरह दोषी न ठहराया जाए और उसका ख्याल रखा जाए।

'सॉरी मम्मी...उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका', BHU के जूनियर रेजिडेंट ने दी जान! लगाई एनेस्थीसिया की दवा 


 बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) के सुश्रुत छात्रावास में चिकित्सा विज्ञान संस्थान के एक जूनियर रेजिडेंट ने नसों में एनेस्थीसिया की दवा की ड्रिप लगाकर जान दे दी।

मृतक ऋत्विक कुंडू (26) प्रथम वर्ष का जूनियर रेजिडेंट था। वह बंगाल के हुगली जिले का निवासी था।

ऋत्विक छात्रावास की छठी मंजिल पर स्थित अपने कमरे में था। रात करीब 10 बजे उसके सीनियर छात्रों ने उसे फोन किया, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद साथी छात्र उसके कमरे तक पहुंचे। वहां देखा कि वह किसी दवा की ड्रिप लगाए मृत अवस्था में पड़ा था।

साथी छात्रों ने तत्काल विश्वविद्यालय के प्राक्टोरियल बोर्ड और पुलिस को सूचना दी। लंका थाना पुलिस और फारेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई तथा जांच-पड़ताल शुरू कर दी। घटनास्थल से पुलिस को एक हस्तलिखित सुसाइड नोट भी मिला।

नोट में मृतक ने लिखा कि वह यह कदम अपनी इच्छा से उठा रहा है और इसके लिए किसी अन्य व्यक्ति को जिम्मेदार न ठहराया जाए। उसने विशेष रूप से एक युवती का उल्लेख करते हुए लिखा कि वह बहुत अच्छी लड़की है, उससे बेहद प्यार करती थी और उसके लिए काफी कुछ किया है। इसलिए उसे किसी भी तरह दोषी न ठहराया जाए और उसका ख्याल रखा जाए।

नोट में मृतक ने अपने माता-पिता के प्रति गहरा लगाव भी व्यक्त किया है। उसने लिखा कि वह उनका अंतिम सहारा था और उसके जाने के बाद उन्हें गहरा आघात पहुंचेगा। अपनी मां, पिता और बहन से माफी मांगते हुए उसने लिखा कि वह उनकी उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका।

मृतक ने यह भी लिखा कि बाहर से उसका जीवन अच्छा दिखता था, लेकिन भीतर ही भीतर वह गंभीर संघर्ष से गुजर रहा था। अंत में उसने परिवार, दोस्तों और सभी परिचितों से क्षमा मांगते हुए सभी का ध्यान रखने की बात लिखी है और अलविदा दुनिया लिखकर अपना संदेश समाप्त किया।