'जिनके इशारे पर जर्जर भवन दिखा रहे, ये उन्हीं के स्मारक हैं…' जानिए सपा पर क्यों भड़के सीएम योगी?
माध्यमिक शिक्षा के स्तर पर पुराने और जर्जर भवनों को नए भवन के रूप में बदलने का काम किया है. कुछ लोग जर्जर भवनों को फोटोग्राफ्स सोशल मीडिया में दिखा रहे हैं. जिन लोगों के इशारे पर दिखा रहे हो न, ये उन्हीं के स्मारक हैं, जिनके इशारे पे दिखा रहे हो. हमारे यहां जाना है, प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत जो नए भवन विद्यालयों के बने हैं, ये आज की नई शिक्षा व्यवस्था की जो नकलविहीन, अकल से युक्त शिक्षा प्रणाली का आधार बन रहा है.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को लखनऊ में आयोजित एक सामरोह में पिछली सरकार पर शिक्षा व्यवस्था के जर्जर हालात को लेकर हमला बोला. उन्होंने 3.54 लाख मिड-डे मील रसोइयों के सम्मान समारोह में समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर हमला बोला.
उन्होंने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को लेकर कहा, ‘कुछ लोग जर्जर भवनों की फोटोग्राफ सोशल मीडिया पर दिखा रहे हैं. जिन लोगों के इशारे पर दिखा रहे हो न, ये उन्हीं के स्मारक हैं, जिनके इशारे पर दिखा रहे हो.’ उन्होंने स्कूलों में घुसकर वीडियो बनाने वाले पर एफआईआर करने के आदेश दिए हैं.
सीएम योगी ने अपने भाषण में पूर्ववर्ती सरकारों पर खासकर सपा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘सपाई तो आकर के सबको निकालकर अपने लोगों को बिठा देते थे. फिर बच्चों के इस मिड-डे मील पर भी डकैती डलवा देते थे. लेकिन आज इस व्यवस्था को कोई नहीं छेड़ सकता.’
सीएम योगी ने शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के तहत माध्यमिक शिक्षा के स्तर पर पुराने और जर्जर भवनों को नए और आधुनिक भवनों में बदला जा रहा है.
उन्होंने कहा, ‘आज की नई शिक्षा व्यवस्था ‘नकल मुक्त और अकल से युक्त’ प्रणाली का आधार बन रही है. जो परीक्षाएं पहले तीन-तीन महीने चलती थीं, अब वे 14 दिन में खत्म होती हैं और अगले 15 दिन में परिणाम आ जाते हैं. 6 महीने का काम एक महीने के अंदर पूरा किया जा रहा है. यही कार्य की कुशलता है, जो नए यूपी को स्किल में बदल रही है.’
माध्यमिक शिक्षा के स्तर पर पुराने और जर्जर भवनों को नए भवन के रूप में बदलने का काम किया है. कुछ लोग जर्जर भवनों को फोटोग्राफ्स सोशल मीडिया में दिखा रहे हैं. जिन लोगों के इशारे पर दिखा रहे हो न, ये उन्हीं के स्मारक हैं, जिनके इशारे पे दिखा रहे हो. हमारे यहां जाना है, प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत जो नए भवन विद्यालयों के बने हैं, ये आज की नई शिक्षा व्यवस्था की जो नकलविहीन, अकल से युक्त शिक्षा प्रणाली का आधार बन रहा है.
और समय सीमा के अंदर परीक्षा होना, 17 के पहले 3 महीने परीक्षा में लगते थे, 3 महीने परिणाम में लगते थे, तो 6 महीने तो यही गायब हो गए. 3 महीने अन्य अवकाश में और कर्फ्यू में व्यतीत हो जाता था. 3 महीने भी नहीं मिलते थे बच्चों को पढ़ने के लिए. और अब, 14 दिन में परीक्षा, अगले 14-15 दिन में परिणाम. यानी जो 3 महीने में होता था, उसको 1 महीने के अंदर पूरा परिणाम देकर के हमने 6 महीने का काम 1 महीने के अंदर पूरा किया है. यह है कार्य की कुशलता.
और यही है स्किल डेवलपमेंट. यही स्किलिंग है. इन नए यूपी को यहां के स्केल को स्किल में बदलने का काम आज हमारी शिक्षा व्यवस्था कर रही है. और उसका आधार बेसिक शिक्षा परिषद बन रही है.
मुझे प्रसन्नता है, मैं आप सभी रसोइया बहनों से कहूंगा, एक साथ पहली बार 4 योजनाओं से आप जुड़ रहे हैं. 4 प्रकार की योजनाओं से. कभी नहीं हुआ, कभी किसी ने नहीं दिया. सपाई तो आकर के सबको निकाल कर के अपने लोगों को बिठाकर के फिर बच्चों के भी इस मिड डे मील पर डकैती डलवा देते थे. आज तो कोई नहीं छेड़ सकता. अब तो हमने व्यवस्था दे दी है.
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