कानपुर में 54 साल का मानसून ने तोड़ा रिकार्ड, 16 घंटे में 105.3 मिमी वर्षा, जानें दो दिन का मौसम पूर्वानुमान
गरज चमक से लोग जाग गए। फिर वर्षा होने का शुरू हुआ सिलसिला सुबह नौ बजे तक जारी रहा। शाम पांच बजे के बाद छाए काले बादल फिर बरसे। कैंट क्षेत्र में 48 मिमी और काकादेव में 16.8 मिमी बारिश हुई। वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि ये वर्षा धान की रोपाई के लिए फायदेमंद है। किसानों को सलाह है कि खेतों में जलनिकासी का प्रबंध कर लें। कीटनाशक का प्रयोग वर्षा रुकने के बाद ही करें। आठ जुलाई से फिर बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
मानूसन ने शहर में दस्तक दे दी है। शुक्रवार को मानसून पूरे शहर में मेहरबान रहा। आसमान में छाए बदरा झमाझम बरसे। मानसून सीजन की पहली बरसात का स्तर 105.3 मिमी रिकार्ड किया गया। तीन जुलाई की तारीख में पिछले 54 वर्षों में कभी इतनी वर्षा नहीं हुई। शहर में सुबह तक 99.8 और फिर शाम को 5.5 मिमी सहित पूरे दिन में कुल 105.3 मिमी वर्षा हुई। वर्षा बंद होने के बाद उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया।
वहीं, सीएसए कृषि विश्वविद्यालय के कृषि व मौसम विज्ञान केंद्र में वर्ष 1972 से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक तीन जुलाई की तारीख में कभी इतनी बारिश नहीं हुई। एक जुलाई 2011 में 101 मिमी और छह जुलाई 2008 में 209.4 मिमी वर्षा का स्तर दर्ज किया गया था। केंद्र में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 35.6 और न्यूनतम तापमान 24.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वातावरण में नमी का अधिकतम प्रतिशत 99 और न्यूनतम प्रतिशत 59 रहा।
पूरे दिन उत्तर पूर्वी दिशा से हवा चलती रही। वातावरण में नमी का प्रवाह बढ़ने से पांच जुलाई तक पाकेट्स में वर्षा होने के आसार हैं। मौसम विभाग के अनुसार, यूपी में मानसून अधिक सक्रिय नहीं है, लेकिन शुक्रवार को मध्य प्रदेश से आए मानसूनी बादल कानपुर पर मेहरबान हो गए। जिससे कम दबाव का क्षेत्र बना।
रात 3:35 बजे 40-45 किमी प्रति घंटा की तेज रफ्तार से हवा चलना शुरू हुई। गरज चमक से लोग जाग गए। फिर वर्षा होने का शुरू हुआ सिलसिला सुबह नौ बजे तक जारी रहा। शाम पांच बजे के बाद छाए काले बादल फिर बरसे। कैंट क्षेत्र में 48 मिमी और काकादेव में 16.8 मिमी बारिश हुई।
वरिष्ठ मौसम विशेषज्ञ डा. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि ये वर्षा धान की रोपाई के लिए फायदेमंद है। किसानों को सलाह है कि खेतों में जलनिकासी का प्रबंध कर लें। कीटनाशक का प्रयोग वर्षा रुकने के बाद ही करें। आठ जुलाई से फिर बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।
सीएसए-99.8 मिमी
कंपनी बाग- 97.5 मिमी
काकादेव- 88.7 मिमी
एयरफोर्स स्टेशन- 47.8 मिमी
नौबस्ता- 39.7 मिमी
सिविल लाइंस- 83.5 मिमी