शाबाश प्रज्ञानानंद: हारा जरूर लेकिन छूटवा दिए पसीने, दो दिनों तक चला फाइनल मैच, टाईब्रेकर में कार्लसन से हारे
दोनों खिलाड़ियों के बीच फाइनल की बाजी दो दिन में खेली गई. पहले दिन दोनों बाजी ड्रॉ रही. जिसके बाद टाईब्रेकर के जरिए 24 अगस्त को चैंपियन का परिणाम निकाला गया. कार्लसन टाईब्रेकर मुकाबले में पहली बाजी मारने में कामयाब रहे. वहीं दूसरी बाजी में प्रज्ञानानंद के पास वापसी करने का मौका था, लेकिन वह यहां चूक गए और टाईब्रेकर का दूसरा मैच ड्रॉ रहा. इसके साथ ही चैंपियन का भी निर्णय हो गया. कार्लसन चेस वर्ल्ड कप 2023 का खिताब अपने नाम करने में कामयाब रहे.
फिडे वर्ल्ड कप शतरंज टूर्नामेंट का फाइनल मैच भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा और दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन के बीच खेला गया.
भारत के 18 साल के ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंदा को मैग्नस कार्लसन ने पहले टाईब्रेकर में हराकर खिताब अपने नाम कर लिया है. उतार चढाव से भरे इस मुकाबले में प्रज्ञानानंदा ने दबाव में आकर अंक गंवा दिए . कार्लसन ने 45 चालों में पहला गेम जीता.
बता दे कि चेस वर्ल्ड कप 2023 के फाइनल मुकाबले में रमेशबाबू प्रज्ञानानंद को निराशा हाथ लगी है. 18 वर्षीय युवा ग्रैंडमास्टर का फाइनल में भिड़ंत नॉर्वे के ग्रैंडमास्टर मैग्नस कार्लसन के साथ थी. यहां उन्हें कार्लसन के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा है.
दोनों खिलाड़ियों के बीच फाइनल की बाजी दो दिन में खेली गई. पहले दिन दोनों बाजी ड्रॉ रही. जिसके बाद टाईब्रेकर के जरिए 24 अगस्त को चैंपियन का परिणाम निकाला गया.
कार्लसन टाईब्रेकर मुकाबले में पहली बाजी मारने में कामयाब रहे. वहीं दूसरी बाजी में प्रज्ञानानंद के पास वापसी करने का मौका था, लेकिन वह यहां चूक गए और टाईब्रेकर का दूसरा मैच ड्रॉ रहा. इसके साथ ही चैंपियन का भी निर्णय हो गया. कार्लसन चेस वर्ल्ड कप 2023 का खिताब अपने नाम करने में कामयाब रहे.
प्रज्ञानानंद फाइनल से पूर्व सेमीफाइनल मुकाबले में दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी फाबियानो करूआना को शिकस्त देते हुए यहां तक पहुंचे थे. सेमीफाइनल में उन्होंने करूआना को 3-5 और 2-5 से हराया था. युवा खिलाड़ी की यह ऐतिहासिक जीत रही थी. दो मैचों की क्लासिकल सीरीज 1-1 से बराबरी पर छूटने के बाद प्रज्ञानानंद ने टाईब्रेकर में अमेरिकी ग्रैंडमास्टर को पछाड़ दिया था.

भारत के 18 साल के ग्रैंडमास्टर ने अपने से अधिक अनुभवी और बेहतर रैंकिंग वाले खिलाड़ी के खिलाफ काफी प्रभावशाली प्रदर्शन किया. इससे पहले प्रज्ञानानंदा ने पहले राउंड में सफेल मोहरों से खेलते हुए विरोधी खिलाड़ी को 35 चाल के बाद ड्रॉ के लिए राजी किया था. वहीं, दूसरी बाजी भी बराबरी पर खत्म हुई थी. आर प्रज्ञानानंदा ने फाइनल के दूसरे दिन 30 चालों में काले मोहरों से खेलते हुए मैग्नस कार्लसन (Magnus Carlsen) को बराबरी पर रोकने में सफल रहे थे.
चेस वर्ल्ड कप 2023 के विजेता कार्लसन ने पहली बार इस खिताब को अपने नाम किया है. विजेता खिलाड़ी के रूप में अब उन्हें बतौर इनामी राशी के रूप में एक लाख 10 हजार अमेरिकी डॉलर मिलेंगे. अगर इसी भारतीय रूपये में देखें तो यह लगभग 90,93,551 रूपये होते हैं.
प्रज्ञानानंदा ने सेमीफाइनल में दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी फाबियानो करूआना को 3.5-2.5 से हराकर उलटफेर करते हुए फाइनल में जगह बनाई थी. प्रज्ञानानंदा महान खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद के बाद वर्ल्ड कप फाइनल में जगह बनाने वाले सिर्फ दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं. वह 2024 में होने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई कर चुके हैं.

प्रज्ञानानंदा 2022 में ग्रैंडमास्टर का टाइटल, साल 2013 में वर्ल्ड युथ चेस चैंपियनशिप अंडर-8 का टाइटल, सात साल की उम्र में FIDE Master और साल 2015 में अंडर-10 का टाइटल अपने नाम कर चुके हैं. आर प्रज्ञानानंदा ने साल 2022 में ग्रैंडमास्टर का टाइटल भी जीता था.
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