Uddhav Shiv Sena Split: 'कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं, पर वफादार नहीं होते', संजय राउत के बिगड़े बोल
उद्धव ठाकरे या शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत का नाम लिए बिना शिंदे ने यूबीटी गुट की ‘ऑपरेशन तुड़वा’ वाली चेतावनी का जवाब दिया. राउत ने धमकी दी थी कि अगर बागी विधायक अपने चुनाव क्षेत्रों में आए तो पार्टी कार्यकर्ता उन्हें कुचल देंगे. शिंदे ने राउत के राजनीतिक कद का मजाक उड़ाया और यूबीटी नेतृत्व को खुली और कड़ी चुनौती दी. उन्होंने कहा, ‘देखो आज यह शेर तुम्हारे ठीक सामने खड़ा है. पिछले कुछ दिनों से देख रहे हैं कि कुछ कुत्ते रोज भौंकते हैं.’ उन्होंने टिप्पणी की कि कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, जबकि शेर अकेला चलता है.
महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने पार्टी के 60वें स्थापना दिवस समारोह में उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) पर निशाना साधा. ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर चल रही अटकलों के बीच एकनाथ शिंदे ने जल्द ही होने वाले राजनीतिक बदलाव के बड़े संकेत दिए.
उन्होंने कहा कि यह तो बस ट्रेलर है, असली फिल्म तो अभी आनी बाकी है. पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए शिंदे ने तीखे शब्दों में उन विपक्षी नेताओं को जवाब दिया जो इस संभावित दलबदल को लेकर उन पर निशाना साध रहे थे. उन्होंने कहा कि लोग पूछ रहे थे कि वह क्या कहेंगे और मंच पर कौन-कौन होगा.
उन्होंने कहा, ‘देखो आज यह शेर तुम्हारे ठीक सामने खड़ा है. पिछले कुछ दिनों से देख रहे हैं कि कुछ कुत्ते रोज भौंकते हैं.’ उन्होंने टिप्पणी की कि कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, जबकि शेर अकेला चलता है.
शिवसेना (यूबीटी) में संभावित टूट की अटकलों के बीच पार्टी सांसद संजय राउत ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक रहस्यमय पोस्ट साझा कर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी. राउत ने एक तस्वीर पोस्ट की, जिस पर हिंदी में लिखा था, ‘कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं, लेकिन वफादार नहीं होते.’ इसके साथ उन्होंने ‘जय महाराष्ट्र’ कैप्शन भी लिखा. यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब खबरें हैं कि शिवसेना (यूबीटी) के छह लोकसभा सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं. राउत की पोस्ट को संभावित बागी नेताओं पर तंज के रूप में देखा जा रहा है.
उद्धव ठाकरे या शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत का नाम लिए बिना शिंदे ने यूबीटी गुट की ‘ऑपरेशन तुड़वा’ वाली चेतावनी का जवाब दिया. राउत ने धमकी दी थी कि अगर बागी विधायक अपने चुनाव क्षेत्रों में आए तो पार्टी कार्यकर्ता उन्हें कुचल देंगे. शिंदे ने राउत के राजनीतिक कद का मजाक उड़ाया और यूबीटी नेतृत्व को खुली और कड़ी चुनौती दी.
उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने दावा किया था कि वह भेड़ियों का ऑपरेशन करेंगे, लेकिन उन्होंने मजाक उड़ाते हुए कहा, ‘वह तो बस एक कंपाउंडर है. एक कंपाउंडर ऑपरेशन कैसे कर सकता है? यहां श्रीकांत शिंदे (उनके बेटे) ही असली डॉक्टर हैं. भले ही मैं डॉक्टर नहीं हूं, फिर भी मुझे ऑपरेशन करना आता है और ऑपरेशन करने के लिए शेर जैसा दिल चाहिए होता है, भेड़िये जैसा नहीं.’
बता दे कि ऑपरेशन टाइगर को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. शिवसेना के विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र में सांसद श्रीकांत शिंदे और दिल्ली में पार्टी के नेशनल कोऑर्डिनेटर अभिषेक वर्मा की रणनीति के तहत इस अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली के एक पांच सितारा होटल में हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल अष्टिकर, मुंबई के सांसद संजय दीना पाटिल और यवतमाल के सांसद संजय देशमुख, अभिषेक वर्मा के साथ बैठक करते नजर आए. माना जा रहा है कि यह मुलाकात राजनीतिक घटनाक्रम से जुड़ी अहम कड़ी हो सकती है.
सूत्रों का दावा है कि ऑपरेशन टाइगर की तैयारी पिछले कई महीनों से चल रही थी, जिसे 16-17 जून की रात दिल्ली में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गोपनीय तरीके से अंतिम रूप दिया. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.
जून 2022 में अपनी बगावत को याद करते हुए शिंदे ने कहा कि उन्हीं नेताओं ने चार साल पहले उन्हें धमकी दी थी, जब वे मुंबई लौटे थे. उन्होंने मुझसे कहा कि मुझे वर्ली होकर आना होगा. मुंबई किसी की निजी जागीर नहीं है. मैं सड़क मार्ग से अकेले आया, एयरपोर्ट पर हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल नहीं किया और वर्ली में रुका भी.
उस समय, जो लोग मुझे धमकी दे रहे थे, वे अपने घरों में बैठकर मुझे ऑनलाइन देख रहे थे. वरिष्ठ नेता रामदास कदम की बातों का समर्थन करते हुए शिंदे ने चेतावनी दी कि अगर यूबीटी गुट ऑपरेशन तुड़वा की बात करता है तो उनमें उनके गुट का सामना करने की हिम्मत होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि क्या हमारे जोशीले शिवसैनिक किसी को कुचलने के लिए आपके पैर सलामत छोड़ेंगे? हमारे कार्यकर्ता बालासाहेब ठाकरे की कट्टर विचारधारा को मानते