सीएम योगी की पाती, कहा- 'युवा शक्ति ही विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी, राष्ट्रनिर्माण में निभाएं भूमिका'
सीएम योगी ने कहा, 'किशोरावस्था और युवावस्था जीवन का एक स्वर्णिम दौर है। तरुणाई अंगड़ाई लेती है और सपने आकार लेते हैं। व्यक्तित्व का निर्माण होता है तथा कुछ कर गुजरने की लालसा बलवती होती है। यही समय तय करता है कि हमारी ऊर्जा और सामर्थ्य केवल हमारे अपने भविष्य को आकार देंगे या समाज और राष्ट्र के भविष्य को भी नई दिशा देंगे।'
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम पाती लिखी है। सीएम योगी ने अपनी पाती में 'हर घर तिरंगा' यात्रा का जिक्र किया है। साथ ही युवा साथियों से कहा कि आत्मनिर्माण से राष्ट्रनिर्माण का महती दायित्व आपके कंधों पर है। आपकी ऊर्जा, प्रतिभा, अनुशासन एवं संकल्प से ही विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का लक्ष्य साकार होगा। यही युवा शक्ति उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है।
सीएम योगी ने पाती में आगे लिखा, 'मेरे सम्मानित प्रदेशवासियों, उत्तर प्रदेश में पांच करोड़ घरों में तिरंगा फहराने के महायज्ञ की आज पूर्णाहुति हो रही है। 'हर घर तिरंगा' महा-अभियान में उत्साह एवं उमंग के साथ सहभागी बने आप सभी प्रदेशवासियों को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रदेश का नवसामर्थ्य जब विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धिमों के रूप में झलकता है, तो मन हर्षित हो उठता है।'
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पाती को शेयर करते हुए सीएम योगी ने लिखा, 'जब संकल्प का कोई विकल्प नहीं रह जाता, तभी असंभव लक्ष्य भी सिद्ध हो पाते हैं। स्वतंत्रता दिवस हमें सदैव उन वीरों के ऐसे ही संकल्पों का स्मरण कराता है, जो देश के लिए हंसते-हंसते शहीद हो गए। बाबू बंधू सिंह, खुदीराम बोस, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, ठाकुर रोशन सिंह एवं पंडित राम प्रसाद 'बिस्मिल' जैसे मां भारती के अनेक वीर सपूतों ने युवावस्था में ही अपना सर्वस्व राष्ट्र को समर्पित कर दिया।'
सीएम योगी ने कहा, 'किशोरावस्था और युवावस्था जीवन का एक स्वर्णिम दौर है। तरुणाई अंगड़ाई लेती है और सपने आकार लेते हैं। व्यक्तित्व का निर्माण होता है तथा कुछ कर गुजरने की लालसा बलवती होती है। यही समय तय करता है कि हमारी ऊर्जा और सामर्थ्य केवल हमारे अपने भविष्य को आकार देंगे या समाज और राष्ट्र के भविष्य को भी नई दिशा देंगे।'
सीएम योगी ने कहा, 'हमारा गौरवशाली इतिहास ऐसे अनेक दृष्टांतों से परिपूर्ण है, जब भारतीय विभूतियों ने उम्र की सीमाओं से परे जाकर देश और दुनिया को मार्ग दिखाया। आदि शंकराचार्य ने अल्पायु में ही भारत की आध्यात्मिक चेतना को एक सूत्र में पिरो दिया। स्वामी विवेकानंद ने युवावस्था में ही भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक शक्ति का संदेश विश्व मंच तक पहुंचाया। इनका जीवन सिखाता है कि उम्र छोटी हो सकती है, लेकिन संकल्प और सामर्थ्य बड़ा होना चाहिए।'
सीएम योगी ने पाती में लिखा, 'जब में 26 साल की अवस्था में पहली बार लोकसभा के लिए निर्वाचित हुआ और सार्वजनिक जीवन का व्रत लिया, तब से अब तक मेरे सामने भी राष्ट्रसेवा एवं जनसेवा के यहीं आदर्श सर्वोपरि रहे हैं। आज प्रदेश सरकार युवाओं को आगे बढ़ने के लिए हरसंभव अवसर प्रदान कर रही है। विगत साढ़े 9 सालों में शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार, स्वरोजगार और खेल के क्षेत्र में अनेक अवसर उपलब्ध कराए गए हैं। आवश्यकता है कि किशोर एवं युवा इन अवसरों का लाभ उठाएं।'
सीएम योगी ने कहा, 'अपने संकल्प को राष्ट्रनिर्माण के वृहद लक्ष्य से जोड़ें और उसे सुदृढ़ करने के लिए नियमित योग एवं व्यायाम को जीवन का अंग बनाएं। तिरंगे के मूल्यों- शौर्य, शांति और समृद्धि को अपने जीवन में उतारें। जाति-पाति से ऊपर उठकर एकता एवं समरसता का मार्ग चुनें।'
इसके साथ ही सीएम योगी ने अपनी पाती में अंत में कहा, 'युवा साथियों, आत्मनिर्माण से राष्ट्रनिर्माण का महती दामित्व आपके कंधों पर है। आपकी ऊर्जा, प्रतिभा, अनुशासन एवं संकल्प से ही विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का लक्ष्य साकार होगा। यही युवा शक्ति उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है।'
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