यूपी पुलिस के एनकाउंटर में 50000 का इनामी बदमाश विपुल उर्फ 'खूनी' ढेर
एसपी ने कहा कि बागपत पुलिस और मेरठ एसटीएफ को उसके सिंघावली अहीर क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी. इसके बाद संयुक्त टीम ने घेराबंदी की. पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देख विपुल ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.
बागपत पुलिस और मेरठ एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में 50 हजार रुपये का इनामी कुख्यात बदमाश विपुल उर्फ खूनी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई को पुलिस ने बड़ी कामयाबी बताया है. मारे गए बदमाश पर हत्या, लूट, डकैती, गैंगस्टर समेत 38 से अधिक संगीन मुकदमे दर्ज थे. वह लंबे समय से फरार चल रहा था और शामली पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था.
पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय ने बताया कि मारा गया बदमाश विपुल उर्फ खूनी पुत्र नेत्रपाल सिंह, थाना कांधला क्षेत्र के भभीसा गांव का निवासी था. वह कुख्यात सुशील मूंछ गैंग का सक्रिय सदस्य और शार्प शूटर माना जाता था. पुलिस को उसकी काफी समय से तलाश थी.
एसपी ने कहा कि बागपत पुलिस और मेरठ एसटीएफ को उसके सिंघावली अहीर क्षेत्र में होने की सूचना मिली थी. इसके बाद संयुक्त टीम ने घेराबंदी की. पुलिस के अनुसार खुद को घिरता देख विपुल ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की. मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गया. उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया.
एसपी ने बताया कि वर्ष 2014 में विपुल ने अपने साथियों के साथ मिलकर चर्चित अपराधी भीम भभीसा की हत्या की थी. इसी वर्ष हुए पवन हत्याकांड में भी वह आरोपी था, जिसका मुकदमा अभी न्यायालय में विचाराधीन है. जमानत पर रिहा होने के बाद वह अदालत में पेश नहीं हो रहा था, जिसके चलते उसके खिलाफ वारंट भी जारी थे.
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2017 में सहारनपुर के मानपुर क्षेत्र में वाहन लूट की घटना के बाद पुलिस को सूचना देने के शक में तत्कालीन महिला प्रधान की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था. इसके अलावा हाल ही में उसने एक पुराने मुकदमे के वादी से केस में खर्च हुए पैसे की मांग करते हुए जान से मारने की धमकी दी थी. इस संबंध में कांधला थाने में नया मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसके बाद से वह फरार चल रहा था.
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से दो पिस्टल, एक बाइक और कारतूस बरामद किए हैं. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले में अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि विपुल के मारे जाने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय अपराधियों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है.