36 साल बाद अब बदलेगा लखनऊ में LDA की आवासीय योजनाओं का स्वरूप
प्रस्ताव में साफ है कि नए सिरे से री स्ट्रक्चर और री डिजाइनिंग का वर्क किया जाएगा। जो लोग अवैध तरीके से बसे हैं, उनसे भवन खाली कराते हुए नए सिरे से आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसी तरह पेपर मिल कालोनी में स्थित पुराने भवनों का सर्वे व परीक्षण कराने के बाद प्रस्ताव तैयार कराए जाने की तैयारी हो रही है।
एलडीए की ओर से पुरानी आवासीय योजनाओं को नया स्वरूप देने संबंधी कदम उठाने की तैयारी की गई है। इसके अंतर्गत कानपुर रोड योजना को भी शामिल किया गया है। यह योजना करीब 36 साल पहले डेवलप की गई थी और अब इसे नया स्वरूप देने की तैयारी है।
इस कदम को उठाने का फायदा यह है कि यहां रहने वाले वैध अध्यासियों को बड़ी राहत मिलेगी, वहीं जो अवैध तरीके से बसे हुए हैं, उन्हें हटाया जाएगा। इसके साथ ही एलडीए की ओर से अन्य योजनाओं में भी यही प्लानिंग की जा रही है, जिससे लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
कानपुर रोड योजना के सेक्टर-जी में वर्ष 1990 में लगभग एक हजार डबल स्टोरी भवन निर्मित किये गये थे। इनमें से अधिकांश भवनों में अनाधिकृत लोग अध्यासित हैं। इस योजना के पुनर्विकास के लिए भी प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है।
प्रस्ताव में साफ है कि नए सिरे से री स्ट्रक्चर और री डिजाइनिंग का वर्क किया जाएगा। जो लोग अवैध तरीके से बसे हैं, उनसे भवन खाली कराते हुए नए सिरे से आवंटन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसी तरह पेपर मिल कालोनी में स्थित पुराने भवनों का सर्वे व परीक्षण कराने के बाद प्रस्ताव तैयार कराए जाने की तैयारी हो रही है।